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Hindi News ›   Haryana ›   Kurukshetra News ›   Rice Millers end of the strike , initially will purchase

राइस मिलर्स ने खत्म की हड़ताल, खरीद करेंगे शुरू

Thu, 01 Oct 2015 12:32 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला कुरुक्षेत्र
ब्यूरो/अमर उजाला कुरुक्षेत्र Updated Thu, 01 Oct 2015 12:32 AM IST
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हरियाणा राइस मिलर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने विधायक सुधा के मांग पूरी करवाने के आश्वासन के बाद प्रदेश स्तरीय हड़ताल को समाप्त करने का निर्णय लिया है।
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एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने धान की खरीद तुरंत शुरू करने की भी बात कही है। व्यापारियों ने यह फैसला बुधवार को रेलवे रोड पर स्थित एक होटल में हरियाणा राइस मिलर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों की थानेसर विधायक सुभाष सुधा की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिया।
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हरियाणा में कई दिनों से हरियाणा राइस मिलर्स एसोसिएशन वर्ष 2013-14 के  होल्डिंग चार्जेज और डैमेज, वर्ष-2011 में सी-फार्म टैक्स की मांग को लेकर हड़ताल पर थे और धान की खरीद का कार्य भी नहीं किया जा रहा था। इन मांगों को लेकर राज्य सरकार के साथ मंथन किया जा रहा है।
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अभी हाल ही में 15 दिन पहले थानेसर विधायक सुभाष सुधा ने हरियाणा राइस मिलर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों से बैठक कर मांगों पर चर्चा की थी। इन मांगों को मुख्यमंत्री के समक्ष भी रखा था। इसी मामले को लेकर बुधवार को भी  प्रदेशस्तरीय बैठक में मामलों पर चर्चा हुई।

खरीद शुरू होने के बाद किसानों को मिली राहत
राइस मिलर्स ने बुधवार शाम के बाद अनाजमंडी में धान की खरीद शुरू कर दी है। इसके बाद एजेंसियों के अधिकारियों, आढ़तियों और किसानों ने राहत की सांस ली है।

बुधवार को हैफड ने अपने तयशुदा दिन पर धान की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद शुरू कर दी थी। दोपहर तक राइस मिलर्स की हड़ताल खुलने की खबरें आने लगी थी। शाम को सरकारी एजेंसियों के लिए कस्टम मिलिंग करने वाले राइस मिलर्स धान खरीदने मंडी आ गए।

देर शाम तक मंडी में पड़ा अधिकतर धान बिक गया था। चर्चा है कि सरकार ने मंडियों में खरीदे गए धान को चावल निर्यातकों के माध्यम से उठवा कर उनसे ही कस्टम मिलिंग कराने के निर्देश दिए थे। इसके बाद हड़ताली मिलर्स ने हड़ताल वापस ले ली।

बताया जाता है कि करीब 12 चावल निर्यातक कस्टम मिलिंग के लिए अधिकारियों के संपर्क में हैं। इनमें से दो-तीन निर्यातक एक-दो दिन में मंडियों से सरकारी एजेंसियों द्वारा खरीदा गया धान उठाने की तैयारी में हैं।
लाडवा में करीब 22 राइस मिलर्स कस्टम मिलिंग का काम करते हैं। हैफड के लिए आठ, जिला खाद्य आपूर्ति विभाग के लिए 11 और स्टेट वेयरहाउस के लिए तीन कस्टम मिलर्स मिलिंग का काम करते हैं। बुधवार को

थानेसर विधायक सुभाष सुधा से आश्वासन मिलने के बाद एसोसिएशन ने हड़ताल वापस लेने का निर्णय लिया है। एसोसिएशन के पदाधिकारियों से विधायक ने कहा कि समस्याओं और मांगों का समाधान बातचीत से ही हो सकता है।

एसोसिएशन की मांगों को सीएम के समक्ष रखा जाएगा और कोशिश रहेगी कि उनकी सभी मागाें को मान लिया जाए। इस मौके पर एसडीएम सतबीर कुंडु, डीएफएससी घनश्याम, व्यापारियों में सिद्दु, राकेश, रमन, सतविंद्र, आशीष सभ्रवाल और व्यापारी आदि मौजूद थे।

मांग पूरी होने का दिया है आश्वासन : जैन
हरियाणा राइस मिलर्स के कार्यकारी अध्यक्ष जयपाल जैन और एसोसिएशन के महासचिव ज्वैल सिंगला ने कहा कि थानेसर विधायक सुभाष सुधा के समक्ष सभी मांगों को रखा है।

उन्होंने तमाम मांगों को सीएम से मिलकर पूरा कराने का आश्वासन दिया है। इस आश्वासन के बाद ही एसोसिऐशन ने हड़ताल समाप्त कर धान खरीदने का निर्णय लिया है।


धान न उठने से चरमराई व्यवस्था
लाडवा। अनाजमंडी में सरकारी एजेंसियां लगातार खरीद कर रही हैं, लेकिन इस धान का उठान नहीं हुआ है। इससे मंडी में व्यवस्था चरमराने लगी है। मंडी में जाम की स्थिती बन गई है।

इस समय करीब 70 हजार बोरियों मंडी में पड़ी हैं। इस वजह से बुधवार को किसानों को अपना धान सड़कों पर उतारना पड़ा। इससे जाम की स्थित बन गई। सरकारी एजेंसियों ने मंगलवार तक करीब 25 हजार क्विंटल सुपरफाइन और फाइन धान खरीदा है, लेकिन इसका उठान नहीं हुआ है।

खरीद एजेंसियां राइस मिलर्स का इंतजार कर रही हैं। राइस मिलर्स के उठान न करने से आढ़तियों की दुकानों के  सामने के प्लेटफार्म धान की बोरियों से भर गए हैं। सरकारी एजेंसियों ने कॉमन शेड के नीचे भी धान की बोरियों को लगा दिया है।

लाडवा अनाज मंडी में सरकारी खरीद एजेंसियों ने मंगलवार तक करीब 25,300 क्विंटल धान खरीद लिया है। इसमें हैफैड ने करीब 4400 क्विंटल और खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने 21 हजार क्विंटल धान खरीदा है।

खुले में पड़ा है 16 हजार क्विंटल धान, रोष
बाबैन। राइस मिलर्स की हड़ताल के चलते बाबैन अनाज मंडी में हैफेड और खाद्य पूर्ति विभाग द्वारा खरीदा गया करीब लगभग 16 हजार क्विंटल धान खुले में पड़ा है।

राइस मिलर्स की हड़ताल के चलते मंडी से हजारों क्विंटल धान नहीं उठा है। इससे हालात खराब हो रहे हैं। इसलिए बुधवार को बाबैन अनाजमंडी में राइस मिलर्स स्थानीय आढ़तियों को उनकी हड़ताल में शामिल होने के लिए मनाते रहे।

बाबैन अनाजमंडी के प्रधान लाभ सिंह घिसरपड़ी, राजेश छलौदी, बलिहार सिंह, पवन सिंगला, संजय शर्मा झडौला, ओमप्रकाश, धर्मबीर, मुकेश शर्मा, सतबीर रामपुरा ने बताया कि 25 सितंबर से बाबैन अनाजमंडी में सरकारी धान की खरीद शुरू हो गई थी।

तब से हैफेड और खाद्य पूर्ति विभाग ने खरीदे गए धान को नहीं उठाया है। इससे मंडी में हर तरफ धान के कट्टे नजर आ रहे इस बारे में खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारी रवि वर्मा से बात की गई तो उनका कहना था कि राइस मिलर्स की हड़ताल समाप्त हो गई है। जल्द से उठान शुरू हो जाएगा।


1509 के दाम भी औंधे मुंह गिरे
मंडी में पहुंचे 1509 धान के दाम पिछले वर्ष के मुकाबले लगभग एक हजार से दो हजार रुपये प्रति क्विंटल तक कम मिल रहे हैं। इससे किसान निराश हैं।

बाबैन अनाजमंडी में पहुंचे 1509 धान के दाम मात्र 1450 से 1560 रुपये प्रति क्विंटल तक रहे। किसान दाम कम मिलने के लिए सरकार की गलत नीतियों को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।

 
सरकार धान की नमी 19 प्रतिशत तक बढ़ाए  : घुम्मन
बाबैन। नेशनल एंटीकरप्शन पब्लिक पावर की बाबैन अनाज मंडी में बैठक हुई। इसमें संस्था के उत्तर भारत प्रभारी गुरमीत सिंह घुम्मन ने बतौर मुख्य अतिथि।

गुरमीत सिंह ने मंडी में किसानों से कहा कि देश और प्रदेश में भाजपा सरकार किसानों, जवानों की अनदेखी कर रही है।  किसानों का धान मंडी में नहीं बिक रहा।


इससे किसान परेशान है। मांग की कि सरकार को किसानों के हित के बारे में सोचना चाहिए और सरकार को नमी को 17 प्रतिशत से बढ़ा कर 19  प्रतिशत कर देना चाहिए।इस मौके पर जिला  उपाध्यक्ष किसान संघ मस्तान सिंह बड़तौली, संजय संघौर, अमी संघौर, अशोक  सुनारियों, निर्भय लखमड़ी, सुखबीर लखमड़ी, संदीप रामनगर, कुलदीप बड़तौली आदि मौजूद थे।


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