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दो पुलिस कर्मियों को मिलेगा पुलिस पदक
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पुलिस पदक के लिए चयनित होने पर माता-पिता से आशीर्वाद लेते एएसआई रामगोपाल।
- फोटो : Kurukshetra
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र के रहने वाले एसीपी शीतल सिंह और एएसआई रामगोपाल को पुलिस में उत्कृष्ट सेवा प्रदान करने के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक के लिए चयनित किया गया है। गणतंत्र दिवस पर बुधवार को दोनों पुलिस अधिकारियों को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद पुलिस पदक से सम्मानित करेंगे।
एसीपी शीतल सिंह वर्तमान में गुरुग्राम में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पुलिस फोर्स में 28 साल की सेवाओं के दौरान शीतल सिंह साल 2012 में शाहाबाद के डीएसपी नियुक्त किए गए थे। इससे पहले उन्होंने पंचकूला पुलिस हेडक्वार्टर में एक साल तक अपनी सेवाएं दी। एसीपी शीतल सिंह ने बताया कि 31 जनवरी 1994 को वे हरियाणा पुलिस फोर्स में बतौर एएसआई भर्ती हुए थे। उनकी पहली नियुक्त जिला करनाल के गांव जलमाना में इंचार्ज के रूप में हुई थी। जिला कुरुक्षेत्र में वे दो बार मुख्यालय में रहे और साल 2012 शाहाबाद और 2017 में पिहोवा में डीएसपी का चार्ज संभाला। पुलिस फोर्स मेें अपने 28 साल के कार्यकाल के दौरान उन्होंने रेलवे और सीआईडी में भी सेवाएं दी है। वर्तमान वे गुरुग्राम में बतौर एसीपी कार्यरत है।
रामगोपाल 17 साल की उम्र में कमांडो की स्पेशल यूनिट में हुए भर्ती
मूल रूप से गांव अमीन के रहने वाले एएसआई रामगोपाल 17 साल की उम्र में वर्ष 1992 में हरियाणा-पंजाब में उग्रवाद के दौरान कमांडो की स्पेशल यूनिट में भर्ती हुए थे। वर्तमान में रामगोपाल अंबाला जीआरपी में तैनात है। रामगोपाल के पिता जुगल किशोर मुख्याध्यापक सेवानिवृत्त है। परिवार में उनके चाचा जय किशन को शिक्षा के क्षेत्र में राष्ट्रपति अवार्ड मिला है।
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अपने 30 साल के कार्यकाल में रामगोपाल कमांडो, हरियाणा पुलिस फोर्स, एनआईए दिल्ली की जांच टीम सहित रेलवे में सेवाएं दे चुके हैं। बातचीत में रामगोपाल ने बताया कि 17 साल की उम्र में वे कमांडो की स्पेशल यूनिट में चुने गए थे। इसके बाद वे साल 2003 में हरियाणा पुलिस फोर्स में आ गए थे। नौ साल तक वे एनआईए दिल्ली की जांच टीम का भी हिस्सा रहे। साल 2010 में पानीपत में हुए समझौता एक्सप्रेस मामले में उन्हें एनआईए के साथ जांच टीम में शामिल किया गया था। साल 2019 से अंबाला में जीआरपी में सेवारत है। एएसआई रामगोपाल को पिस्टल और राइफल शूटिंग में भी महारत हासिल है। उनको निशानेबाजी में राष्ट्रीय स्तर पर मेडल भी मिला है। 10 मीटर पिस्टल और 300 मीटर राइफल शूटिंग में उनका निशाना अचूक है।
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कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र के रहने वाले एसीपी शीतल सिंह और एएसआई रामगोपाल को पुलिस में उत्कृष्ट सेवा प्रदान करने के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक के लिए चयनित किया गया है। गणतंत्र दिवस पर बुधवार को दोनों पुलिस अधिकारियों को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद पुलिस पदक से सम्मानित करेंगे।
एसीपी शीतल सिंह वर्तमान में गुरुग्राम में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पुलिस फोर्स में 28 साल की सेवाओं के दौरान शीतल सिंह साल 2012 में शाहाबाद के डीएसपी नियुक्त किए गए थे। इससे पहले उन्होंने पंचकूला पुलिस हेडक्वार्टर में एक साल तक अपनी सेवाएं दी। एसीपी शीतल सिंह ने बताया कि 31 जनवरी 1994 को वे हरियाणा पुलिस फोर्स में बतौर एएसआई भर्ती हुए थे। उनकी पहली नियुक्त जिला करनाल के गांव जलमाना में इंचार्ज के रूप में हुई थी। जिला कुरुक्षेत्र में वे दो बार मुख्यालय में रहे और साल 2012 शाहाबाद और 2017 में पिहोवा में डीएसपी का चार्ज संभाला। पुलिस फोर्स मेें अपने 28 साल के कार्यकाल के दौरान उन्होंने रेलवे और सीआईडी में भी सेवाएं दी है। वर्तमान वे गुरुग्राम में बतौर एसीपी कार्यरत है।
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रामगोपाल 17 साल की उम्र में कमांडो की स्पेशल यूनिट में हुए भर्ती
मूल रूप से गांव अमीन के रहने वाले एएसआई रामगोपाल 17 साल की उम्र में वर्ष 1992 में हरियाणा-पंजाब में उग्रवाद के दौरान कमांडो की स्पेशल यूनिट में भर्ती हुए थे। वर्तमान में रामगोपाल अंबाला जीआरपी में तैनात है। रामगोपाल के पिता जुगल किशोर मुख्याध्यापक सेवानिवृत्त है। परिवार में उनके चाचा जय किशन को शिक्षा के क्षेत्र में राष्ट्रपति अवार्ड मिला है।
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अपने 30 साल के कार्यकाल में रामगोपाल कमांडो, हरियाणा पुलिस फोर्स, एनआईए दिल्ली की जांच टीम सहित रेलवे में सेवाएं दे चुके हैं। बातचीत में रामगोपाल ने बताया कि 17 साल की उम्र में वे कमांडो की स्पेशल यूनिट में चुने गए थे। इसके बाद वे साल 2003 में हरियाणा पुलिस फोर्स में आ गए थे। नौ साल तक वे एनआईए दिल्ली की जांच टीम का भी हिस्सा रहे। साल 2010 में पानीपत में हुए समझौता एक्सप्रेस मामले में उन्हें एनआईए के साथ जांच टीम में शामिल किया गया था। साल 2019 से अंबाला में जीआरपी में सेवारत है। एएसआई रामगोपाल को पिस्टल और राइफल शूटिंग में भी महारत हासिल है। उनको निशानेबाजी में राष्ट्रीय स्तर पर मेडल भी मिला है। 10 मीटर पिस्टल और 300 मीटर राइफल शूटिंग में उनका निशाना अचूक है।