फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kurukshetra News ›   Now 30 more pilgrimages of Kurukshetra, Karnal, Kaithal and Jind are marked under 48 Kos, KDB will rejuvenate

Kurukshetra News: अब 48 कोस के अधीन कुरुक्षेत्र, करनाल, कैथल और जींद के 30 और तीर्थ चिह्नित, केडीबी करेगा कायाकल्प

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 16 Mar 2023 01:44 AM IST
विज्ञापन
Now 30 more pilgrimages of Kurukshetra, Karnal, Kaithal and Jind are marked under 48 Kos, KDB will rejuvenate
कुरुक्षेत्र। धर्मनगरी के साथ-साथ कैथल, करनाल व जींद के 30 और नए तीर्थों के दिन फिरने वाले हैं। इनका न केवल करोड़ों रुपये खर्च कर कायाकल्प होगा बल्कि पर्यटन की दृष्टि से इन्हें विकसित किया जाएगा। इसके लिए कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड ने खाका तैयार कर लिया है, जिसे मंजूरी के लिए जल्द की प्रदेश सरकार के पास भेजा जाएगा।
विज्ञापन

कुरुक्षेत्र के 48 कोस के अंतर्गत आने वाले इन तीर्थों को करीब एक माह पहले ही कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के अधीन किया गया है, जिसके बाद इनके विकास को लेकर पहल भी शुरू कर दी गई है। हालांकि इन तीर्थों को कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के अधीन कर विकसित किए जाने को लेकर करीब एक वर्ष पहले विगत अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने घोषणा की थी, लेकिन इस पर करीब एक माह पहले 16 फरवरी को राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय व मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में हुई बोर्ड की बैठक में मोहर लगाई गई थी। यही नहीं राज्यपाल व मुुख्यमंत्री ने इन तीर्थों को विकसित करने को लेकर उत्सुकता दिखाई थी तो वहीं केडीबी अधिकारियों को भी इसके लिए जल्द कार्य शुरू करने को कहा गया था। इसके बाद केडीबी की टीम ने इन सभी तीर्थों का अवलोकन कर रिपोर्ट सौंपी तो इनके विकास का खाका भी तैयार कर लिया गया।
विज्ञापन



ये नए तीर्थ किए गए केडीबी सूची में शामिल
13 कुरुक्षेत्र, 10 कैथल, एक जींद और छह करनाल जिले के तीर्थ है। यह पहली बार है जब केडीबी की सूची में ये तीर्थ शामिल किए गए हैं और इन पर करोड़ों रुपये खर्च कर केडीबी विकसित करेगी। इनके साथ अब केडीबी की सूची में तीर्थो की संख्या 164 हो गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन


फोटो 3
इन तीर्थों पर जल्द शुरू होंगे काम : छाबड़ा
केडीबी मानद सचिव मदन मोहन छाबड़ा का कहना है कि इन तीर्थों को विकसित करने के लिए बोर्ड की तरफ से खाका तैयार कर लिया गया है। जिसे मंजूरी के लिए सरकार के पास भेजा जाएगा। मंजूरी मिलते ही जल्द काम शुरू कर दिया जाएगा। करोड़ों की लागत से किया जाने वाला कार्य पूरा होने पर ये तीर्थ नए लुक में दिखाई देंगे, जहां पर्यटकों को विशेष अनुभूति होगी।


ये तीर्थ किए गए सूची में शामिल
कुरुक्षेत्र :
श्री कालेश्वर तीर्थ, बद्रपच्चन तीर्थ (ननद-भौजी तीर्थ), कुबेर तीर्थ, राम तीर्थ (प्राची तीर्थ), गांव खेड़ी मारकंडा का सरस्वती घाट, अभिमन्युपुर अमीन के सोम तीर्थ (शाशमली तीर्थ), अंबा तीर्थ, कौशिकी तीर्थ (मानशी गंगा), बारवा का नरसिम्हा तीर्थ, बारना के बारनावती तीर्थ (बन तीर्थ), हथीरा का माता बाला सुंदरी तीर्थ, घराड़सी के विष्णुपाद गरुड़ा तीर्थ, भैंसी माजरा का यम कुंड।

कैथल : गांव संगरौली का वर्णेश्वर तीर्थ, संगरोली-सकरा रोड गांव ढेरुडू की सीमा पर स्थित पंचतीर्थ, सलीमपुर मदुद के च्वाण ऋषि तीर्थ (चूल्हा तीर्थ), जजनपुर जमदग्नि तीर्थ, बंदराना का विंदुसार तीर्थ (विंदया तीर्थ), जदभारत तीर्थ, चंदलाना का अमर हार्ड तीर्थ (दंगाली तीर्थ), मटोर श्री तीर्थ, बालू का बालाखलिया तीर्थ (शोभरी तीर्थ), पाई का धर्मकुंड।


जींद : धातर्थ का मलिकेश्वर तीर्थ।

करनाल : गांव रायसन का ययाती तीर्थ, डेरा सोडापुर, बरास का अरोग्या तीर्थ, सौंकड़ा का गणेश कुंडी, धुंधदिराज तीर्थ, अलावला का शाकुंभरी देवी तीर्थ, करसा डोड का कुलतारण तीर्थ, बरास का मनोजव तीर्थ (मनोकामना तीर्थ)।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed