फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kurukshetra News ›   Punjab Governor reached Kurukshetra for birth centenary celebrations of Maharishi Dayanand Saraswati

कुरुक्षेत्र पहुंचे पंजाब के राज्यपाल: गुलाब चंद कटारिया बोले- भारत को विश्व गुरु बनाने के लिए शिक्षा हथियार

Sun, 02 Feb 2025 03:12 PM IST
अंकेश ठाकुर संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र (हरियाणा) Published by: अंकेश ठाकुर Updated Sun, 02 Feb 2025 03:12 PM IST
सार

पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया रविवार को कुरुक्षेत्र पहुंचे थे। यहां महर्षि दयानंद सरस्वती की जन्म शताब्दी समारोह में कटारिया बतौर मुख्यतिथि थे। इस दौरान उन्होंने अपने संबोधन में भारत को विश्व गुरु बनाने की बात कही। 

विज्ञापन
Punjab Governor reached Kurukshetra for birth centenary celebrations of Maharishi Dayanand Saraswati
दीप प्रज्जलित करते पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया। - फोटो : संवाद

विस्तार

भारत 2047 तक जरूर पूरी दुनिया की अगुवाई करते हुए फिर से विश्व गुरु बनेगा। लेकिन इसके लिए सभी देशवासियों को एकुजटता के साथ आगे बढ़ना होगा। शिक्षा सबसे बड़ा हथियार है तो आत्मनिर्भर भारत व स्वदेशी अभियान को भी उत्साह के साथ आग सफल बनाने के लिए आगे आना होगा। यह आह्वान पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने किया।
विज्ञापन


कटारिया रविवार को धर्मनगरी कुरुक्षेत्र पहुंचे थे, जहां महर्षि दयानंद सरस्वती की जन्म शताब्दी समारोह के चलते आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्यतिथि संबोधित किया। उन्होंने कहा कि एक बेहतर भारत के निर्माण के लिए शिक्षा को ही सबसे ज्यादा बढ़ावा देने की जरूरत है, जिसके साथ ही संस्कार भी हो। महर्षि दयानंद भी मानते थे कि शिक्षा का व्यक्ति के जीवन, समाज व देश में बदलाव के लिए अहम महत्व है। इसी पर चलते हुए उन्होंने वेदों की ओर लौटने का आह्वान किया था। उन्हें पता था कि वेदों में शिक्षा भी है और संस्कार भी। यह ज्ञान होने पर हर देशवासी ज्ञानवान होगा और फिर हर सामाजिक बुराई समाप्त की जा सकेगी। 
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि आने वाली पीढि़यों के लिए हमें बेहतर माहौल पैदा करना होगा, तभी वे देश को और ज्यादा बेहतर बना सकेंगे। राज्यपाल ने कहा कि जब भी धरती पर अन्याय बढ़ता है तो कोई न कोई महापुरष जन्म लेता है और महर्षि दयानंद भी ऐसे ही समय पर पैदा हुए, जहां पूरा देश अशिक्षा से लेकर अनेक सामाजिक बुराईयों से घिरा हुआ था। हालांकि आज भी उनके दर्शन का भारत नहीं बन पाया है लेकिन इस तरह के कार्यक्रमों के जरिए उनके दिखाए मार्ग पर चलते हुए लोगों को शिक्षित किया जा सकता है। 2047 में भारत को विश्वगुरु बनाना है तो महर्षि दयानंद सरस्वती के विचारों पर चलना होगा। समारोह की अध्यक्षता सीकर के पूर्व सांसद स्वामी अवधेशानंद ने की जबकि इस दौरान स्वामी संपूर्णनंद ने भी संबोधन किया।
विज्ञापन
विज्ञापन


बढ़ते नशे को लेकर राज्यपाल ने दिखाई गहन चिंता
राज्यपाल ने बढ़ते नशे के प्रचलन पर भी गहरी चिंता जताई और कहा कि आज युवा भटककर नशे की ओर जा रहा है। इससे परिवार से लेकर समाज व देश को भी बड़ा नुकसान हो रहा है। युवाओं को हमें नशे जैसी बुराइयों से बचाना होगा। इस मुहिम में महिलाओं को सशक्त करते हुए उन्हें आगे बढ़ाना होगा। महिलाएं सशक्त होंगी तो जरूर चारों ओर बेहतरी होगी। उन्होंने कहा कि आज हमें गीता में दिखाए मार्ग पर चलकर जीवन को सार्थक करना होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed