फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kurukshetra News ›   order to investigation in about Bed colleges in one building

एक इमारत में दो बीएड कॉलेज चलने के मामले में जांच के आदेश्ा

Fri, 10 Jun 2016 11:52 PM IST
अमर उजाला/ब्यूरो/कुरुक्षेत्र
अमर उजाला/ब्यूरो/कुरुक्षेत्र Updated Fri, 10 Jun 2016 11:52 PM IST
विज्ञापन
पिहोवा कस्बे की एक इमारत में दो अलग-अगल बीएड कॉलेज पर कुुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी ने मामले में संज्ञान लिया है और इसके लिए यूनिवर्सिटी डीन ऑफ कॉलेज को जांच के आदेश दिए हैं। बताना जरूरी है कि पिहोवा में कैथल रोड स्थित एक इमारत में दो अलग-अलग बीएड कॉलेज चल रहे हैं। इमारत के ग्राउंड फ्लोर में राजा देवी गोयल कॉलेज और प्रथम तल में श्री सत्या साईं कॉलेज चलाया जा रहा है, जिसको लेकर दोनों संस्थानों में आपसी खींचतान जारी है और दोनों पक्ष एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं। 
विज्ञापन


अब क्या कहना है दोनों पक्षों का
राजा देवी गोयल कॉलेज के संचालक ओमेश गोयल ने बताया कि उनके पास पिहोवा के गांव भेरियां में एक बिल्डिंग थी जिसमें वे कॉलेज चलाते थे। पिछली कांग्रेस सरकार में पिहोवा विधायक ने पिहोवा में सरकारी कॉलेज खोलने को कहा था। जिस पर संज्ञान लेते हुए राजा देवी गोयल कॉलेज ऑफ एजुकेशन को पहले से बनी मेरी एक अन्य इमारत गांव उसमानपुर में शिफ्ट करने की सोची। लेकिन शिफ्टिंग की अप्रूवल में ही करीब दो वर्ष लग गए। बकायदा शिफ्ट के लिए अप्रैल 2013 में प्रपोजल भेजा गया था। इसके बाद हमें एनसीईटी द्वारा नई बिल्डिंग में अप्रूवल मिल गई जिसके बाद से हमारा संस्थान पिछले एक वर्ष से विद्यार्थियों को बीएड व डीएड की शिक्षा प्रदान कर रहा है। उन्होंने कहा कि हमारे पास इस जगह शिक्षा प्रदान करने की अप्रूवल है। 
विज्ञापन

वहीं श्री सत्या साईं कॉलेज के प्रिंसिपल एचडी शर्मा ने बताया कि श्री सत्या साईं कॉलेज वर्ष 2007 से 35 वर्ष के लिए लीज पर लिए हुई इमारत में बीएड शिक्षा प्रदान कर रहा है, जिसके लिए बकायदा सर्वें भी किए जाते रहे हैं। शर्मा ने कहा कि हमारे संस्थान के पास भी बीएड में शिक्षा प्रदान करने की एनसीईटी व केयू द्वारा अप्रूवल मिली हुई है। उन्होंने कहा कि राजा देवी गोयल कॉलेज ऑफ एजुकेशन को एनसीईटी द्वारा वर्ष 2015 दिसंबर में शो काज नोटिस भी जारी किया गया है। इसके लिए कोई भी एनसीईटी की वेबसाईड पर जाकर जांच कर सकता है। शर्मा के अनुसार हमें दूसरा पक्ष बिना बात के परेशान कर रहा है। हमारे संस्थान की बिजली काट दी जाती है ताकि हम परेशान रहे। शर्मा ने कहा कि गोयल पक्ष द्वारा एक सर्वे कराया था जब हमारा संस्थान छुट्टी पर था। इसके बाद ही उन्हें मान्यता मिली है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


 क्या कहना है जांच अधिकारी का
इक्नोमिक्स सैल के प्रभारी ने सतीश कुमार ने बताया कि दोनों पक्षों के दस्तावेज ले लिए गए हैं। दोनों पक्षों के दस्तावेजों की जांच की जा रही है। जांच होने के बाद ही नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएंगी। 
वर्जन
एक ही इमारत में कार्यरत दो बीएड कॉलेज का मामला संज्ञान में है। इसमें कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी डीन ऑफ कॉलेज को जांच करने के लिए कहा है। 
-डॉ. प्रवीण सैनी, रजिस्ट्रार, कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed