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Kurukshetra News: पंचायतों के पास फॉगिंग मशीनों की कमी, रखरखाव भी अपर्याप्त
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कुरुक्षेत्र। यूं तो जिला पिछले चार साल से मलेरिया मुक्त है, पर इस सिलसिले को निरंतर जारी रखने के लिए मलेरिया व डेंगू का लारवा नष्ट करने वाली गंबूजिया मछली की कमी और फॉगिंग मशीनों के अभाव ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। जिले की 403 ग्राम पंचायतों में से 280 के पास फॉगिंग मशीनें हैं, लेकिन अधिकांश का रखरखाव खराब होने से ये कार्य नहीं कर रही हैं। चार नगर पालिकाओं में मात्र 18 फॉगिंग मशीनें उपलब्ध हैं, जो बढ़ते डेंगू के खतरे को रोकने के लिए आबादी के हिसाब से पूरी नहीं हैं।
गंबूजिया मछली, जो मच्छरों के लारवा को खत्म करने में कारगर है। उसका प्रजनन अस्पताल की खराब हैचरी के कारण ठप है। वहीं इसे उपलब्ध करवाने में मत्स्य विभाग भी पिछले दो साल से हाथ खड़े कर रहा है। ऐसे में विभाग गंबूजिया के लिए करनाल के नागरिक अस्पताल पर निर्भर है। जबकि इस वर्ष विभाग ने नई हैचरी बना उसमें दो बाल्टी गंबूजिया का बीज डाला है, जो अभी तक पूर्ण रूप से विकसित नहीं हो पाया है।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि गंबूजिया मछली की कमी और फॉगिंग मशीनों की अपर्याप्त संख्या के चलते मलेरिया मुक्त जिला बनाए रखना मुश्किल हो सकता है। गर्मी और बारिश के मौसम में मच्छरों का प्रजनन बढ़ता है, जिससे डेंगू और मलेरिया के मामले बढ़ सकते हैं। जिले में पिछले वर्ष डेंगू के 283 मामले दर्ज किए गए थे और इस वर्ष अभी तक कोई मामला नहीं है पर जिले के 666 तालाबों में गंबूजिया मछली न छोड़ी गई तो स्थिति गंभीर हो सकती है।
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अभियान चलाकर किया जा रहा जागरूक
स्वास्थ्य विभाग ने हाल ही में जागरूकता अभियान शुरू किया है, जिसमें लोगों से जलभराव रोकने और घरों के आसपास सफाई रखने की अपील की गई है। हालांकि अपर्याप्त संसाधनों के साथ यह अभियान प्रभावी नहीं हो पा रहा। मत्स्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि गंबूजिया की आपूर्ति के लिए करनाल से मछली मंगवाने की प्रक्रिया चल रही है, लेकिन इसमें समय लगेगा क्योंकि पहले करनाल अपने लिए गंबूजिया की आपूर्ति पूरी करेगा। फोगिंग मशीनों की मरम्मत और नई मशीनों की खरीद के लिए भी संबंधित विभाग को लिखा गया है।
विभागों में समन्वय की कमी
पंचायती राज, निकाय विभाग, पब्लिक हेल्थ व मत्स्य विभाग में समन्वय की कमी भी इस समस्या को गंभीर बना रही है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि तत्काल कदम नहीं उठाए गए, तो जिले में डेंगू के मामलों में सामने आ सकते हैं। स्वास्थ्य विभाग ने एडीसी सोनू भट्ट की अध्यक्षता में हुई सभी विभागों की बैठक में माना कि गंबूजिया मछली की आपूर्ति, फोगिंग मशीनों की मरम्मत और जागरूकता अभियानों को तेज करने की जरूरत है। प्रशासन से मांग की जा रही है कि इस दिशा में ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि कुरुक्षेत्र को मलेरिया और डेंगू मुक्त बनाया रखा जा सके।
रोडवेज व स्कूलों में चस्पा किए जाएंगे पोस्टर
लघु सचिवालय में हुई बैठक में एडीसी सोनू भट्ट ने स्वास्थ्य विभाग की मांग को ध्यान में रखते हुए रोडवेज विभाग को बसाें में जनता को जागरूक करने के लिए पोस्टर लगाने व काला तेल उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए हैं तो वहीं स्कूलों में मलेरिया व जागरूकता अभियान के तहत नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश दिए व पब्लिक हेल्थ विभाग को जल्द से जल्द पाइप लीकेज रोकने के आदेश दिए हैं।
सीएमओ बोले, पुरानी हैचरी है खराब
सीएमओ डॉ. सुखबीर सिंह का कहना है कि पुरानी हैचरी खराब हो गई थी। अब नई हैचरी तैयार कर गंबूजिया का प्रजनन शुरू कर दिया है। अगले कुछ समय में गंबूजिया पंचायती तालाबों में डाल दी जाएगी।
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गंबूजिया मछली, जो मच्छरों के लारवा को खत्म करने में कारगर है। उसका प्रजनन अस्पताल की खराब हैचरी के कारण ठप है। वहीं इसे उपलब्ध करवाने में मत्स्य विभाग भी पिछले दो साल से हाथ खड़े कर रहा है। ऐसे में विभाग गंबूजिया के लिए करनाल के नागरिक अस्पताल पर निर्भर है। जबकि इस वर्ष विभाग ने नई हैचरी बना उसमें दो बाल्टी गंबूजिया का बीज डाला है, जो अभी तक पूर्ण रूप से विकसित नहीं हो पाया है।
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स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि गंबूजिया मछली की कमी और फॉगिंग मशीनों की अपर्याप्त संख्या के चलते मलेरिया मुक्त जिला बनाए रखना मुश्किल हो सकता है। गर्मी और बारिश के मौसम में मच्छरों का प्रजनन बढ़ता है, जिससे डेंगू और मलेरिया के मामले बढ़ सकते हैं। जिले में पिछले वर्ष डेंगू के 283 मामले दर्ज किए गए थे और इस वर्ष अभी तक कोई मामला नहीं है पर जिले के 666 तालाबों में गंबूजिया मछली न छोड़ी गई तो स्थिति गंभीर हो सकती है।
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अभियान चलाकर किया जा रहा जागरूक
स्वास्थ्य विभाग ने हाल ही में जागरूकता अभियान शुरू किया है, जिसमें लोगों से जलभराव रोकने और घरों के आसपास सफाई रखने की अपील की गई है। हालांकि अपर्याप्त संसाधनों के साथ यह अभियान प्रभावी नहीं हो पा रहा। मत्स्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि गंबूजिया की आपूर्ति के लिए करनाल से मछली मंगवाने की प्रक्रिया चल रही है, लेकिन इसमें समय लगेगा क्योंकि पहले करनाल अपने लिए गंबूजिया की आपूर्ति पूरी करेगा। फोगिंग मशीनों की मरम्मत और नई मशीनों की खरीद के लिए भी संबंधित विभाग को लिखा गया है।
विभागों में समन्वय की कमी
पंचायती राज, निकाय विभाग, पब्लिक हेल्थ व मत्स्य विभाग में समन्वय की कमी भी इस समस्या को गंभीर बना रही है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि तत्काल कदम नहीं उठाए गए, तो जिले में डेंगू के मामलों में सामने आ सकते हैं। स्वास्थ्य विभाग ने एडीसी सोनू भट्ट की अध्यक्षता में हुई सभी विभागों की बैठक में माना कि गंबूजिया मछली की आपूर्ति, फोगिंग मशीनों की मरम्मत और जागरूकता अभियानों को तेज करने की जरूरत है। प्रशासन से मांग की जा रही है कि इस दिशा में ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि कुरुक्षेत्र को मलेरिया और डेंगू मुक्त बनाया रखा जा सके।
रोडवेज व स्कूलों में चस्पा किए जाएंगे पोस्टर
लघु सचिवालय में हुई बैठक में एडीसी सोनू भट्ट ने स्वास्थ्य विभाग की मांग को ध्यान में रखते हुए रोडवेज विभाग को बसाें में जनता को जागरूक करने के लिए पोस्टर लगाने व काला तेल उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए हैं तो वहीं स्कूलों में मलेरिया व जागरूकता अभियान के तहत नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश दिए व पब्लिक हेल्थ विभाग को जल्द से जल्द पाइप लीकेज रोकने के आदेश दिए हैं।
सीएमओ बोले, पुरानी हैचरी है खराब
सीएमओ डॉ. सुखबीर सिंह का कहना है कि पुरानी हैचरी खराब हो गई थी। अब नई हैचरी तैयार कर गंबूजिया का प्रजनन शुरू कर दिया है। अगले कुछ समय में गंबूजिया पंचायती तालाबों में डाल दी जाएगी।