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Kurukshetra News: बारिश से अनाजमंडी बनीं तालाब भीगा धान, बोरियां आधी तक डूबीं
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कुरुक्षेत्र। शनिवार की रात बारिश के साथ चली आंधी ने तबाही मचाई। आंधी के कारण जहां कई स्थानों पर पेड़ गिर गए तो वहीं अनाज मंडियों में खुले आसमान के नीचे रखा धान भी नहीं बच सका। अनाजमंडी में जलभराव होने से कुछ धान पानी में बह गया और बोरिया बारिश के पानी में आधी तक डूब गईं। सुबह मंडी में कामकाज शुरू हुआ तो धान की बोरियों के आसपास पानी जमा था।
मंडी परिसर में पानी से भरे रास्तों के बीच श्रमिकों को आवाजाही और धान के उठान के काम में मशक्कत करनी पड़ी। कई जगह धान की ढेरियों के आसपास पानी जमा होने से उपज को सुरक्षित रखने की चिंता भी बनी रही। बारिश के बाद मंडी में जलनिकासी के इंतजामों पर सवाल उठे। धान खरीद के सीजन में इस तरह का जलभराव किसानों और श्रमिकों के लिए परेशानी का कारण बना।
मंडी में श्रमिक दिनभर काम में जुटे रहे। पानी के बीच बोरियों को उठाने और एक जगह से दूसरी जगह ले जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। किसानों के लिए भी अपनी उपज को सुरक्षित रखना चुनौती बना रहा।
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हालांकि, मंडी सचिव हरजीत सिंह का कहना है कि बारिश से बचाव के इंतजाम किए गए थे और बारिश के कारण ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है।
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मंडी परिसर में पानी से भरे रास्तों के बीच श्रमिकों को आवाजाही और धान के उठान के काम में मशक्कत करनी पड़ी। कई जगह धान की ढेरियों के आसपास पानी जमा होने से उपज को सुरक्षित रखने की चिंता भी बनी रही। बारिश के बाद मंडी में जलनिकासी के इंतजामों पर सवाल उठे। धान खरीद के सीजन में इस तरह का जलभराव किसानों और श्रमिकों के लिए परेशानी का कारण बना।
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मंडी में श्रमिक दिनभर काम में जुटे रहे। पानी के बीच बोरियों को उठाने और एक जगह से दूसरी जगह ले जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। किसानों के लिए भी अपनी उपज को सुरक्षित रखना चुनौती बना रहा।
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हालांकि, मंडी सचिव हरजीत सिंह का कहना है कि बारिश से बचाव के इंतजाम किए गए थे और बारिश के कारण ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है।