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Kurukshetra News: संतुलित आहार और व्यायाम से पीसीओडी से बचाव संभव
Sat, 06 Sep 2025 01:20 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
Updated Sat, 06 Sep 2025 01:20 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। श्री कृष्ण आयुष विश्वविद्यालय के प्रसूति तंत्र एवं स्त्री रोग विभाग की ओर से शुक्रवार को महिलाओं में बढ़ रही पीसीओडी की समस्या के संबंध में डॉ. बीआर आंबेडकर लॉ कॉलेज कुरुक्षेत्र में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने छात्राओं को पीसीओडी और पीसीओएस की बीमारी के कारण, लक्षण और उपचार के बारे में जानकारी दी।
मुख्य वक्ता प्रसूति तंत्र एवं स्त्री रोग विभाग के अध्यक्ष प्रो. जीतेश कुमार पंडा ने कहा कि असंतुलित खानपान, फास्ट फूड का अत्यधिक सेवन और शारीरिक गतिविधियों की कमी से युवतियों में पीसीओडी की समस्या तेजी से बढ़ रही है। यह समस्या केवल शारीरिक ही नहीं बल्कि मानसिक स्वास्थ्य को भी प्रभावित करती है। प्रो. सुनीति तंवर ने बताया कि पीसीओडी और पीसीओएस हार्मोनल असंतुलन से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याएं हैं, जो प्रजनन क्षमता पर भी असर डाल सकती हैं। प्राचार्य प्रो. सीआर जिलोवा ने कहा कि यह समय की जरूरत है कि युवाओं को स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं पर जागरूक किया जाए,ताकि वे स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर भविष्य में गंभीर बीमारियों से बच सकें। इस मौके पर डॉ. प्रियंका दड़क, डॉ. सुनीता यादव, डॉ. ममता, डॉ. रवि, डॉ. कोमल समेत अन्य सदस्य मौजूद रहे।
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कुरुक्षेत्र। श्री कृष्ण आयुष विश्वविद्यालय के प्रसूति तंत्र एवं स्त्री रोग विभाग की ओर से शुक्रवार को महिलाओं में बढ़ रही पीसीओडी की समस्या के संबंध में डॉ. बीआर आंबेडकर लॉ कॉलेज कुरुक्षेत्र में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने छात्राओं को पीसीओडी और पीसीओएस की बीमारी के कारण, लक्षण और उपचार के बारे में जानकारी दी।
मुख्य वक्ता प्रसूति तंत्र एवं स्त्री रोग विभाग के अध्यक्ष प्रो. जीतेश कुमार पंडा ने कहा कि असंतुलित खानपान, फास्ट फूड का अत्यधिक सेवन और शारीरिक गतिविधियों की कमी से युवतियों में पीसीओडी की समस्या तेजी से बढ़ रही है। यह समस्या केवल शारीरिक ही नहीं बल्कि मानसिक स्वास्थ्य को भी प्रभावित करती है। प्रो. सुनीति तंवर ने बताया कि पीसीओडी और पीसीओएस हार्मोनल असंतुलन से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याएं हैं, जो प्रजनन क्षमता पर भी असर डाल सकती हैं। प्राचार्य प्रो. सीआर जिलोवा ने कहा कि यह समय की जरूरत है कि युवाओं को स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं पर जागरूक किया जाए,ताकि वे स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर भविष्य में गंभीर बीमारियों से बच सकें। इस मौके पर डॉ. प्रियंका दड़क, डॉ. सुनीता यादव, डॉ. ममता, डॉ. रवि, डॉ. कोमल समेत अन्य सदस्य मौजूद रहे।
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