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रोडवेज कंडक्टर ने खून से लिखी प्रधानमंत्री को चिट्ठी
अमर उजाला/ब्यूरो/कुरुक्षेत्र
Updated Wed, 18 May 2016 12:12 AM IST
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हरियाणा रोडवेज के कुरुक्षेत्र डिपो के महाप्रबंधक से परेशान एक कंडक्टर ने प्रधानमंत्री को खून से चिट्ठी लिखकर न्याय की गुहार लगाई है। इस कंडक्टर ने महाप्रबंधक के खिलाफ कई दिनों से मोर्चा खोला हुआ है। प्रधानमंत्री को लिखी चिट्ठी में भूख हड़ताल की चेतावनी भी दी है।
कुरुक्षेत्र बस डिपो परिसर में मंगलवार को कंडक्टर जयकुमार और रोहताश प्रजापति ने मिलकर यह चिट्ठी लिखी है। जिसमें महाप्रबंधक रोहताश वर्मा पर आरोप लगाए हैं कि वह तानाशाही कर रहे हैं। साथ ही जातीय आधार पर प्रताड़ित करने का भी आरोप लगाया है। जयकुमार ने अपने हाथ की अंगूली को काटकर खून से यह पत्र लिखा है। जिसमें यह आरोप भी लगाए गए हैं कि उनके पक्ष में गवाही देने वाले कंडक्टर रोहताश प्रजापति को महाप्रबंधक भी मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। पीएम से इन दोनों कंडक्टरों ने मांग की है कि इस मामले की जांच सीबीआई से करवाई जाए ताकि सभी कर्मचारियों को न्याय मिल सके। दोनों ने आरोप लगाया है कि रोडवेज के परिचालक ने शिकायत में लिखा है कि कुरुक्षेत्र डिपो में लगभग 75 प्रतिशत कर्मचारी गरीब परिवारों व अनुसूचित जाति से संबंधित है। महाप्रबंधक रोहताश वर्मा जाति-पाति और अमीर गरीब का भेदभाव रखते हैं। कर्मचारियों को मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा है। दोनों का आरोप है कि हमने शिकायत भी की है, लेकिन महाप्रबंधक मेरे पक्ष के गवाहों को नौकरी से निकालने की धमकी देते हैं। हालांकि महाप्रबंधक वर्मा इन आरोपों का खंडन करते आए हैं और किसी भी जांच का सामना करने की बात भी कहते आए हैं।
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कुरुक्षेत्र बस डिपो परिसर में मंगलवार को कंडक्टर जयकुमार और रोहताश प्रजापति ने मिलकर यह चिट्ठी लिखी है। जिसमें महाप्रबंधक रोहताश वर्मा पर आरोप लगाए हैं कि वह तानाशाही कर रहे हैं। साथ ही जातीय आधार पर प्रताड़ित करने का भी आरोप लगाया है। जयकुमार ने अपने हाथ की अंगूली को काटकर खून से यह पत्र लिखा है। जिसमें यह आरोप भी लगाए गए हैं कि उनके पक्ष में गवाही देने वाले कंडक्टर रोहताश प्रजापति को महाप्रबंधक भी मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। पीएम से इन दोनों कंडक्टरों ने मांग की है कि इस मामले की जांच सीबीआई से करवाई जाए ताकि सभी कर्मचारियों को न्याय मिल सके। दोनों ने आरोप लगाया है कि रोडवेज के परिचालक ने शिकायत में लिखा है कि कुरुक्षेत्र डिपो में लगभग 75 प्रतिशत कर्मचारी गरीब परिवारों व अनुसूचित जाति से संबंधित है। महाप्रबंधक रोहताश वर्मा जाति-पाति और अमीर गरीब का भेदभाव रखते हैं। कर्मचारियों को मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा है। दोनों का आरोप है कि हमने शिकायत भी की है, लेकिन महाप्रबंधक मेरे पक्ष के गवाहों को नौकरी से निकालने की धमकी देते हैं। हालांकि महाप्रबंधक वर्मा इन आरोपों का खंडन करते आए हैं और किसी भी जांच का सामना करने की बात भी कहते आए हैं।
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