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बारिश में बहा बिकने के लिए पड़ा धान

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 24 Sep 2021 12:59 AM IST
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Paddy had to be sold in the rain
मिलर्स की सरकार से नाराजगी, सरकारी खरीद का शुरू न होना और मौसम की बेरुखी ने किसानों की मुस्कान छीन ली। वीरवार दोपहर के बाद हुई तेज बारिश में थानेसर व पिपली अनाज मंडी में बिकने के लिए आई किसानों की धान भीग गई। तेज बारिश में धान बहकर यहां-वहां बिखर गई। हालांकि किसानों ने धान को बहने से बचाने का भरपूर प्रयास किया, मगर तेज बारिश के आगे किसान घुटने टेकने को मजबूर हो गए। बुधवार हुई बारिश को देखते हुए कई किसानों ने तिरपाल व पॉलिथीन का इंतजाम किया था, मगर वह इंतजाम नाकाफी रहा। बता दें राइस मिलर्स सरकार की नई चावल खरीद पॉलिसी का विरोध कर रहें हैं। इसके चलते मिलर्स सरकार को चेतावनी जारी करके धान खरीद का कार्य नहीं कर रहे। वहीं अभी सरकारी खरीद का कार्य भी शुरू नहीं हुआ है, जबकि खेतों में धान पक चुकी है। बिगड़ते मौसम को देखते हुए किसान धान की कटाई करके उसे मंडी में बिकने के लिए ला रहे है। अकेले थानेसर मंडी में ही 25 हजार से ज्यादा कट्टे बिकने के लिए पड़े हैं। किसानों का कहना है कि इस समय धान की फसल पक कर तैयार है। पिछले सप्ताह को भी तेज बारिश के कारण धान की कटाई का कार्य नहीं हो पाया था। खेतों की पहले की नमी अभी समाप्त भी नहीं हुई थी कि दोबारा बारिश ने दस्तक दी, जिससे खेतों में खड़ी फसल बिछ गई है। इससे धान की निकासी पर बुरा प्रभाव पड़ेगा। सरकार से मांग है कि सरकार शीघ्र सरकारी खरीद शुरू करके किसानों को राहत देने का काम करें अन्यथा किसानों बर्बाद हो जाएंगे।
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गांव सिंघपुरा के किसान रणजीत सिंह ने बताया कि उसने 14 एकड़ में पीआर 2600 किस्म की धान लगाई थी। पिछले सप्ताह उसने अपनी धान की कटाई की थी, जिसमें से वह 10 एकड़ फसल को बिकने के लिए थानेसर अनाज मंडी लाया था तथा चार एकड़ फसल घर पर पड़ी है। एक सप्ताह से वह फसल बिकने का इंतजार कर रहा है, मगर अभी तक फसल नहीं बिकी है।
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धुराला के किसान अमर सिंह ने बताया कि वह छह दिन से फसल बिकने की प्रतीक्षा कर रहे है, मगर कोई खरीददार ही नहीं मिल रहा है। हालांकि वह कम रेट पर भी फसल बेचने को तैयार है। बारिश से उनकी फसल को काफी नुकसान हुआ है। अब जो फसल बची है उसे सुखाने के लिए लेबर भी देनी पड़ेगी, जिस पर करीब तीन से चार हजार रुपये खर्च होंगे। वहीं फसल की सुरक्षा के लिए घर के कोई न कोई सदस्य मंडी में पहरा दे रहा है।
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बीड अमीन के किसान करनैल सिंह ने बताया कि उसने थानेसर मंडी में पीआर 1509 बिकने के लिए डाली थी, मगर खरीद न होने पर उसने करनाल मंडी में सरकारी रेट से कम 1821 रुपये में अपनी फसल बेचनी पड़ी। यहां भी पीआर 1509 की खरीद हो रही है, मगर भाव काफी नीचे मिल रहा है।
जिला समस्तीपुर बिहार से आए मजदूर परमेश्वर ने बताया कि वह 10 दिन पहले से 38 लोग सीजन के लिए थानेसर मंडी पहुंचे थे। मगर अभी खरीद का कार्य ही शुरू नहीं हुआ है। इस कारण उन्हें अभी अपनी जेब से खर्च करना पड़ा रहा है। खाने-पीने में उसके रोजाना 100 रुपये खर्च हो जाते है। अगर जल्दी खरीद शुरू नहीं हुई तो उनको काफी नुकसान होगा।

थानेसर मार्केट कमेटी सचिव हरजीत सिंह ने बताया कि अभी उनको सरकारी खरीद के निर्देश प्राप्त नहीं हुए है। जैसे ही सरकारी खरीद की सूचना मिलेगी वो तुरंत किसानों को मैसेज भेजेंगे। तेज बारिश के कारण के कारण मंडी में बारिश का पानी जमा हो गया, जिसकी निकासी के प्रबंध किए जा रहे है। सीजन में किसी को कोई समस्या नहीं आने दी जाएगी।
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