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बारिश से गेहूं को फायदा, सब्जियों को नुकसान
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बरसात से गिरी सरसों की फसल। संवाद
- फोटो : Kurukshetra
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। तीन दिन से रुक-रुककर हो रही बरसात किसी के लिए राहत तो किसी के लिए आफत बनकर बरस रही है। शुक्रवार की राथ बदरा झमाझम बरसे, जिससे कई सड़कें तो जलमग्न हो ही गईं वहीं खेतों में सब्जियों की फसल खराब हो गई। कृषि विशेषज्ञों ने बारिश गेहूं की फसल के लिए फायदेमंद बताई है। जिले में औसतन 15.5 एमएम बारिश हुई, जिससे सबसे ज्यादा पिहोवा में 25 एमएम दर्ज की गई।
किसान जसमेर सिंह, परविंद्र सिंह, हरदीप सिंह, बलिंद्र सिंह व संजीव कुमार का कहना है कि यह बरसात गेहूं की फसल के लिए तो लाभकारी है, लेकिन पशुओं के चारे तथा सब्जियों की फसल के लिए आफत बनी हुई है। बलिंद्र व बरदार खैरी ने कहा कि खेतों में सरसों की फसल को भी काफी नुकसान हुआ है। इस समय सरसों की फसल की फलियों में भरपूर दाना आ चुका है, जिससे उसके पौधे भारी हैं और बरसात के कारण वो पौधे जमीन पर लेट गए हैं, जिससे फलियों के खराब होने का अंदेशा है।
वहीं कंदौली के सब्जी उत्पादक मनोज कुमार का कहना है कि उसने 4 एकड़ में मटर, टमाटर व प्याज की पनीरी उगाई है, जिनका इस बरसात में खराब होने का खतरा है और यदि यह बरसात ऐसे ही चलती रही तो उसकी तमाम सब्जी बर्बाद हो सकती है।
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कृषि वैज्ञानिक डॉ. सीबी सिंह ने कहा कि अब तक जितनी बारिश हुई है, इससे फिलहाल तो सब्जी की फसलों को को इतना नुकसान नहीं पहुंचा है, यदि आगे भी इसी प्रकार बादल बरसते रहे तो किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ सकता है। जिले में आलू, मटर, प्याज, लहसुन, गोभी, टमाटर, बैंगन, फूल गोभी, गाजर, मूली की खेती होती है। बारिश का पानी इन सब्जियों की फसल में खड़ा रह गया तो नुकसान होगा। इससे टमाटर व मटर के फूल गिर जाएंगे। इस बारिश से गेहूं की फसल को फायदा है।
जिले में कहां हुई कितनी बारिश
थानेसर- 20 एमएम
पिहोवा-25 एमएम
शाहाबाद- 05 एमएम
लाडवा-06 एमएम
इस्माईलाबाद-21 एमएम
बाबैन-16 एमएम
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कुरुक्षेत्र। तीन दिन से रुक-रुककर हो रही बरसात किसी के लिए राहत तो किसी के लिए आफत बनकर बरस रही है। शुक्रवार की राथ बदरा झमाझम बरसे, जिससे कई सड़कें तो जलमग्न हो ही गईं वहीं खेतों में सब्जियों की फसल खराब हो गई। कृषि विशेषज्ञों ने बारिश गेहूं की फसल के लिए फायदेमंद बताई है। जिले में औसतन 15.5 एमएम बारिश हुई, जिससे सबसे ज्यादा पिहोवा में 25 एमएम दर्ज की गई।
किसान जसमेर सिंह, परविंद्र सिंह, हरदीप सिंह, बलिंद्र सिंह व संजीव कुमार का कहना है कि यह बरसात गेहूं की फसल के लिए तो लाभकारी है, लेकिन पशुओं के चारे तथा सब्जियों की फसल के लिए आफत बनी हुई है। बलिंद्र व बरदार खैरी ने कहा कि खेतों में सरसों की फसल को भी काफी नुकसान हुआ है। इस समय सरसों की फसल की फलियों में भरपूर दाना आ चुका है, जिससे उसके पौधे भारी हैं और बरसात के कारण वो पौधे जमीन पर लेट गए हैं, जिससे फलियों के खराब होने का अंदेशा है।
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वहीं कंदौली के सब्जी उत्पादक मनोज कुमार का कहना है कि उसने 4 एकड़ में मटर, टमाटर व प्याज की पनीरी उगाई है, जिनका इस बरसात में खराब होने का खतरा है और यदि यह बरसात ऐसे ही चलती रही तो उसकी तमाम सब्जी बर्बाद हो सकती है।
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कृषि वैज्ञानिक डॉ. सीबी सिंह ने कहा कि अब तक जितनी बारिश हुई है, इससे फिलहाल तो सब्जी की फसलों को को इतना नुकसान नहीं पहुंचा है, यदि आगे भी इसी प्रकार बादल बरसते रहे तो किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ सकता है। जिले में आलू, मटर, प्याज, लहसुन, गोभी, टमाटर, बैंगन, फूल गोभी, गाजर, मूली की खेती होती है। बारिश का पानी इन सब्जियों की फसल में खड़ा रह गया तो नुकसान होगा। इससे टमाटर व मटर के फूल गिर जाएंगे। इस बारिश से गेहूं की फसल को फायदा है।
जिले में कहां हुई कितनी बारिश
थानेसर- 20 एमएम
पिहोवा-25 एमएम
शाहाबाद- 05 एमएम
लाडवा-06 एमएम
इस्माईलाबाद-21 एमएम
बाबैन-16 एमएम