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Kurukshetra News: कंजक्टिवाइटिस के मरीजों की संख्या बढ़ी, 203 ओपीडी में 70 लोगों में मिला संक्रमण
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कुरुक्षेत्र। अगर आपकी भी आंखें लाल हो रही हैं तो जरा सावधान हो जाएं। काला चश्मा लगाएं और धूप में निकलने से बचें। जिले में आंखों के संक्रमण (कंजक्टिवाइटिस) के मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। सरकारी और निजी अस्पतालों में प्रतिदिन 70 से ज्यादा मरीज आंख के संक्रमण से ग्रसित के पहुंच रहे हैं। हालांकि नेत्र रोग विशेषज्ञ उनको एहतियात बरतने की सलाह दे रहे हैं। इसमें संक्रमण से ग्रसित मरीज आंख लाल होना, आंख में जलन, आंख से पानी गिरना, आंख का चिपकना, पलक में जलन की शिकायत कर रहे हैं। सोमवार को एलएनजेपी अस्पताल में नेत्र विभाग की कुल 203 ओपीडी (बाह्य रोगी विभाग) हुई। इसमें करीब 70 फीसदी मरीज संक्रमण से ग्रसित पाए गए।
दरअसल, गत दिनों आई बाढ़ के बाद स्वास्थ्य विभाग के पास पानी जनित के साथ आंखों में जलन के मामले सामने आए थे। इन मरीजों को विभाग की ओर से लगाए गए शिविरों और घर-घर जाकर उपचार किया जा रहा था, अब आंखों में संक्रमण के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी। हालांकि नेत्र रोग विशेषज्ञों का मानना है कि बाढ़ की वजह से संक्रमण नहीं फैला है। यह एक तरह का वायरल है, जिससे कुछ सावधानियां बरत कर बचा जा सकता है। हालांकि यह कोई गंभीर बीमारी नहीं है। इसलिए ज्यादा घबराने की जरूरत नहीं है।
680 में से 450 मरीज संक्रमण के मिले
एलएनजेपी में पिछले चार दिन रविवार छोड़कर में नेत्र विभाग की 680 ओपीडी हुई, जिसमें 450 से मरीज संक्रमण के शामिल है। वीरवार को विभाग में कुल 187 ओपीडी, शुक्रवार को 163, शनिवार को 127 और सोमवार को 203 ओपीडी हुई। इसमें 60 से 70 फीसदी मरीज कंजक्टिवाइटिस के शिकार पाए गए। हालांकि इसमें दिन-प्रतिदिन इजाफा होने की संभावना है।
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कंजक्टिवाइटिस आम तरह की बीमारी, घबराएं नहीं
एलएनजेपी अस्पताल की नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. अनीता गोयल ने बताया कि कंजक्टिवाइटिस आम-सी बीमारी आम है। इससे ज्यादा घबराने की जरूरत नहीं है। सात से 10 दिन के भीतर यह संक्रमण ठीक हो जाता है। कुछ सावधानियां रखकर इससे बचा जा सकता है। आंख पर हाथ लगाने से बचें। आंख को ठंडे पानी से धोएं, संक्रमण होने पर काला चश्मा लगाएं। साथ ही बीमारी के लक्षण दिखने पर नेत्र चिकित्सक की सलाह लें।
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दरअसल, गत दिनों आई बाढ़ के बाद स्वास्थ्य विभाग के पास पानी जनित के साथ आंखों में जलन के मामले सामने आए थे। इन मरीजों को विभाग की ओर से लगाए गए शिविरों और घर-घर जाकर उपचार किया जा रहा था, अब आंखों में संक्रमण के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी। हालांकि नेत्र रोग विशेषज्ञों का मानना है कि बाढ़ की वजह से संक्रमण नहीं फैला है। यह एक तरह का वायरल है, जिससे कुछ सावधानियां बरत कर बचा जा सकता है। हालांकि यह कोई गंभीर बीमारी नहीं है। इसलिए ज्यादा घबराने की जरूरत नहीं है।
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680 में से 450 मरीज संक्रमण के मिले
एलएनजेपी में पिछले चार दिन रविवार छोड़कर में नेत्र विभाग की 680 ओपीडी हुई, जिसमें 450 से मरीज संक्रमण के शामिल है। वीरवार को विभाग में कुल 187 ओपीडी, शुक्रवार को 163, शनिवार को 127 और सोमवार को 203 ओपीडी हुई। इसमें 60 से 70 फीसदी मरीज कंजक्टिवाइटिस के शिकार पाए गए। हालांकि इसमें दिन-प्रतिदिन इजाफा होने की संभावना है।
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कंजक्टिवाइटिस आम तरह की बीमारी, घबराएं नहीं
एलएनजेपी अस्पताल की नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. अनीता गोयल ने बताया कि कंजक्टिवाइटिस आम-सी बीमारी आम है। इससे ज्यादा घबराने की जरूरत नहीं है। सात से 10 दिन के भीतर यह संक्रमण ठीक हो जाता है। कुछ सावधानियां रखकर इससे बचा जा सकता है। आंख पर हाथ लगाने से बचें। आंख को ठंडे पानी से धोएं, संक्रमण होने पर काला चश्मा लगाएं। साथ ही बीमारी के लक्षण दिखने पर नेत्र चिकित्सक की सलाह लें।