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Kurukshetra News: जयराम विद्यापीठ में होगा नियमित पितृ गायत्री जप एवं तर्पण अनुष्ठान
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कुरुक्षेत्र। जयराम विद्यापीठ पूजन करते ब्रह्मचारी। विज्ञप्ति
- फोटो : संवाद
कुरुक्षेत्र। पितृ पक्ष प्रारंभ होने के अवसर पर श्री जयराम विद्यापीठ में ब्राह्मणों एवं ब्रह्मचारियों की ओर से सर्वकल्याण की भावना से नियमित गायत्री मंत्र जाप एवं तर्पण अनुष्ठान किया जाएगा। विद्यापीठ में नियमित सर्वकल्याण एवं विश्व शांति के लिए अनेक अनुष्ठान किए जाते हैं।
श्री जयराम संस्थाओं के मीडिया प्रभारी ने बताया कि विद्यापीठ में श्रद्धालुओं एवं यजमानों के लिए पितृ गायत्री मंत्र जप व तर्पण अनुष्ठान होगा। पितृ गायत्री जप अनुष्ठान के बारे में आचार्य पं. प्रतीक शर्मा एवं पं. पंकज पुजारी ने बताया कि गायत्री मंत्र के जाप से ब्रह्मदर्शन संभव हैं। मानव जाति के कल्याण के लिए भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण जी की ओर से भी ऋषि मुनियों के साथ गायत्री मंत्र किए गए हैं। सनातन धर्म को मानने वाले श्री गणेश मंत्र के बाद पूजा में गायत्री मंत्र का जाप करते हैं।
श्रीमद्भागवत के दशम स्कंध में लिखा है कि श्रीकृष्ण स्नान करने के बाद गायत्री मंत्र का जाप करते थे। महाकवि तुलसीदास ने रामचरित मानस में लिखा है कि विश्वामित्र ने अपने शिष्यों भगवान राम और लक्ष्मण को इस मंत्र का रहस्य विस्तार से समझाया था।
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श्री जयराम संस्थाओं के मीडिया प्रभारी ने बताया कि विद्यापीठ में श्रद्धालुओं एवं यजमानों के लिए पितृ गायत्री मंत्र जप व तर्पण अनुष्ठान होगा। पितृ गायत्री जप अनुष्ठान के बारे में आचार्य पं. प्रतीक शर्मा एवं पं. पंकज पुजारी ने बताया कि गायत्री मंत्र के जाप से ब्रह्मदर्शन संभव हैं। मानव जाति के कल्याण के लिए भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण जी की ओर से भी ऋषि मुनियों के साथ गायत्री मंत्र किए गए हैं। सनातन धर्म को मानने वाले श्री गणेश मंत्र के बाद पूजा में गायत्री मंत्र का जाप करते हैं।
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श्रीमद्भागवत के दशम स्कंध में लिखा है कि श्रीकृष्ण स्नान करने के बाद गायत्री मंत्र का जाप करते थे। महाकवि तुलसीदास ने रामचरित मानस में लिखा है कि विश्वामित्र ने अपने शिष्यों भगवान राम और लक्ष्मण को इस मंत्र का रहस्य विस्तार से समझाया था।

कुरुक्षेत्र। जयराम विद्यापीठ पूजन करते ब्रह्मचारी। विज्ञप्ति- फोटो : संवाद
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