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Kurukshetra News: अब फल, सब्जियां व बीज नमी की वजह से नहीं होंगे खराब, सौर प्रणाली रखे जा सकेंगे सुरक्षित
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अंग्रेज सिंह
कुरुक्षेत्र। अब ग्लोबल वार्मिंग के चलते मौसम में आने वाले बदलाव से फल, सब्जियां व बीज खराब नहीं होंगे। इन्हें सौर प्रणाली यंत्र से सुरक्षित रखा जा सकेगा। इससे किसानों के साथ-साथ आम लोगों को भी हर सीजन में होने वाले बड़े नुकसान से बचा जा सकेगा।
यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलाॅजी (यूआईईटी) और मैकेनिकल विभाग के शिक्षकों ने एक साल कड़ी मेहनत कर यह सौर प्रणाली ड्रायर इजाद किया है, जिसका हाल ही में पेटेंट भी कराया गया है। इस प्रणाली के द्वारा बीज व फलों को सुखाकर स्टोर किया जा सकेगा, जिससे नमी की मात्रा होगी और उन्हें अंकुरित होने से भी बचाया जा सकेगा। यह किसी भी अनाज को प्रयोग करने से पहले धुलाई करने और बाद में उसके सुखाने में आने वाली समस्या का भी समाधान होगा। इससे अनाज की गुणवत्ता पर भी कोई असर नही पड़ेगा तो एक तय समय में ही अनाज की नमी को एक मात्रा तक कम किया जा सकेगा।
इस तरह कम की जा सकती है नमी
इस मशीन में एक सोलर फ्लैट प्लेट कलेक्टर यूनिट होती है, जिसके अंदर एक फेस चेंज मैटेरियल बॉक्स है जो तापमान को नियंत्रित करने में और सांय काल में या बदलो की स्थिति में ड्रायर को चलाने में मदद करता है इसकी मोटाई 0.3 से 0.4 मिमी होती है। सोलर ड्रायर यूनिट में एक डेसिकेंट बॉक्स का प्रयोग किया गया है, जो इसे मानसून के समय में प्रयोग करने में कारगर होगा । डेसिकेंट बॉक्स जिसमे सिलिका जेल होती है जो हवा में ह्यूमिडिटी को कंट्रोल करके चैंबर में भेजता है, जिससे बीज को ड्राइ करने की क्षमता बढ़ जाती है। नमी के लेवल को निर्धारित करने के लिए वेटिंग मशीन को लगाया गया है जो लगातार निगरानी करती है और जितनी नमी की आवश्कता है उसके बाद बजर साउंड के माध्यम से जानकारी देती है। हवा को समान रूप से फैलाने के लिए होनीकॉम्ब संरचना का प्रयोग कर और दो ट्रे लगाई गई जिन पर ब्लोअर के माध्यम से फल या बीज को सुखाने में मदद मिलती है।
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बॉक्स
बारिश के मौसम में भी कारगर
सौर प्रणाली ड्रायर को विकसित करने वाले डॉ. सुनील नैन, डॉ. संजय, डॉ. अहलवात, डॉ. अनुराधा, डॉ. उपेंद्र व साक्षी नैन बताते हैं कि वातावरण की हवा की नमी को कम करके बीज तक गर्म हवा पहुंचती है, जिसमे नमी की मात्रा कम होती है। बारिश के मौसम में चलाने के लिए इसमें फेस चेंज मैटीरियल का इस्तेमाल किया गया है जो ऊर्जा को स्टोर कर के रखता है ,जिसको काम आने पर प्रयोग किया जाता है।
धूप न होगी तो भी चिंता नहीं : डॉ सुनील
यूआईटी के शिक्षक डॉ. सुनील नैन का कहना है कि सौर प्रणाली मशीन की सहायता से किसान बीज में नमी की मात्रा अपने अनुसार नियंत्रित कर सकेंगे व बीज को लंबे समय तक स्टोर कर रख सकते हैं। इसका यह भी लाभ है कि धूप न होने पर भी यह फलों, सब्जियों व बीजों की लाइफ बढ़ाने के लिए कारगर होगा व इनका उपयोग लंबे समय तक किया जा सकेगा। उनका कहना है कि सौर प्रणाली को केंद्र सरकार द्वारा पेटेंट भी दिया गया है।
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कुरुक्षेत्र। अब ग्लोबल वार्मिंग के चलते मौसम में आने वाले बदलाव से फल, सब्जियां व बीज खराब नहीं होंगे। इन्हें सौर प्रणाली यंत्र से सुरक्षित रखा जा सकेगा। इससे किसानों के साथ-साथ आम लोगों को भी हर सीजन में होने वाले बड़े नुकसान से बचा जा सकेगा।
यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलाॅजी (यूआईईटी) और मैकेनिकल विभाग के शिक्षकों ने एक साल कड़ी मेहनत कर यह सौर प्रणाली ड्रायर इजाद किया है, जिसका हाल ही में पेटेंट भी कराया गया है। इस प्रणाली के द्वारा बीज व फलों को सुखाकर स्टोर किया जा सकेगा, जिससे नमी की मात्रा होगी और उन्हें अंकुरित होने से भी बचाया जा सकेगा। यह किसी भी अनाज को प्रयोग करने से पहले धुलाई करने और बाद में उसके सुखाने में आने वाली समस्या का भी समाधान होगा। इससे अनाज की गुणवत्ता पर भी कोई असर नही पड़ेगा तो एक तय समय में ही अनाज की नमी को एक मात्रा तक कम किया जा सकेगा।
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इस तरह कम की जा सकती है नमी
इस मशीन में एक सोलर फ्लैट प्लेट कलेक्टर यूनिट होती है, जिसके अंदर एक फेस चेंज मैटेरियल बॉक्स है जो तापमान को नियंत्रित करने में और सांय काल में या बदलो की स्थिति में ड्रायर को चलाने में मदद करता है इसकी मोटाई 0.3 से 0.4 मिमी होती है। सोलर ड्रायर यूनिट में एक डेसिकेंट बॉक्स का प्रयोग किया गया है, जो इसे मानसून के समय में प्रयोग करने में कारगर होगा । डेसिकेंट बॉक्स जिसमे सिलिका जेल होती है जो हवा में ह्यूमिडिटी को कंट्रोल करके चैंबर में भेजता है, जिससे बीज को ड्राइ करने की क्षमता बढ़ जाती है। नमी के लेवल को निर्धारित करने के लिए वेटिंग मशीन को लगाया गया है जो लगातार निगरानी करती है और जितनी नमी की आवश्कता है उसके बाद बजर साउंड के माध्यम से जानकारी देती है। हवा को समान रूप से फैलाने के लिए होनीकॉम्ब संरचना का प्रयोग कर और दो ट्रे लगाई गई जिन पर ब्लोअर के माध्यम से फल या बीज को सुखाने में मदद मिलती है।
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बारिश के मौसम में भी कारगर
सौर प्रणाली ड्रायर को विकसित करने वाले डॉ. सुनील नैन, डॉ. संजय, डॉ. अहलवात, डॉ. अनुराधा, डॉ. उपेंद्र व साक्षी नैन बताते हैं कि वातावरण की हवा की नमी को कम करके बीज तक गर्म हवा पहुंचती है, जिसमे नमी की मात्रा कम होती है। बारिश के मौसम में चलाने के लिए इसमें फेस चेंज मैटीरियल का इस्तेमाल किया गया है जो ऊर्जा को स्टोर कर के रखता है ,जिसको काम आने पर प्रयोग किया जाता है।
धूप न होगी तो भी चिंता नहीं : डॉ सुनील
यूआईटी के शिक्षक डॉ. सुनील नैन का कहना है कि सौर प्रणाली मशीन की सहायता से किसान बीज में नमी की मात्रा अपने अनुसार नियंत्रित कर सकेंगे व बीज को लंबे समय तक स्टोर कर रख सकते हैं। इसका यह भी लाभ है कि धूप न होने पर भी यह फलों, सब्जियों व बीजों की लाइफ बढ़ाने के लिए कारगर होगा व इनका उपयोग लंबे समय तक किया जा सकेगा। उनका कहना है कि सौर प्रणाली को केंद्र सरकार द्वारा पेटेंट भी दिया गया है।