गरीबों के निवाले पर चली कैंची
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पूरा महीना खत्म हो गया, मगर अब तक जिले के करीब पौने 500 से अधिक राशन डिपुओं पर चीनी की डिलीवरी नहीं हो सकी है। इससे सैकड़ों राशन कार्ड धारकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा जिले के करीब 20 राशन डिपुओं की गेहूं की डिलीवरी में इस महीने में 70 प्रतिशत कटौती की गई है। इसकी वजह से उक्त डिपुओं के सैकड़ों ग्राहक परेशान हैं। डिपो संचालक की मानें तो पात्र राशन कार्ड धारक उन्हें कोस रहे हैं। हर रोज कई ग्राहक उनसे आकर बहसबाजी करते हैं। बता दें कि पिछले तीन महीने से राशन की सप्लाई आनलाइन हो चुकी है।
फिलहाल उन्हीं को गेहूं की सप्लाई हो रही है, जिनकी पर्ची मशीन से निकल रही है। इनमें 70 प्रतिशत ग्राहक वापस जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त चीनी की डिलीवरी शत-प्रतिशत डिपुओं पर महीने के अंत तक नहीं हुई है, जबकि डिपुओं से राशन लेने वाले ज्यादातर लोग विशेष श्रेणी के हैं। उल्लेखनीय है कि ठेकेदार के माध्यम से जिला के डिपुओं पर चीनी की डिलीवरी कांफैड करता है। ठेकेदार का कहना है कि लगातार बैंक की तीन छुट्टियों की वजह से पेमेंट नहीं हो सकी, जिसकी वजह से चीनी डिलीवरी में देरी हुई है।
डिपो पर जमा हुई महिलाएं
राशन डिपो के ग्राहक कमला, जानकी, बाला देवी, लाजवंती, रोशनी, सरोज, सोनिया, कविता, प्रीति, ऋतु, सीमा, विमला, गंगा देवी, सपना, भागवंती, वीना रानी, मुकेश रानी, देवी बाई उमा, ममता और उर्मिला देवी जैसे कई राशन कार्ड धारकों का कहना है कि वह अपने डिपो पर अनेक चक्कर लगा चुके हैं, लेकिन गेहूं चीनी की सप्लाई अब तक नहीं हुई। ऐसे ही अनेक राशनकार्ड धारक परेशान हैं। ऐसे ही ग्राहकों का जमघट आज कच्चे घेर के राशन डिपो नजर आया।
डिपो संचालक की प्रतिक्रिया
दर्राखेड़ा के डिपो संचालक धर्मचंद ने बताया कि उनके डिपो का मासिक गेहूं का कोटा 45 क्विंटल है, लेकिन इस अधिकृत कोटे में से उन्हें फरवरी 2017 में सिर्फ 14 क्विंटल 95 किलोग्राम गेहूं की सप्लाई मिली है। उन्होंने बताया कि राशन पर प्रति व्यक्ति पांच किलोग्राम गेहूं दी जाती है। इस महीने कोटे से 70 प्रतिशत कम गेहूं मिलने से लोग परेशान है। डिपो संचालक के मुताबिक वह अकेले नहीं है, बल्कि ऐसे कई डिपो हैं।
जिला खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी की प्रतिक्रिया
जिला खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी वीरेंद्र सिंह ने बताया कि उनके संज्ञान में यह मामला आया है। उन्होंने विभाग के सभी निरीक्षकों को इसकी जानकारी जुटाकर पूरी रिपोर्ट देने के लिए कहा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जिन ग्राहकों को इस महीने गेहूं की सप्लाई नहीं हुई है, उन्हें मार्च में दोनों महीने की गेहूं का वितरण किया जाएगा।
वार्ड-29 की पार्षद अन्नू मेहता की प्रतिक्रिया
वार्ड 29 की पार्षद अन्नू मेहता का कहना है कि जरूरतमंद लोग पहले इस बात से परेशान है कि अब तक बीपीएल का सर्वे नहीं हो रहा, जबकि जिनके पास राशनकार्ड है, उन्हें अनाज नहीं मिल रहा। जनता के साथ यह धोखा है। वार्ड नंबर 29 में करीब 200 से अधिक ऐसे लोग हैं, जो अनाज नहीं मिलने के कारण परेशान हैं। उन्होंने कहा कि फरवरी माह खत्म हो रहा है और अब तक गेहूं-चीनी का वितरण डिपुओं पर नहीं हो रहा।