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गुरु घर का पैसा नाजायज तौर पर खर्च करते रहे रमणीक सिंह मान : कंवलजीत
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कुरुक्षेत्र। हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी के पूर्व महासचिव रमणीक सिंह मान ने गुरु घर का पैसा नाजायज रूप से खर्च किया है और इस वजह से गुरुद्वारा श्री नाडा साहिब पंचकूला की बचत करीब साढ़े तीन करोड़ से घटकर इस वर्ष केवल 50 लाख रुपये रह गई है। यह गंभीर आरोप कमेटी प्रवक्ता कंवलजीत अजराना ने कमेटी मुख्यालय पर पत्रकारों से चर्चा में लगाए। इसके बाद जारी बयान में भी कहा कि यह सब कुछ वार्षिक बजट बनने के बाद सामने आया है।
उन्होंने कहा कि तत्कालीन महासचिव रमणीक सिंह मान ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए गुरु पर्व मनाने के लिए 30 लाख रुपये से अधिक खर्च कर दिए, जबकि नियमों अनुसार गुरु पर्व व मेले मनाने के लिए पिछले साल के खर्च में केवल 10 प्रतिशत बढ़ोतरी करके खर्च किया जाता है। नाडा साहिब में गुरु पर्व एवं दिन त्योहार मनाने पर पिछले वित्त वर्ष में सात लाख रुपये खर्च किए गए थे, जबकि रमणीक सिंह मान ने 30 लाख रुपये खर्च करवा दिए। यही नहीं, गुरु घर में कोई भी कार्य कार सेवा वाले संत महापुरुषों से कराया जाता है लेकिन पूर्व महासचिव ने कुछ कार्य निजी तौर पर कराए हैं, जिस पर करीब 30 लाख रुपये खर्च हुए हैं। अगर यही कार्य कार सेवा वाले संत महापुरुषों से कराया जाता है, तो गुरुघर का पैसा नाजायज रूप से खर्च होने से बच जाता। उन्होंने आरोप लगाए कि नाडा साहिब में पिछले वित्त वर्ष में दुकानों का किराया 19 लाख 73 हजार रुपये था, लेकिन इस साल यह किराया घटकर 17 लाख 90 हजार रुपये हो गया। यह पहली बार हुआ है कि दुकानों का किराया घट गया हो। इसके अलावा निजी प्रयोग के लिए रमणीक सिंह मान ने दो गाड़ियां भी गुरुद्वारा नाडा साहिब के खाते में खरीदी है। यहां तक कि समागमों का सीधा प्रसारण करवाने पर भी नाजायज खर्च करवाया गया।
रमणीक मान ने आरोपों को बताया बेबुनियाद
कमेटी के पूर्व महासचिव रमणीक मान ने संपर्क करने पर इन आरोपों को पूरी तरह से बेबुनियाद करार दिया और कहा कि आरोप लगाने वाले पहले अपने गिरेबां में झांके। उन्होंने कहा कि गुरु महाराज ने उन पर जो कृपा की है पूरा परिवार ही शुक्रगुजार है और ऐसे में वे गुरुघर से किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की सोच भी नहीं सकते। यहां तक कि वे तो बैठक में भी फॉरेंसिक जांच तक के लिए कह चुके हैं। आरोप तो कोई कुछ भी लगा देता है, लेकिन उनमें सच्चाई भी तो हो।
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उन्होंने कहा कि तत्कालीन महासचिव रमणीक सिंह मान ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए गुरु पर्व मनाने के लिए 30 लाख रुपये से अधिक खर्च कर दिए, जबकि नियमों अनुसार गुरु पर्व व मेले मनाने के लिए पिछले साल के खर्च में केवल 10 प्रतिशत बढ़ोतरी करके खर्च किया जाता है। नाडा साहिब में गुरु पर्व एवं दिन त्योहार मनाने पर पिछले वित्त वर्ष में सात लाख रुपये खर्च किए गए थे, जबकि रमणीक सिंह मान ने 30 लाख रुपये खर्च करवा दिए। यही नहीं, गुरु घर में कोई भी कार्य कार सेवा वाले संत महापुरुषों से कराया जाता है लेकिन पूर्व महासचिव ने कुछ कार्य निजी तौर पर कराए हैं, जिस पर करीब 30 लाख रुपये खर्च हुए हैं। अगर यही कार्य कार सेवा वाले संत महापुरुषों से कराया जाता है, तो गुरुघर का पैसा नाजायज रूप से खर्च होने से बच जाता। उन्होंने आरोप लगाए कि नाडा साहिब में पिछले वित्त वर्ष में दुकानों का किराया 19 लाख 73 हजार रुपये था, लेकिन इस साल यह किराया घटकर 17 लाख 90 हजार रुपये हो गया। यह पहली बार हुआ है कि दुकानों का किराया घट गया हो। इसके अलावा निजी प्रयोग के लिए रमणीक सिंह मान ने दो गाड़ियां भी गुरुद्वारा नाडा साहिब के खाते में खरीदी है। यहां तक कि समागमों का सीधा प्रसारण करवाने पर भी नाजायज खर्च करवाया गया।
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रमणीक मान ने आरोपों को बताया बेबुनियाद
कमेटी के पूर्व महासचिव रमणीक मान ने संपर्क करने पर इन आरोपों को पूरी तरह से बेबुनियाद करार दिया और कहा कि आरोप लगाने वाले पहले अपने गिरेबां में झांके। उन्होंने कहा कि गुरु महाराज ने उन पर जो कृपा की है पूरा परिवार ही शुक्रगुजार है और ऐसे में वे गुरुघर से किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की सोच भी नहीं सकते। यहां तक कि वे तो बैठक में भी फॉरेंसिक जांच तक के लिए कह चुके हैं। आरोप तो कोई कुछ भी लगा देता है, लेकिन उनमें सच्चाई भी तो हो।
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