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जहरीली शराब का मामला : जेल अधिकारी की जमानत याचिका खारिज
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कुरुक्षेत्र। अदालत ने जेल में बंद जहरीली शराब फैक्टरी संचालक मोनू राणा की मदद करने के मामले में जिला जेल के अधिकारी की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। अदालत ने अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई के लिए पांच सितंबर की तारीख लगाई थी। विदित रहे कि पिछले साल नवंबर माह में जिला यमुनानगर व अंबाला में जहरीली शराब का सेवन करने से कई लोग काल का ग्रास बन गए थे। छानबीन के दौरान शराब में मिथाइल की मिलावट की गई थी। छानबीन में ठेकेदार समेत 22 लोग की गिरफ्तारी हो चुकी है।
जांच में सामने आया था कि शराब फैक्टरी का संचालक मोनू राणा हत्या का प्रयास करने के मामले में जिला जेल कुरुक्षेत्र में बंद है। जेल से फैक्टरी चलाने में आरोपी की मदद करने के आरोप में राज्य अपराध शाखा ने जेल के तीन अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया था। जांच के बाद टीम ने सहायक अधीक्षक अश्विनी (लाइन ऑफिसर) और कुरुक्षेत्र जेल वार्डन किशोरी को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था, जबकि एक अधिकारी फरार हो गया था। अब टीम उस अधिकारी की तलाश में जुटी है।
उधर, राज्य अपराध शाखा मधुबन के पुलिस उपाधीक्षक सुरेंद्र पाल ने बताया कि अदालत ने जेल अधिकारी की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। राज्य अपराध शाखा ने अधिकारी को जांच में शामिल होने के लिए नोटिस भेजा हुआ है, मगर अभी तक वे जांच में शामिल नहीं हुए हैं।
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जांच में सामने आया था कि शराब फैक्टरी का संचालक मोनू राणा हत्या का प्रयास करने के मामले में जिला जेल कुरुक्षेत्र में बंद है। जेल से फैक्टरी चलाने में आरोपी की मदद करने के आरोप में राज्य अपराध शाखा ने जेल के तीन अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया था। जांच के बाद टीम ने सहायक अधीक्षक अश्विनी (लाइन ऑफिसर) और कुरुक्षेत्र जेल वार्डन किशोरी को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था, जबकि एक अधिकारी फरार हो गया था। अब टीम उस अधिकारी की तलाश में जुटी है।
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उधर, राज्य अपराध शाखा मधुबन के पुलिस उपाधीक्षक सुरेंद्र पाल ने बताया कि अदालत ने जेल अधिकारी की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। राज्य अपराध शाखा ने अधिकारी को जांच में शामिल होने के लिए नोटिस भेजा हुआ है, मगर अभी तक वे जांच में शामिल नहीं हुए हैं।
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