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श्राद्ध करने से पितृ ऋण से मुक्ति मिलती है : पुरी
Fri, 12 Sep 2025 02:12 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
Updated Fri, 12 Sep 2025 02:12 AM IST
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कुरुक्षेत्र। संतों के साथ मंहत राजेंद्र पुरी। विज्ञप्ति
संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। जग ज्योति दरबार के महंत राजेंद्र पुरी ने श्राद्ध पक्ष के चलते वीरवार को कहा कि सनातन धर्म में माता-पिता की सेवा और श्राद्ध को बहुत महत्व दिया जाता है। माता-पिता की सेवा को सबसे बड़ी पूजा माना जाता है। उन्होंने कहा कि श्राद्ध तर्पण से पूर्व जीते जी अपने बुजुर्गों व माता पिता की सेवा को ही महत्व दिया गया है। उन्होंने इस मौके पर मौजूद श्रद्धालुओं से बुजुर्गों की सेवा एवं सम्मान का संकल्प भी करवाया। उन्होंने कहा कि भगवान श्री गणेश ने भी माता-पिता की सेवा का संदेश दिया है। भारतीय संस्कृति एवं संस्कारों में माता पिता की सेवा एवं बुजुर्गों के सम्मान से बढ़ कर कोई पूजा नहीं है।
पुरी ने बताया कि श्राद्ध करने से पितृ ऋण से मुक्ति मिलती है और पितरों का आशीर्वाद बना रहता है। श्राद्ध से दीर्घायु, पुत्र-पौत्रादि, यश, स्वर्ग, पुष्टि, बल, लक्ष्मी, सुख-साधन, और धन-धान्य की प्राप्ति होती है।
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कुरुक्षेत्र। जग ज्योति दरबार के महंत राजेंद्र पुरी ने श्राद्ध पक्ष के चलते वीरवार को कहा कि सनातन धर्म में माता-पिता की सेवा और श्राद्ध को बहुत महत्व दिया जाता है। माता-पिता की सेवा को सबसे बड़ी पूजा माना जाता है। उन्होंने कहा कि श्राद्ध तर्पण से पूर्व जीते जी अपने बुजुर्गों व माता पिता की सेवा को ही महत्व दिया गया है। उन्होंने इस मौके पर मौजूद श्रद्धालुओं से बुजुर्गों की सेवा एवं सम्मान का संकल्प भी करवाया। उन्होंने कहा कि भगवान श्री गणेश ने भी माता-पिता की सेवा का संदेश दिया है। भारतीय संस्कृति एवं संस्कारों में माता पिता की सेवा एवं बुजुर्गों के सम्मान से बढ़ कर कोई पूजा नहीं है।
पुरी ने बताया कि श्राद्ध करने से पितृ ऋण से मुक्ति मिलती है और पितरों का आशीर्वाद बना रहता है। श्राद्ध से दीर्घायु, पुत्र-पौत्रादि, यश, स्वर्ग, पुष्टि, बल, लक्ष्मी, सुख-साधन, और धन-धान्य की प्राप्ति होती है।
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कुरुक्षेत्र। संतों के साथ मंहत राजेंद्र पुरी। विज्ञप्ति
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