{"_id":"682b8ab02dbe8138580a08ad","slug":"poetess-asha-singla-honored-in-sirsa-kurukshetra-news-c-45-1-sknl1005-135919-2025-05-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kurukshetra News: कवयित्री आशा सिंगला को सिरसा में किया सम्मानित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kurukshetra News: कवयित्री आशा सिंगला को सिरसा में किया सम्मानित
विज्ञापन
कुरुक्षेत्र। आशा सिंगला की पुस्तक का विमोचन करते साहित्यकार। विज्ञप्ति
- फोटो : samba news
कुरुक्षेत्र। प्रेरणा वृद्धाश्रम का संचालन कर रही समाजसेवी प्रेरणा संस्था की उपाध्यक्ष, प्रसिद्ध समाजसेवी एवं कवयित्री आशा सिंगला को सिरसा में आयोजित एक राज्य स्तरीय साहित्यिक सम्मेलन के अवसर पर सम्मानित किया गया। उनकी रचित पुस्तक चलो चलें प्रकृति के साथ का भी विमोचन किया गया।
आशा सिंगला के पति एवं प्रेरणा वृद्धाश्रम के संस्थापक व संचालक डाॅ. जय भगवान सिंगला ने कुरुक्षेत्र पहुंचने के बाद बताया कि राज्य स्तरीय साहित्यिक सम्मेलन में पूरे हरियाणा से करीब 100 से अधिक विख्यात साहित्यकार मौजूद रहे।
हरियाणा के प्रसिद्ध साहित्यकार, 215 पुस्तकों के रचयिता डाॅ. मधुकांत ने कहा कि आशा सिंगला की प्रतिभा में प्रकृति प्रेम है। चलो चलें प्रकृति के साथ पुस्तक की समीक्षा करते हुए साहित्यकार शील कौशिक ने कहा कि प्रकृति पर इतनी सुंदर रचना बहुत कम ही देखने को मिलती है। डाॅ. अंजना गर्ग ने कहा कि हमें आशा सिंगला पर गर्व है। उन्होंने नारी शक्ति को अपनी लेखनी से नई राह दिखाई है।
विज्ञापन
लघु कविता मंच के अध्यक्ष प्रो. रुप देवगुण ने कहा कि प्रभु उनकी लेखनी को सदा इसी तरह चलायमान रखें और वो साहित्य की नई-नई बुलंदियों को छूती रहें। सम्मेलन में इंदु गुप्ता, मधु गोयल, शील कौशिक, आरती बंसल, ज्ञान पीयूष, जय भगवान इत्यादि विख्यात साहित्यकार मौजूद रहे। आशा सिंगला का वृद्धाश्रम में भी स्वागत किया गया।
विज्ञापन
आशा सिंगला के पति एवं प्रेरणा वृद्धाश्रम के संस्थापक व संचालक डाॅ. जय भगवान सिंगला ने कुरुक्षेत्र पहुंचने के बाद बताया कि राज्य स्तरीय साहित्यिक सम्मेलन में पूरे हरियाणा से करीब 100 से अधिक विख्यात साहित्यकार मौजूद रहे।
विज्ञापन
हरियाणा के प्रसिद्ध साहित्यकार, 215 पुस्तकों के रचयिता डाॅ. मधुकांत ने कहा कि आशा सिंगला की प्रतिभा में प्रकृति प्रेम है। चलो चलें प्रकृति के साथ पुस्तक की समीक्षा करते हुए साहित्यकार शील कौशिक ने कहा कि प्रकृति पर इतनी सुंदर रचना बहुत कम ही देखने को मिलती है। डाॅ. अंजना गर्ग ने कहा कि हमें आशा सिंगला पर गर्व है। उन्होंने नारी शक्ति को अपनी लेखनी से नई राह दिखाई है।
विज्ञापन
लघु कविता मंच के अध्यक्ष प्रो. रुप देवगुण ने कहा कि प्रभु उनकी लेखनी को सदा इसी तरह चलायमान रखें और वो साहित्य की नई-नई बुलंदियों को छूती रहें। सम्मेलन में इंदु गुप्ता, मधु गोयल, शील कौशिक, आरती बंसल, ज्ञान पीयूष, जय भगवान इत्यादि विख्यात साहित्यकार मौजूद रहे। आशा सिंगला का वृद्धाश्रम में भी स्वागत किया गया।