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कोरोना संक्रमित एक महिला की मौत, 43 मरीज हुए एक ही दिन में ठीक
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One woman died of corona infection, 43 patients recovered in a single day
जिले में अलग-अलग जगह से कोरोना संक्रमित 24 नये मरीज सामने आए हैं, जबकि पिहोवा से एक कोरोना पॉजिटिव 55 वर्षीय महिला की मौत हो गई है। कोरोना संक्रमण से मौत का आंकड़ा 104 तक पहुंच गया है। वहीं, पॉजिटिव मरीजों का आंकड़ा 6724 तक। हालांकि कोरोना को मात देने वालों की संख्या 6283 हो गई है। कुरुक्षेत्र में फिलहाल 337 एक्टिव केस हैं। वहीं स्वास्थ्य विभाग द्वारा अभी तक लिए गए 114081 में से 107055 सैंपलों की रिपोर्ट निगेटिव आ चुकी है।
उधर, उपायुक्त शरणदीप कौर बराड़ ने कहा कि जिले में किसी भी नागरिक को खांसी-जुखाम, बुखार आदि के लक्षण हो तो वह तुरंत अपना कोरोना टेस्ट करवाएं। इतना ही नहीं 60 वर्ष से अधिक आयुवर्ग के सीनियर सिटीजन भी अपना कोरोना का टेस्ट करवाएं। इससे सही रिपोर्ट सामने आएगी और समय रहते देखभाल संभव हो सकेगी और दूसरे लोगों को भी संक्रमण से बचाया जा सकेगा। उपायुक्त ने कहा कि कुरुक्षेत्र में कोरोना से संक्रमित लोगों की संख्या बढ़ रही है। इसलिए कोरोना के फैलाव को रोकने के लिए सभी को आगे आना होगा। इस संक्रमण के फैलाव को तभी रोका जा सकता है, जब लोग अधिक से अधिक कोरोना के टेस्ट करवाएंगे। इस टेस्ट से यह तथ्य सामने आएंगे कि कहीं कोई संक्रमित व्यक्ति सरेआम बाहर तो नहीं घूम रहा है। अगर कोई कोरोना वायरस से संक्रमित व्यक्ति घर या बाहर में घूमेगा तो कोरोना का संक्रमण ओर ज्यादा फैल सकता है। इसलिए इस संक्रमण को रोकने के लिए 60 साल से ज्यादा आयु वर्ग के ऊपर के लोग तथा जिन लोगों को खांसी-जुखाम, बुखार आदि के लक्षण है, उनको तुरंत कोरोना का टेस्ट करवाना चाहिए। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से मोबाइल वैन और सरकारी अस्पताल में कोरोना के टेस्ट किए जा रहे हैं। किसी भी व्यक्ति को टेस्ट करवाने के लिए घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस से संक्रमित क्षेत्रों में प्रशासनिक अधिकारियों को भी पूरा फोकस रखना होगा। इन क्षेत्र में कोरोना से संक्रमित लोगों को सिम्टम और जरूरत के अनुसार अस्पताल, कोविड केयर सेंटर, होम आईसोलेशन में रखा जाए। इन क्षेत्र में कोरोना से संक्रमित लोगों की चैन में सैंपल लिए जाए और पूर्णत: सावधानी बरती जाए, ताकि कोरोना वायरस का फैलाव न हो सके। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग सिविल अस्पताल के साथ-साथ सीएचसी और पीएचसी स्तर पर भी फ्लू क्लीनिक में लोगों को चैक करना सुनिश्चित करें। सभी अधिकारियों को रिपोर्टिंग पर फोकस रखने की बजाए एनालाईसेस करने पर ध्यान देना चाहिए। जिस क्षेत्र में पाजिटिव केस सामने आए, उस क्षेत्र में सभी टीमों को संवेदनशीलता के साथ काम करना चाहिए। जिन लोगों को क्वारंटीन किया जाए उनको स्वास्थ्य विभाग की तरफ से किट मुहैया करवाई जाए, ताकि इस किट की पाठ्य सामग्री से व्यक्ति अपना बचाव खुद भी कर सके।
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उधर, उपायुक्त शरणदीप कौर बराड़ ने कहा कि जिले में किसी भी नागरिक को खांसी-जुखाम, बुखार आदि के लक्षण हो तो वह तुरंत अपना कोरोना टेस्ट करवाएं। इतना ही नहीं 60 वर्ष से अधिक आयुवर्ग के सीनियर सिटीजन भी अपना कोरोना का टेस्ट करवाएं। इससे सही रिपोर्ट सामने आएगी और समय रहते देखभाल संभव हो सकेगी और दूसरे लोगों को भी संक्रमण से बचाया जा सकेगा। उपायुक्त ने कहा कि कुरुक्षेत्र में कोरोना से संक्रमित लोगों की संख्या बढ़ रही है। इसलिए कोरोना के फैलाव को रोकने के लिए सभी को आगे आना होगा। इस संक्रमण के फैलाव को तभी रोका जा सकता है, जब लोग अधिक से अधिक कोरोना के टेस्ट करवाएंगे। इस टेस्ट से यह तथ्य सामने आएंगे कि कहीं कोई संक्रमित व्यक्ति सरेआम बाहर तो नहीं घूम रहा है। अगर कोई कोरोना वायरस से संक्रमित व्यक्ति घर या बाहर में घूमेगा तो कोरोना का संक्रमण ओर ज्यादा फैल सकता है। इसलिए इस संक्रमण को रोकने के लिए 60 साल से ज्यादा आयु वर्ग के ऊपर के लोग तथा जिन लोगों को खांसी-जुखाम, बुखार आदि के लक्षण है, उनको तुरंत कोरोना का टेस्ट करवाना चाहिए। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से मोबाइल वैन और सरकारी अस्पताल में कोरोना के टेस्ट किए जा रहे हैं। किसी भी व्यक्ति को टेस्ट करवाने के लिए घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस से संक्रमित क्षेत्रों में प्रशासनिक अधिकारियों को भी पूरा फोकस रखना होगा। इन क्षेत्र में कोरोना से संक्रमित लोगों को सिम्टम और जरूरत के अनुसार अस्पताल, कोविड केयर सेंटर, होम आईसोलेशन में रखा जाए। इन क्षेत्र में कोरोना से संक्रमित लोगों की चैन में सैंपल लिए जाए और पूर्णत: सावधानी बरती जाए, ताकि कोरोना वायरस का फैलाव न हो सके। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग सिविल अस्पताल के साथ-साथ सीएचसी और पीएचसी स्तर पर भी फ्लू क्लीनिक में लोगों को चैक करना सुनिश्चित करें। सभी अधिकारियों को रिपोर्टिंग पर फोकस रखने की बजाए एनालाईसेस करने पर ध्यान देना चाहिए। जिस क्षेत्र में पाजिटिव केस सामने आए, उस क्षेत्र में सभी टीमों को संवेदनशीलता के साथ काम करना चाहिए। जिन लोगों को क्वारंटीन किया जाए उनको स्वास्थ्य विभाग की तरफ से किट मुहैया करवाई जाए, ताकि इस किट की पाठ्य सामग्री से व्यक्ति अपना बचाव खुद भी कर सके।
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