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Kurukshetra News: अनाजमंडी तक धान पहुंचा नहीं, गेट पास के बाद खरीद भी दिखा दी तो फसल की रकम भी जारी
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शाहाबाद। अनाजमंडी तक धान की फसल का एक दाना तक नहीं पहुंचा, लेकिन गेट पास भी कट गया तो फसल खरीद भी दिखा दी गई। यही नहीं फसल खरीद के बाद रकम भी जारी कर दी गई। भारतीय किसान यूनियन चढूनी गुट ने मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल की आड़ में आढ़ती व मुनीमों द्वारा कथित तौर पर किए जाने वाले इस गडबड़झाले का भंडाफोड़ किया है। जिसके बाद सुबह ही शिकायत जिला उपायुक्त को देते हुए जांच की मांग की। शाम को ही सीएम फ्लाइंग टीम भी मामले को लेकर जांच के लिए शाम के समय मार्केट कमेटी कार्यालय पहुंच गई, जहां देर शाम तक जांच जारी रही।
शिकायत में राकेश बैंस ने आरोप लगाते हुए बताया कि मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर फसल दर्ज को लेकर गिरोह अनाज मंडियों में काम कर रहे हैं। डीसी को भेजी शिकायत में उन्होंने अनाजमंडी के एक आढ़ती, उनकी पत्नी एवं मुनीम और उसकी पत्नी का आंकड़ों के साथ जिक्र किया। बैंस ने बताया कि संबंधित शिकायत उन्होंने शुक्रवार शाम मार्किट कमेटी सचिव कृष्ण कुमार मलिक को भी दी थी, लेकिन उनकी कार्रवाई से वह संतुष्ट नहीं हुए। जिसके बाद शनिवार सुबह संबंधित शिकायत उपायुक्त को दी गई।
उन्होंने भी संबंधित विभाग के आलाधिकारी और खरीद एजेंसी के दो अधिकारियों की तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर जांच करनी शुरू की, लेकिन इससे भी सच्चाई सामने आती नहीं दिखाई दी तो उन्होंने शनिवार दोपहर को प्रदेश सरकार के आलाधिकारियों को शिकायत भेजी और उसके बाद सीएम फ्लाइंग की टीम मार्किट कमेटी कार्यालय में कार्रवाई करने के लिए पहुंची। राकेश बैंस ने कहा कि पहले दी शिकायतों में उन्होंने सचिव और उपायुक्त को लिखा था कि मेरी फसल मेरा ब्योरा में दर्ज जमीन की मौके पर जांच की जाए व सभी की जमाबंदी व गिरदावरी रिकॉर्ड मंगवाया जाए।
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नोटिस भेजकर किया जवाब तलब : सचिव
मार्केट कमेटी सचिव कृष्ण कुमार मलिक का कहना है कि उन्हें भाकियू प्रवक्ता राकेश बैंस की तरफ से मौखिक शिकायत शुक्रवार शाम को मिली थी, जिसके बाद उन्होंने आढ़ती और उनकी पत्नी एवं मुनीम और उसकी पत्नी से जवाब तलब किया था। उसके बाद राकेश बैंस ने लिखित शिकायत देर रात मार्किट कमेटी कार्यालय की ईमेल पर डाली और उसके बाद सचिव ने कार्यालय स्तर पर चार मेंबर कमेटी गठित कर जांच शुरू की। उपायुक्त ने भी शिकायत के बाद जांच कमेटी गठित की है।
देर शाम तक की जाती रही सीएम फ्लाइंग द्वारा जांच
शनिवार देर शाम तक सीएम फ्लाइंग की अंबाला रेंज की टीम के सदस्य इंस्पेक्टर सतपाल, सब इंस्पेक्टर राजबीर सिंह और एएसआई परविंदर सिंह मार्किट कमेटी कार्यालय में जांच करते रहे। इंस्पेक्टर सतपाल ने बताया कि शिकायतकर्ता राकेश बैंस से मामले की जानकारी ली गई है। आढ़ती ने अपनी पत्नी के सभी दस्तावेज दर्ज करवा दिए है, लेकिन खुद के दस्तावेज जमा करवाने के लिए अभी समय मांगा है जबकि मुनीम फरार है। जांच के बाद ही अगली कार्रवाई की जाएगी।
इस तरह किया जा रहा गडबड़झाला
राकेश बैंस के मुताबिक कुछ आढ़तियों व कुछ मुनीमों द्वारा मेरी फसल मेरे ब्योरा पोर्टल पर गलत तरीके से फसल दर्ज की जाती है, फिर उन्हें कर्मचारियों व अधिकारियों से मिलकर सत्यापित करवा लिया जाता है या ऑटो वैरिफिकेशन हो जाती है और ई खरीद पोर्टल पर इन जमीनों पर दर्शायी फसल का कोटा जारी हो जाता है। उसका फायदा उठाकर केवल रिकाॅर्ड में अपनी फसल बेची दिखाई जाती है जबकि मंडी में फसल का एक भी दाना नहीं आता और मुनाफाखोरी के चक्कर में अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ मिलकर सरकारी पैसे का गबन करते है जबकि असली किसान अपनी फसल बेचने के लिए मंडियों में भटकता है।
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शिकायत में राकेश बैंस ने आरोप लगाते हुए बताया कि मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर फसल दर्ज को लेकर गिरोह अनाज मंडियों में काम कर रहे हैं। डीसी को भेजी शिकायत में उन्होंने अनाजमंडी के एक आढ़ती, उनकी पत्नी एवं मुनीम और उसकी पत्नी का आंकड़ों के साथ जिक्र किया। बैंस ने बताया कि संबंधित शिकायत उन्होंने शुक्रवार शाम मार्किट कमेटी सचिव कृष्ण कुमार मलिक को भी दी थी, लेकिन उनकी कार्रवाई से वह संतुष्ट नहीं हुए। जिसके बाद शनिवार सुबह संबंधित शिकायत उपायुक्त को दी गई।
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उन्होंने भी संबंधित विभाग के आलाधिकारी और खरीद एजेंसी के दो अधिकारियों की तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर जांच करनी शुरू की, लेकिन इससे भी सच्चाई सामने आती नहीं दिखाई दी तो उन्होंने शनिवार दोपहर को प्रदेश सरकार के आलाधिकारियों को शिकायत भेजी और उसके बाद सीएम फ्लाइंग की टीम मार्किट कमेटी कार्यालय में कार्रवाई करने के लिए पहुंची। राकेश बैंस ने कहा कि पहले दी शिकायतों में उन्होंने सचिव और उपायुक्त को लिखा था कि मेरी फसल मेरा ब्योरा में दर्ज जमीन की मौके पर जांच की जाए व सभी की जमाबंदी व गिरदावरी रिकॉर्ड मंगवाया जाए।
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नोटिस भेजकर किया जवाब तलब : सचिव
मार्केट कमेटी सचिव कृष्ण कुमार मलिक का कहना है कि उन्हें भाकियू प्रवक्ता राकेश बैंस की तरफ से मौखिक शिकायत शुक्रवार शाम को मिली थी, जिसके बाद उन्होंने आढ़ती और उनकी पत्नी एवं मुनीम और उसकी पत्नी से जवाब तलब किया था। उसके बाद राकेश बैंस ने लिखित शिकायत देर रात मार्किट कमेटी कार्यालय की ईमेल पर डाली और उसके बाद सचिव ने कार्यालय स्तर पर चार मेंबर कमेटी गठित कर जांच शुरू की। उपायुक्त ने भी शिकायत के बाद जांच कमेटी गठित की है।
देर शाम तक की जाती रही सीएम फ्लाइंग द्वारा जांच
शनिवार देर शाम तक सीएम फ्लाइंग की अंबाला रेंज की टीम के सदस्य इंस्पेक्टर सतपाल, सब इंस्पेक्टर राजबीर सिंह और एएसआई परविंदर सिंह मार्किट कमेटी कार्यालय में जांच करते रहे। इंस्पेक्टर सतपाल ने बताया कि शिकायतकर्ता राकेश बैंस से मामले की जानकारी ली गई है। आढ़ती ने अपनी पत्नी के सभी दस्तावेज दर्ज करवा दिए है, लेकिन खुद के दस्तावेज जमा करवाने के लिए अभी समय मांगा है जबकि मुनीम फरार है। जांच के बाद ही अगली कार्रवाई की जाएगी।
इस तरह किया जा रहा गडबड़झाला
राकेश बैंस के मुताबिक कुछ आढ़तियों व कुछ मुनीमों द्वारा मेरी फसल मेरे ब्योरा पोर्टल पर गलत तरीके से फसल दर्ज की जाती है, फिर उन्हें कर्मचारियों व अधिकारियों से मिलकर सत्यापित करवा लिया जाता है या ऑटो वैरिफिकेशन हो जाती है और ई खरीद पोर्टल पर इन जमीनों पर दर्शायी फसल का कोटा जारी हो जाता है। उसका फायदा उठाकर केवल रिकाॅर्ड में अपनी फसल बेची दिखाई जाती है जबकि मंडी में फसल का एक भी दाना नहीं आता और मुनाफाखोरी के चक्कर में अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ मिलकर सरकारी पैसे का गबन करते है जबकि असली किसान अपनी फसल बेचने के लिए मंडियों में भटकता है।