{"_id":"578e81814f1c1b1c7fc4bae1","slug":"ricr-millers-against-the-govt-for-rest-money-kurukshetra","type":"story","status":"publish","title_hn":"सरकार ने अटकाया करोड़ों रुपये का भुगतान, राईस मिलर्स लामबंद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सरकार ने अटकाया करोड़ों रुपये का भुगतान, राईस मिलर्स लामबंद
अमर उजाला/ब्यूरो/कुरुक्षेत्र
Updated Wed, 20 Jul 2016 01:07 AM IST
विज्ञापन
बैठक के दौरान राइस मिलर्स
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हरियाणा के राईस मिलर्स ने कस्टम मिलिंग में किराया-भाड़े में भेदभाव करने और भुगतान न करने पर सरकार के खिलाफ तेवर कड़े कर लिए हैं। लाडवा आनजमंडी धर्मशाला में सोमवार शाम प्रदेश के राईस मिलर्स व डीलर्स की एक विशेष बैठक हरियाणा प्रदेश राईस मिलर्स एंड डीलर्स एसोसिएशन के बैनर तले संपन्न हुई जिसमें पूरे प्रदेश से राईस मिलर्स ने भाग लिया। बैठक की अध्यक्षता एसोसिएशन के कार्यकारी प्रधान जयपाल जैन करनाल ने की। बैठक में प्रदेश सरकार पर धान की कस्टम मिलिंग करने वाले मिलर्स को बारदाने की घिसाई डेपरिसिएशन, धान व चावल की ढुलाई का भाड़ा और आगामी धान के सीजन की मिलिंग पॉलिसी पर चर्चा की गई। बैठक के दौरान अनेक वक्ताओं ने धान का मंडियों से सेलर तक और चावल का सेलर से भारतीय खाद्य निगम के गोदामों तक का किराया न देने, बारदाने की घिसाई का भुगतान न करने व केंद्र सरकार की हरियाणा व पंजाब के लिए एक ही पॉलिसी होने के बावजूद हरियाणा के राईस मिलर्स से पंजाब के मुकाबले भेदभाव करने के आरोप लगाए।
बैठक में सर्वसम्मति से एसोसिएशन की जरनल मीटिंग 30 जुलाई को करनाल में बुलाने का निर्णय लिया गया जिसमें एसोसिएशन का नया प्रधान चुनने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। पत्रकारों से बात करते हुए एसोसिएशन के कार्यकारी प्रधान जयपाल जैन व अन्य पदाधिकारियों ने बताया कि राईस मिलर्स में अपने किराए व बारदाने की घिसाई के भुगतान न होने से भारी रोष है। सरकार की ओर हरियाणा के मिलर्स का इन दोनों मदों में करोडों रूपए का भुगतान अटका पड़ा है लेकिन सरकार इस ओर ध्यान नही दे रही है। उन्होंने कहा कि इन हालात में राईस मिलर्स सरकार के लिए कस्टम मिलिंग करने में असमर्थ हैं। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने राईस मिलर्स के करोडों रूपए के बकाया का शीघ भुगतान नहीं किया तो राईस मिलर्स कस्टम मिलिंग से हाथ खींचने पर विवश होंगे। वहीं एसोसिएशन के पूर्व प्रदेश महासचिव ज्वैल सिंगला ने बताया कि राईस मिलर्स का एक प्रतिनिधिमंडल अपनी मांगों को लेकर खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री कर्णदेव कांबोज से मिलेगा। इस अवसर पर पूर्व प्रधान आजाद सिंह राठी, राजिंद्र अग्रवाल, जगदीश अग्रवाल, अमन गुप्ता, प्रमोद धवन, ज्वैल सिंगला, राजीव सभ्रवाल, भूषण गोयल, विपिन कुमार जगाधरी, राकेश चौधरी, जितेंद्र अग्रवाल अंबाला, अरविंद कुमार, राजिंद्र कुमार पिपली, रवि कुमार व विवेक गुप्ता आदि मौजूद रहेे।
विज्ञापन
बैठक में सर्वसम्मति से एसोसिएशन की जरनल मीटिंग 30 जुलाई को करनाल में बुलाने का निर्णय लिया गया जिसमें एसोसिएशन का नया प्रधान चुनने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। पत्रकारों से बात करते हुए एसोसिएशन के कार्यकारी प्रधान जयपाल जैन व अन्य पदाधिकारियों ने बताया कि राईस मिलर्स में अपने किराए व बारदाने की घिसाई के भुगतान न होने से भारी रोष है। सरकार की ओर हरियाणा के मिलर्स का इन दोनों मदों में करोडों रूपए का भुगतान अटका पड़ा है लेकिन सरकार इस ओर ध्यान नही दे रही है। उन्होंने कहा कि इन हालात में राईस मिलर्स सरकार के लिए कस्टम मिलिंग करने में असमर्थ हैं। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने राईस मिलर्स के करोडों रूपए के बकाया का शीघ भुगतान नहीं किया तो राईस मिलर्स कस्टम मिलिंग से हाथ खींचने पर विवश होंगे। वहीं एसोसिएशन के पूर्व प्रदेश महासचिव ज्वैल सिंगला ने बताया कि राईस मिलर्स का एक प्रतिनिधिमंडल अपनी मांगों को लेकर खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री कर्णदेव कांबोज से मिलेगा। इस अवसर पर पूर्व प्रधान आजाद सिंह राठी, राजिंद्र अग्रवाल, जगदीश अग्रवाल, अमन गुप्ता, प्रमोद धवन, ज्वैल सिंगला, राजीव सभ्रवाल, भूषण गोयल, विपिन कुमार जगाधरी, राकेश चौधरी, जितेंद्र अग्रवाल अंबाला, अरविंद कुमार, राजिंद्र कुमार पिपली, रवि कुमार व विवेक गुप्ता आदि मौजूद रहेे।
विज्ञापन