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Kurukshetra News: रेलवे ऐलिवेटेड ट्रैक प्रोजेक्ट पूरा, आज चढ़ेगी ट्रेन
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कुरुक्षेत्र। धर्मनगरी के लोगों को अगले कुछ ही दिनों में पांच फाटकों से निजात मिलने की उम्मीद है। करीब 245 करोड़ का रेलवे एलिवेटेड ट्रैक प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है। इस पर आज ट्रेन भी दिखाई देगी। यह सवारी रेलगाड़ी नहीं बल्कि रेल पटरियों से लोडिड होगी, जिसे इस ट्रैक पर बने पुलों पर अनलोड किया जाएगा।
इसके साथ ही इस ट्रैक का प्राथमिक तौर पर ट्रॉयल भी हो जाएगा। इसके बाद अधिकारी इसकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजेंगे तो वहीं फिर इसका खास तौर पर ट्रायल करने के बाद ट्रेनों का संचालन भी शुरू कर दिया जाएगा। पूरे एलिवेटेड ट्रैक पर पटरियां बिछा दी गई हैं लेकिन हर पुल पर ये पटरियां दोहरी की जानी है और यह कार्य अगले कुछ ही दिनों में पूरा कर लिया जाएगा। इसके लिए ही ट्रेन अनलोड की जानी है।
पहली बार इस ट्रैक पर ट्रेन चढ़ाने को लेकर सोमवार को अधिकारियों की तकनीकी टीम ने मुआयना करने के साथ-साथ हर तैयारी को जांचा। वहीं इस ट्रैक पर सबसे पहले चढ़ाई जाने वाली ट्रेन भी पटरियां लेकर पहुंच गई है, जिसके रेलवे स्टेशन पर खड़ा किया गया है।
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मंगलवार को यह ट्रेन हरियाणा रेल इंफ्रास्ट्रक्चर डिवलेपमेंट कार्पोरेशन व रेलवे विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में ही चढ़ाई जाएगी। इसकी पुष्टि इंजीनियर डी पाटिल ने भी की है तो वहीं रेलवे विभाग के चीफ इंजीनियर जेके अरोड़ा का कहना है कि औपचारिक तौर पर ट्रॉयल अभी तय नहीं किया गया है। अभी पटरियों से लोडिड ट्रेन ही चढ़ाई जाएगी, जिसे अनलोड किया जाएगा। प्रोजेक्ट पर कार्य पूरा हो चुका है, जिसके चलते अब जल्द ही ट्रेनें भी दौड़ने लगेंगी।
पिछले वर्ष जून माह में पूरा होना था प्रोजेक्ट
कुरुक्षेत्र-जींद रेल मार्ग पर यह ड्रीम परोजेक्ट पिछले वर्ष जून माह में पूरा होने की संभावना थी लेकिन अब इसका काम पूरा हो चुका है। अंडर ग्रांउड फांडेशन में 1296 पिलर बनाए गए हैं तो वहीं 450 बीम भी बनाए गए हैं।
सीएम ने किया था शिलान्यास
हरियाणा रेल इंफ्रास्ट्रक्चर डिवलेपमेंट कार्पोरेशन की ओर से प्रदेश और केंद्र सरकार की इस संयुक्त परियोजना का शिलान्यास मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने 22 अगस्त 2019 को किया था। अनुमानित लागत रु. 245.99 करोड़ मानी जा रही है, जिसमें प्रदेश सरकार 136.45 करोड़ और केंद्रीय रेलवे विभाग की ओर से 109.54 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया था।
पांच फाटकों से लोगों को मिल पाएगी निजात
परियोजना पूरी होने पर लोगों को शहर में ही स्थित पांच फाटकों से निजात मिलेगी। इससे ट्रैफिक जाम की समस्या समाप्त होने के साथ लोगों को आर्थिक रूप से भी फायदा होगा। इससे पहले वर्ष 2016 में लोक निर्माण विभाग की तरफ से झांसा रोड और पिहोवा रोड दोनों जगह फाटकों पर रेलवे ओवरब्रिज बनाने का प्रस्ताव तैयार हुआ था। बाद में यह प्रस्ताव रद्द कर ऐलिवेटेड ट्रैक बनाने का निर्णय लिया गया था।
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इसके साथ ही इस ट्रैक का प्राथमिक तौर पर ट्रॉयल भी हो जाएगा। इसके बाद अधिकारी इसकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजेंगे तो वहीं फिर इसका खास तौर पर ट्रायल करने के बाद ट्रेनों का संचालन भी शुरू कर दिया जाएगा। पूरे एलिवेटेड ट्रैक पर पटरियां बिछा दी गई हैं लेकिन हर पुल पर ये पटरियां दोहरी की जानी है और यह कार्य अगले कुछ ही दिनों में पूरा कर लिया जाएगा। इसके लिए ही ट्रेन अनलोड की जानी है।
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पहली बार इस ट्रैक पर ट्रेन चढ़ाने को लेकर सोमवार को अधिकारियों की तकनीकी टीम ने मुआयना करने के साथ-साथ हर तैयारी को जांचा। वहीं इस ट्रैक पर सबसे पहले चढ़ाई जाने वाली ट्रेन भी पटरियां लेकर पहुंच गई है, जिसके रेलवे स्टेशन पर खड़ा किया गया है।
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मंगलवार को यह ट्रेन हरियाणा रेल इंफ्रास्ट्रक्चर डिवलेपमेंट कार्पोरेशन व रेलवे विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में ही चढ़ाई जाएगी। इसकी पुष्टि इंजीनियर डी पाटिल ने भी की है तो वहीं रेलवे विभाग के चीफ इंजीनियर जेके अरोड़ा का कहना है कि औपचारिक तौर पर ट्रॉयल अभी तय नहीं किया गया है। अभी पटरियों से लोडिड ट्रेन ही चढ़ाई जाएगी, जिसे अनलोड किया जाएगा। प्रोजेक्ट पर कार्य पूरा हो चुका है, जिसके चलते अब जल्द ही ट्रेनें भी दौड़ने लगेंगी।
पिछले वर्ष जून माह में पूरा होना था प्रोजेक्ट
कुरुक्षेत्र-जींद रेल मार्ग पर यह ड्रीम परोजेक्ट पिछले वर्ष जून माह में पूरा होने की संभावना थी लेकिन अब इसका काम पूरा हो चुका है। अंडर ग्रांउड फांडेशन में 1296 पिलर बनाए गए हैं तो वहीं 450 बीम भी बनाए गए हैं।
सीएम ने किया था शिलान्यास
हरियाणा रेल इंफ्रास्ट्रक्चर डिवलेपमेंट कार्पोरेशन की ओर से प्रदेश और केंद्र सरकार की इस संयुक्त परियोजना का शिलान्यास मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने 22 अगस्त 2019 को किया था। अनुमानित लागत रु. 245.99 करोड़ मानी जा रही है, जिसमें प्रदेश सरकार 136.45 करोड़ और केंद्रीय रेलवे विभाग की ओर से 109.54 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया था।
पांच फाटकों से लोगों को मिल पाएगी निजात
परियोजना पूरी होने पर लोगों को शहर में ही स्थित पांच फाटकों से निजात मिलेगी। इससे ट्रैफिक जाम की समस्या समाप्त होने के साथ लोगों को आर्थिक रूप से भी फायदा होगा। इससे पहले वर्ष 2016 में लोक निर्माण विभाग की तरफ से झांसा रोड और पिहोवा रोड दोनों जगह फाटकों पर रेलवे ओवरब्रिज बनाने का प्रस्ताव तैयार हुआ था। बाद में यह प्रस्ताव रद्द कर ऐलिवेटेड ट्रैक बनाने का निर्णय लिया गया था।