फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kurukshetra News ›   Now how much improvement has happened in ground water level due to Saraswati river, Saraswati Heritage Development Board will measure at 40 places

Kurukshetra News: अब सरस्वती नदी के चलते भूजल स्तर में कितना हुआ सुधार, 40 जगहों पर नापेगा सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 13 Jun 2024 03:42 AM IST
विज्ञापन
Now how much improvement has happened in ground water level due to Saraswati river, Saraswati Heritage Development Board will measure at 40 places
कुरुक्षेत्र। सरस्वती नदी के चलते आसपास के क्षेत्र में भूजल स्तर में कितना सुधार हुआ, सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड 40 जगहों से यह नाप करेगा। इसके लिए यमुनानगर, कुरुक्षेत्र व कैथल में नदी के आसपास 40 पीजोमीटर लगाए जाएंगे, जिसकी योजना बोर्ड ने तैयार कर ली है। यहां तक कि प्रपोजल तैयार कर प्रदेश सरकार को भेजा गया है। उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही इस पर मंजूरी मिल जाएगी, जिसके बाद कार्य शुरू किया जाएगा।
विज्ञापन

सरस्वती नदी को जलसंरक्षण एवं भूजल रिचार्ज का बड़ा स्त्रोत माना जा रहा है। यहां तक कि बोर्ड की ओर से दावा किया जा रहा है कि पिछले वर्ष बारिश के सीजन में ही 20 करोड़ लीटर जल संरक्षित किया गया था। हालांकि यह नदी किनारे बनाए तालाबों के जरिए ही किया गया, जहां भूजल स्तर में वृद्धि हुई है। वहीं यह भी माना जा रहा है कि सरस्वती के आसपास आद्रिब्रदी से लेकर कैथल तक भूजल स्तर में सुधार हुआ है। आसपास के किसान भी बोर्ड के समक्ष यह दावा कर चुके हैं। ऐसे में अब बोर्ड ने पीजोमीटर के जरिए यह पैमाइश करने का फैसला किया है। बनाई गई योजना के तहत तीनों जिलों में सरस्वती नदी के आसपास ये पीजोमीटर स्थापित किए जाएंगे, ताकि भूजल स्तर में सुधार का सही पता लगाया जा सके।
विज्ञापन


भूजल स्तर के लिए कुरुक्षेत्र की रही गंभीर स्थिति
कुरुक्षेत्र की स्थिति पूरे प्रदेश में सबसे ज्यादा खराब रही है। यहां तक कि कृषि में पानी दोहन पर भी पाबंदी लगानी पड़ी थी। वर्ष 2022 में अटल भूजल योजना के तहत टीम की ओर से जिला के शाहाबाद, लाडवा व पिहोवा के 189 गांव का सर्वे किया गया था, जिसके अनुसार शाहाबाद में मौजूदा जलस्तर 150 से 230, पिहोवा में 150 से 180 और लाडवा में 80 से 130 मीटर आंका गया था। तत्कालीन भूजल विशेषज्ञ डॉ. नवीन के निर्देशन में शाहाबाद के 73, पिहोवा के 65 और लाडवा के 51 गांवों का सर्वे किया था। सर्वे रिपोर्ट में आया कि इन तीनों खंडों में पिछले 10 साल में भूजल स्तर करीब 15 मीटर नीचे चला गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन



प्रपोजल मंजूर होते ही की जाएगी पीजोमीटर की खरीद : एक्सईएन
सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड के एक्सईएन इंजी. अरविंद कौशिक का कहना है कि सरस्वती के जरिए भूजल रिचार्ज लगातार हो रहा है, लेकिन यह पता लगाया जाना भी जरूरी है कि भूजल रिचार्ज से कितना अंतर आया है। इसके लिए 40 पीजोमीटर लगाए जाने की तैयारी है। प्रपोजल मंजूर होते ही इनकी खरीदारी की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed