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Kurukshetra News: बरसात व तूफान से 20 से अधिक जगहों पर गिरे खंभे और पेड़,घंटों गुल रही बिजली

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 15 May 2026 03:05 AM IST
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Rain and storm caused downed poles and trees in more than 20 locations, leading to blackouts.
लाडवा। पिपली मार्ग पर सड़क के बीचों-बीच गिरा पेड़। संवाद
कुरुक्षेत्र। जिले में बुधवार देर रात अचानक आई बरसात और तूफान में जिलेभर की बिजली आपूर्ति घंटों तक बाधिक रही। वहीं कई ऐसे स्थान भी रहे, जहां रातभर लाइट नहीं आई। शहर ही नहीं, कस्बे और गांवों तक भी तेज आंधी का असर देखने को मिला। तूफान में 20 से अधिक खंभे, बिजली की तारें और लगभग 30 पेड़ उखड़ गए। फुहारों के बीच एक तरफ गर्मी से राहत मिली तो वहीं अंधड़ के कारण सड़कों के निकट पेड़ गिरने से यातायात भी काफी देर तक बाधित रहा। प्रशासन की ओर से मशक्कत के बाद रास्ते पर आवागमन शुरू कराया गया।
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सड़क पर गिरा पेड़, निर्माणाधीन मंदिर की दीवार भी गिरी
लाडवा। लाडवा-पिपली मार्ग पर निवारसी मोड के पास सड़क किनारे खड़ा पेड़ टूटकर बीचों-बीच गिर गया। वीरवार सुबह तक भी पिपली मार्ग पर वाहन रेंगते नजर आए। वहीं लोगों को अंधेरे में रात गुजारनी पड़ी। पेड़ों के गिरने तथा तारें टूटने से वीरवार दोपहर तक बिजली व्यवस्था ठप रही। दोपहर बाद बिजली बहाल होने से लोगों ने राहत की सांस ली। वहीं जैनपुर रोड पर बड़ाचपुर कॉलोनी में एक निर्माणाधीन मंदिर की चारों दीवारें संदिग्ध परिस्थितियों में वीरवार सुबह नीचे गिर गई। जैसे ही समाज के लोगों को दीवारों के गिरने की सूचना मिली तो सभी गांववासी मंदिर के पास इकट्ठा हो गए और नारेबाजी करने लगे। जंगशेर निवासी बड़ाचपुर ने बताया कि उन्होंने अपनी मेहनत की कमाई जोड़कर मंदिर का निर्माण शुरू कराया था। बुधवार देर रात तक मंदिर की दीवारें सही सलामत थी। वीरवार सुबह चारों दीवारें नीचे गिरी मिली। उन्होंने रंजिशन और जानबूझकर दीवारें गिराने का आरोप लगाया।
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पिहोवा के सरस्वती तीर्थ परिसर में गिरा वर्षों पुराना वृक्ष
पिहोवा। तूफान का असर पिहोवा कस्बे में देखने को मिला। कई जगहों पर पुराने पेड़ के अलावा खंभे और वाटर कूलर तक उखड़ गए। इससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। रास्तों के आसपास भी पेड़ गिरे और देरी तक यातायात ठप रहा। अधिकारियों ने जिम्मेदारी संभाल जिम्मेदारों को व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए। आंधी का सबसे अधिक प्रभाव सरस्वती तीर्थ परिसर में देखा गया। यहां तूफान की गति इतनी तेजी रही कि वर्षों पुराना बरगद का वृक्ष भी उखाड़ दिया। इसके अलावा पास लगा कूलर भी टेढ़ा कर दिया। इसके अलावा गांवों में भी कूप और किसानों के आसपास का एरिया प्रभावित हुआ। संवाद

लाडवा। पिपली मार्ग पर सड़क के बीचों-बीच गिरा पेड़। संवाद

लाडवा। पिपली मार्ग पर सड़क के बीचों-बीच गिरा पेड़। संवाद

लाडवा। पिपली मार्ग पर सड़क के बीचों-बीच गिरा पेड़। संवाद

लाडवा। पिपली मार्ग पर सड़क के बीचों-बीच गिरा पेड़। संवाद

लाडवा। पिपली मार्ग पर सड़क के बीचों-बीच गिरा पेड़। संवाद

लाडवा। पिपली मार्ग पर सड़क के बीचों-बीच गिरा पेड़। संवाद

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