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Kurukshetra News: नूंह हिंसा के विरोध में पिहोवा बंद का दिखा व्यापक असर
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पिहोवा। नूंह हिंसा के विरोध में सोमवार को विभिन्न संगठनों के आह्वान पर बंद का बाजारों पर व्यापक असर रहा। सुबह से लेकर करीब दो बजे तक अधिकतर बाजार बंद रहे। इस दौरान संगठनों के कार्यकर्ता संग आम लोग भी सड़कों पर उतरे। लोगों ने रोष मार्च निकालते हुए हिंसा के दाेषियों के खिलाफ जल्द व कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर एसडीएम के माध्यम से सीएम और पीएम को ज्ञापन प्रेषित किया।
विभिन्न संगठनों की ओर से बीते रोज रविवार को बैठक कर पिहोवा बंद की रणनीति तैयार की गई थी। इसके तहत सोमवार को संगठनों से जुड़े कार्यकर्ता व अन्य लोग सुबह ही भगवान परशुराम चौक के पास एकत्रित हुए, जहां नूंह हिंसा की कड़ी निंदा की गई। इसके बाद सैकड़ों की संख्या में एकत्रित लोग बाजारों में पहुंचे, जहां दुकानदार भी उनका सहयोग करते दिखाई दिए। अधिकतर दुकानदारों ने बाजार बंद के आह्वान के चलते सुबह से ही दुकानें नहीं खोली। शहर के मेन बाजार, अंबाला रोड, कैथल रोड, गुरुद्वारा रोड सहित अन्य बाजार पूर्ण रूप से दोपहर दो बजे तक बंद रहे। इस दौरान जहां डीएसपी रजत गुलिया के नेतृत्व में भारी पुलिस बल तैनात रहा तो वहीं प्रशासन ने हर हालात से निपटने को लेकर पुख्ता बंदोबस्त भी किए थे। राहत की बात यह थी कि बंद के दौरान अस्पताल, दवा की दुकानें व अन्य आपात सेवाएं जारी रखी गई। रोष मार्च के दौरान नगरपालिका अध्यक्ष आशीष चक्रपाणि, पूर्व पार्षद रामधारी शर्मा, मनमोहन चक्रपाणि, दिनेश तिवारी, जगीर मोर, रोशन लाल, सुखबीर सिंह, सुभाष चंद्र, सोनू गोयल,जगदीश तनेजा,अजय कुमार, राजकुमार, राकेश पुरोहित, रमेश कुमार, सुरेश कुमार, सुरेंद्र कुमार, महेश शर्मा सहित अनेक सामाजिक संगठन के पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे।
अज्ञात लोगों की हो पहचान, पीड़ित परिवारों को मिले मुआवजा
ज्ञापन में मांग की गई है कि नूंह हिंसा के मृतकों के पीड़ित परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए। वहीं संपत्ति नुकसान की भी भरपाई हो। साथ ही दोषियों के खिलाफ कड़ी व सख्त कार्रवाई की जाए। यहीं नहीं पिहोवा में रहने वाले संदिग्धों की पहचान कर उनके घरों व प्रतिष्ठानों में तलाशी अभियान चलाया जाए।
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शांतिपूर्ण रहा बंद व रोष मार्च : एसडीएम
एसडीएम सोनू राम का कहना है कि नूंह हिंसा के विरोध में किए गए बाजार बंद व रोष मार्च शांतिपूर्ण रहा। किसी प्रकार की कोई हिंसा सामने नहीं आई, लेकिन प्रशासन ने हर प्रकार के हालात से निपटने के लिए एहतियात के तौर पर पुख्ता प्रबंध किए थे। पुलिस फोर्स की दो कंपनियां जिला मुख्यालय से मंगवाई गई थी तो वहीं दमकल गाड़ियाें से लेकर एंबुलेंस तक तैनात रखी गई।
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विभिन्न संगठनों की ओर से बीते रोज रविवार को बैठक कर पिहोवा बंद की रणनीति तैयार की गई थी। इसके तहत सोमवार को संगठनों से जुड़े कार्यकर्ता व अन्य लोग सुबह ही भगवान परशुराम चौक के पास एकत्रित हुए, जहां नूंह हिंसा की कड़ी निंदा की गई। इसके बाद सैकड़ों की संख्या में एकत्रित लोग बाजारों में पहुंचे, जहां दुकानदार भी उनका सहयोग करते दिखाई दिए। अधिकतर दुकानदारों ने बाजार बंद के आह्वान के चलते सुबह से ही दुकानें नहीं खोली। शहर के मेन बाजार, अंबाला रोड, कैथल रोड, गुरुद्वारा रोड सहित अन्य बाजार पूर्ण रूप से दोपहर दो बजे तक बंद रहे। इस दौरान जहां डीएसपी रजत गुलिया के नेतृत्व में भारी पुलिस बल तैनात रहा तो वहीं प्रशासन ने हर हालात से निपटने को लेकर पुख्ता बंदोबस्त भी किए थे। राहत की बात यह थी कि बंद के दौरान अस्पताल, दवा की दुकानें व अन्य आपात सेवाएं जारी रखी गई। रोष मार्च के दौरान नगरपालिका अध्यक्ष आशीष चक्रपाणि, पूर्व पार्षद रामधारी शर्मा, मनमोहन चक्रपाणि, दिनेश तिवारी, जगीर मोर, रोशन लाल, सुखबीर सिंह, सुभाष चंद्र, सोनू गोयल,जगदीश तनेजा,अजय कुमार, राजकुमार, राकेश पुरोहित, रमेश कुमार, सुरेश कुमार, सुरेंद्र कुमार, महेश शर्मा सहित अनेक सामाजिक संगठन के पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे।
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अज्ञात लोगों की हो पहचान, पीड़ित परिवारों को मिले मुआवजा
ज्ञापन में मांग की गई है कि नूंह हिंसा के मृतकों के पीड़ित परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए। वहीं संपत्ति नुकसान की भी भरपाई हो। साथ ही दोषियों के खिलाफ कड़ी व सख्त कार्रवाई की जाए। यहीं नहीं पिहोवा में रहने वाले संदिग्धों की पहचान कर उनके घरों व प्रतिष्ठानों में तलाशी अभियान चलाया जाए।
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शांतिपूर्ण रहा बंद व रोष मार्च : एसडीएम
एसडीएम सोनू राम का कहना है कि नूंह हिंसा के विरोध में किए गए बाजार बंद व रोष मार्च शांतिपूर्ण रहा। किसी प्रकार की कोई हिंसा सामने नहीं आई, लेकिन प्रशासन ने हर प्रकार के हालात से निपटने के लिए एहतियात के तौर पर पुख्ता प्रबंध किए थे। पुलिस फोर्स की दो कंपनियां जिला मुख्यालय से मंगवाई गई थी तो वहीं दमकल गाड़ियाें से लेकर एंबुलेंस तक तैनात रखी गई।