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बूंदाबांदी से पारा गिरा, सर्दी से ठिठुरे लोग
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Rain
- फोटो : Kurukshetra
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कुरुक्षेत्र। अचानक मौसम में आए परिवर्तन से सर्दी बढ़ गई। सोमवार की सुबह जब लोग जागे तो उनका सामना बूंदाबंदी के साथ सर्द हवा से हुआ। जिस कारण लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो गई। बूंदाबांदी का दौर यही नहीं थमा यह देर रात्रि तक रुक-रुककर जारी रही। उधर मौसम के जानकार मानते हैं कि आगामी दो दिनों तक लगभग ऐसा ही मौसम रहेगा। सोमवार को जिले का न्यूनतम पारा 8 तो अधिकतम पारा 13 डिग्री तक रिकॉर्ड किया गया।
साल की पहली बारिश से मौसम ने अचानक करवट बदल ली है। जिससे मौसम का मिजाज एकदम बदल गया है। पारा लुढ़क कर आठ डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इसका असर भी देखने को मिला। सोमवार सुबह साढ़े छह बजे से ही बूंदाबांदी शुरू हो गई थी, जो देर शाम तक रुक-रुककर होती रही। गांव जुरासी कलां के किसान कुलवंत सिंह ने बताया कि इस बूंदाबांदी से गेहूं की फसल की पैदावार बढे़गी। जिन किसानों ने फसल को पानी नहीं दिया था। उन किसानों के लिए बारिश वरदान से कम नहीं है। बूंदाबांदी गेहूं की फसल में खाद का काम करेगी। लेकिन जिन किसानों ने पहले फसल को पानी दिया हुआ था। उन किसानों को इसका नुकसान हो सकता है। इसके अलावा अगर ज्यादा बारिश हुई तब भी फसल को इससे नुकसान हो सकता है। अधिक बारिश से खेतों में पानी रुक जाएगा। जिससे गेहूं की जड़ गलने लगेंगी और फसल पीली पड़कर खराब हो जाएगी। उन्होंने बताया कि इस बारिश से सब्जियों की फसल पर बुरा प्रभाव पड़ेगा। खासकर आलू, टमाटर व मटर की फसल खराब हो सकती है। इसका दूसरा असर सब्जियों के दाम पर भी पड़ेगा। इससे सब्जियों के दाम में वृद्धि होगी।
अलाव का सहारा लेते दिखे दुकानदार
बूंदाबांदी से मौसम में ठंडक इस कदर बढ़ गई है कि ठंड से बचने के लिए लोग अलग-अलग प्रकार के तरीके अपना रहे हैं। सोमवार को चौक चौराहों पर दुकानदार अलाव का सहारा लेकर ठंड से बचने का प्रयास करते नजर आए।
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साल की पहली बारिश से मौसम ने अचानक करवट बदल ली है। जिससे मौसम का मिजाज एकदम बदल गया है। पारा लुढ़क कर आठ डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इसका असर भी देखने को मिला। सोमवार सुबह साढ़े छह बजे से ही बूंदाबांदी शुरू हो गई थी, जो देर शाम तक रुक-रुककर होती रही। गांव जुरासी कलां के किसान कुलवंत सिंह ने बताया कि इस बूंदाबांदी से गेहूं की फसल की पैदावार बढे़गी। जिन किसानों ने फसल को पानी नहीं दिया था। उन किसानों के लिए बारिश वरदान से कम नहीं है। बूंदाबांदी गेहूं की फसल में खाद का काम करेगी। लेकिन जिन किसानों ने पहले फसल को पानी दिया हुआ था। उन किसानों को इसका नुकसान हो सकता है। इसके अलावा अगर ज्यादा बारिश हुई तब भी फसल को इससे नुकसान हो सकता है। अधिक बारिश से खेतों में पानी रुक जाएगा। जिससे गेहूं की जड़ गलने लगेंगी और फसल पीली पड़कर खराब हो जाएगी। उन्होंने बताया कि इस बारिश से सब्जियों की फसल पर बुरा प्रभाव पड़ेगा। खासकर आलू, टमाटर व मटर की फसल खराब हो सकती है। इसका दूसरा असर सब्जियों के दाम पर भी पड़ेगा। इससे सब्जियों के दाम में वृद्धि होगी।
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अलाव का सहारा लेते दिखे दुकानदार
बूंदाबांदी से मौसम में ठंडक इस कदर बढ़ गई है कि ठंड से बचने के लिए लोग अलग-अलग प्रकार के तरीके अपना रहे हैं। सोमवार को चौक चौराहों पर दुकानदार अलाव का सहारा लेकर ठंड से बचने का प्रयास करते नजर आए।
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