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Kurukshetra: कभी देखते थे जहाज उड़ाने का सपना, आज लेफ्टिनेंट बने हेमंत

Mon, 12 Jun 2023 02:14 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शाहाबाद, कुरुक्षेत्र (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहाबाद, कुरुक्षेत्र (हरियाणा) Published by: अमर उजाला ब्यूरो Updated Mon, 12 Jun 2023 02:14 AM IST
सार

हेमंत राणा की पहली तैनाती गुजरात की महार रेजिमेंट में हुई है। माता-पिता ने जब हेमंत राणा के कंधों पर स्टार लगाए तो दोनों के लिए यह उनकी जिंदगी के सबसे सुनहरे के पल थे।

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Once used to dream of flying a ship, today Hemant became lieutenant
लेफ्टिनेंट बने हेमंत - फोटो : संवाद

विस्तार

हरियाणा के कुरुक्षेत्र के शाहाबाद क्षेत्र के गांव कलसाना के हेमंत राणा का चयन लेफ्टिनेंट के पद पर हुआ है। सूबेदार मेजर दुर्गेश कुमार के बेटे हेमंत राणा जनवरी 2019 में एनडीए के लिए चयनित हुए थे। शनिवार को आईएमए देहरादून में उन्हें कमीशन दिया गया। हेमंत कभी जहाज उड़ाने का सपना देखते थे।अब वह लेफ्टिनेंट बन गए हैं। उनकी इस उपलब्धि से गांव में खुशी की लहर है।

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हेमंत राणा की पहली तैनाती गुजरात की महार रेजिमेंट में हुई है। माता-पिता ने जब हेमंत राणा के कंधों पर स्टार लगाए तो दोनों के लिए यह उनकी जिंदगी के सबसे सुनहरे के पल थे। हेमंत के लेफ्टिनेंट बनने से गांव में खुशी की लहर है।
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गांववासियों ने फूल मालाओं के साथ गांव के बेटे का स्वागत किया है। पत्रकारों से बातचीत में हेमंत ने कहा कि पिता सूबेदार दुर्गेश और माता मिनाक्षी ने ही उनके लिए यह सपना देखा था और आज उन्हीं के आदर्श व प्रेरणा से वह इस पद पर काबिज हुए हैं।
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दसवीं कक्षा में 95 प्रतिशत अंकों के साथ उत्तीर्ण करने पर उन्होंने इसकी तैयारी 11वीं कक्षा में पढ़ते हुए कर दी थी । 12वीं कक्षा 91 प्रतिशत अंकों के साथ पास की। जिसके बाद लेफ्टिनेंट के लिए लिखित परीक्षा पास की और एसएसबी की तरफ से पांच दिन का साक्षात्कार लिया गया। जिसे पास करने के बाद मेडिकल में पास हुए और फिर पैनल में नाम आने के बाद ट्रेंनिग के लिए बुलाया गया।

इसके बाद राष्ट्रीय सैन्य अकादमी देहरादून से चार वर्ष का कड़ा प्रशिक्षण हासिल किया और फिर पासिंग आउट परेड के बाद माता-पिता ने कंधों पर स्टार सजाये। इस अवसर पर चाचा तिलक राणा, बृजेश कुमार, बब्बू सिंह राणा, हरदीप राणा, रणदीप राणा, कुलदीप राणा, भूषण राणा, ऊधम सिंह, दीपक अनेजा, विनोद कुमार और रमन राणा मौजूद रहे।


शुरू से ही सेना के माहौल में रहे हेमंत
हेमंत राणा ने पत्रकारों से चर्चा में बताया कि उनके दादा स्वर्गीय सपट्टर सिंह सेना से सूबेदार के पद से और नाना महीपाल सिंह सेना में आनरेरी कर्नल की पोस्ट से रिटायर हुए हैं और पिता दुर्गेश कुमार इस समय सूबेदार मेजर हैं। इसलिए शुरू से ही वह सेना के माहौल में रहे हैं और आर्मी स्कूल में पढ़े हैं। इसलिए जब भी आकाश में वायु सेना के उड़ते जहाजोंं को देखते थे तो उनका सपना था कि वह भी एक दिन वायुसेना का जहाज उड़ाएंगे। लेकिन वायुसेना में जाने का उनका सपना सच नहीं हो सका। जिसके बाद उन्होंने सेना में लेफ्टिनेंट बनने के सपने को साकार किया।

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