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Kurukshetra News: सवा साल से लटका रेलवे अंडरपास का कार्य, ग्रामीणों में रोष
Tue, 12 Mar 2024 01:04 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
Updated Tue, 12 Mar 2024 01:04 PM IST
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शाहाबाद। गांव अटवान के पास रेलवे फाटक पर अंडरपास का कार्य पिछले करीब सवा साल से अधर में लटका है। जिस कारण वाहनों के साथ ग्रामीणों के पैदल आने-जाने का रास्ता पूरी यह पूरी तरह से बंद है। गांव अटवान के साथ-साथ दर्जनों का गांवों का जीटी रोड और शाहाबाद शहर जाने का यह मुख्य रास्ता है पर फाटक पर आवागमन बंद होने से ग्रामीणों को आने-जाने के लिए करीब 20 किलोमीटर सफर अधिक तय करना पड़ता है। रेलवे विभाग की इस अनदेखी पर सोमवार को ग्रामीणों के सब्र का बांध टूट गया। उन्होंने गांव अटवान के रेलवे फाटक के पास अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व गांव के सरपंच विक्रम अटवान ने किया।
जगदीश सांगवान, मान सिंह, जसविन्द्र पंवार, डा. लखबीर सिंह, राजकुमार, धर्मवीर, सूरजभान, संजीव कुमार, सोहन लाल, मोहन लाल, खुशी राम, कुलदीप, हरीश कुमार, अरूण, अमित ने कहा कि यहां पर अंडरपास का कार्य जनवरी 2023 में शुरू किया गया था, लेकिन आज भी यह कार्य अधर में लटका है। इससे रेलवे फाटक स्थायी बंद हो गया है और अटवान के साथ-साथ गांव हरिपुर व कई गांवों दो हिस्सों में बंट गये हैं। उनके गांवों के 60 प्रतिशत खेत फाटक के दूसरी तरफ और 40 प्रतिशत खेत गांव की तरफ हैं, जिससे गांव वालों को खेतों में आने-जाने के लिए करीब 20 किलोमीटर का सफर अलग तय करना पड़ता है और एक-एक किसान के अनेकों चक्कर अपने खेत में लगते हैं। सरपंच विक्रम अटवान ने कहा कि गांव का स्वर्ग आश्रम भी फाटक के दूसरी तरफ है और संस्कार आदि के लिए भी घूम कर जा जाना पड़ता है, इसी तरह से बच्चों के स्कूल आने-जाने व आपात स्थिति में एंबुलेंस के आने-जाने के लिए भी बेहद परेशानी आ रही है और अतिरिक्त सफर तय करना पड़ रहा है जिससे ग्रामीण बेहद परेशान हैं। सरपंच विक्रम अटवान व ग्रामीणों ने कहा कि इस समस्या को लेकर अनेकों बार रेलवे के अधिकारियों से मुलाकात की जा चुकी है, लेकिन आश्वासन ही मिलते रहे। मजबूरी के चलते ग्रामीणों को अनिश्चितकालीन धरना शुरू करना पड़ा।
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जगदीश सांगवान, मान सिंह, जसविन्द्र पंवार, डा. लखबीर सिंह, राजकुमार, धर्मवीर, सूरजभान, संजीव कुमार, सोहन लाल, मोहन लाल, खुशी राम, कुलदीप, हरीश कुमार, अरूण, अमित ने कहा कि यहां पर अंडरपास का कार्य जनवरी 2023 में शुरू किया गया था, लेकिन आज भी यह कार्य अधर में लटका है। इससे रेलवे फाटक स्थायी बंद हो गया है और अटवान के साथ-साथ गांव हरिपुर व कई गांवों दो हिस्सों में बंट गये हैं। उनके गांवों के 60 प्रतिशत खेत फाटक के दूसरी तरफ और 40 प्रतिशत खेत गांव की तरफ हैं, जिससे गांव वालों को खेतों में आने-जाने के लिए करीब 20 किलोमीटर का सफर अलग तय करना पड़ता है और एक-एक किसान के अनेकों चक्कर अपने खेत में लगते हैं। सरपंच विक्रम अटवान ने कहा कि गांव का स्वर्ग आश्रम भी फाटक के दूसरी तरफ है और संस्कार आदि के लिए भी घूम कर जा जाना पड़ता है, इसी तरह से बच्चों के स्कूल आने-जाने व आपात स्थिति में एंबुलेंस के आने-जाने के लिए भी बेहद परेशानी आ रही है और अतिरिक्त सफर तय करना पड़ रहा है जिससे ग्रामीण बेहद परेशान हैं। सरपंच विक्रम अटवान व ग्रामीणों ने कहा कि इस समस्या को लेकर अनेकों बार रेलवे के अधिकारियों से मुलाकात की जा चुकी है, लेकिन आश्वासन ही मिलते रहे। मजबूरी के चलते ग्रामीणों को अनिश्चितकालीन धरना शुरू करना पड़ा।
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