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Kurukshetra News: सड़क हादसे में जान गंवाने वाले युवक के माता-पिता को 17.96 लाख मुआवजा देने का आदेश

Fri, 15 May 2026 03:09 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र Updated Fri, 15 May 2026 03:09 AM IST
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Order to pay Rs 17.96 lakh compensation to the parents of the youth who lost his life in a road accident.
कुरुक्षेत्र। मोटर एक्सीडेंट क्लेम्स ट्रिब्यूनल (एमएसीटी) ने सड़क हादसे में जान गंवाने वाले 19 वर्षीय युवक नितिन के माता-पिता को 17 लाख 96 हजार 300 रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है। मुआवजा राशि पर याचिका दायर होने की तारीख से भुगतान तक छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देय होगा।
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मामले के अनुसार 26 फरवरी 2024 को नितिन मोटरसाइकिल पर अंबाला के नहोनी स्थित कृष्णा स्कूल से अपने घर साहा लौट रहा था। उसके पीछे उसका मामा संदीप दूसरी मोटरसाइकिल पर चल रहा था। जब वे भारत पेट्रोल पंप जगाधरी रोड साहा के पास पहुंचे तभी सामने से आ रहे कैंटर ने नितिन की मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी। हादसे में नितिन की मौके पर ही मौत हो गई।
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घटना के बाद थाना साहा जिला अंबाला में आरोपी चालक के खिलाफ आईपीसी की धारा 279 और 304 ए के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी। मृतक के माता-पिता पूनम और महेंद्र ने मोटर वाहन अधिनियम की धाराओं 140 और 166 के तहत 40 लाख रुपये मुआवजे की मांग करते हुए दावा याचिका दायर की थी।
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सुनवाई के दौरान बीमा कंपनी ने वाहन की संलिप्तता, चालक की लापरवाही और क्षेत्राधिकार सहित कई बिंदुओं पर आपत्ति जताई। कंपनी ने यह भी तर्क दिया कि मृतक स्वयं बिना ड्राइविंग लाइसेंस के वाहन चला रहा था और दुर्घटना के लिए जिम्मेदार था। हालांकि ट्रिब्यूनल ने इन दलीलों को स्वीकार नहीं किया।

ट्रिब्यूनल ने प्रत्यक्षदर्शी संदीप की गवाही, एफआईआर, चार्जशीट, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य दस्तावेजों के आधार पर माना कि दुर्घटना कैंटर चालक की लापरवाही से हुई। अदालत ने कहा कि मोटर दुर्घटना मामलों में निर्णय संभावनाओं के संतुलन के आधार पर लिया जाता है, न कि आपराधिक मामलों की तरह संदेह से परे प्रमाण के आधार पर।

आय संबंधी पर्याप्त दस्तावेज प्रस्तुत न होने के कारण ट्रिब्यूनल ने मृतक की मासिक आय 11 हजार रुपये मानी और सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुसार भविष्य की संभावनाओं, आश्रितों, अंतिम संस्कार खर्च और पारिवारिक क्षति को ध्यान में रखते हुए कुल 17.96 लाख रुपये का मुआवजा निर्धारित किया।


ट्रिब्यूनल ने यह भी स्पष्ट किया कि दुर्घटना के समय वाहन वैध बीमा पॉलिसी के अंतर्गत था और चालक के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस मौजूद था। इसलिए बीमा कंपनी को मुआवजा राशि का भुगतान करने के लिए जिम्मेदार ठहराया गया। संवाद
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