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कैश न मिलने पर लोगों ने की नारेबाजी
अमर उजाला/ब्यूरो/कुरुक्षेत्र
Updated Sat, 19 Nov 2016 12:23 AM IST
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कैश न मिलने पर नारेबाजी करते लोग
- फोटो : amar ujala
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500 और 1000 रुपये के नोट बंद होने से जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बाजार में ग्राहक दुकान पर 500 और 1000 रुपये का नोट लेकर जाते हैं तो दुकानदार अपना सामान बेचने से इंकार कर देता है। इससे दुकानदारों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। बैंक से कैश न मिलने से शुक्रवार को लोगों ने नारेबाजी शुरू कर दी।
ग्रामीण सतबीर सिंह, मोहित कुमार, अशोक कुमार, जरनैल सिंह, मुकेश कुमार, रामेश्वर दास व अन्य लोगों ने कैश न मिलने के कारण बाबैन में एसबीआई बैंक के बाहर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। लोगों का कहना था कि सरकार के द्वारा बैंकों में जरूरत से अधिक कैश भेजना चाहिए जिससे आम जनता को परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होनें कहा कि 500 व 1000 हजार को नोट बंद करने के बाद बाजार में दुकानदार उन्हें सामान नहीं देते है जबकि गांव में दुकानदार ने पिछला हिसाब न होने के कारण आगे सामना देना बंद कर दिया है। लोगों ने आरोप लगया कि अधिकारी अपने रिश्तेदारों व अपने चहेतों को कैश बांट रहे हैं जब आम आदमी की बारी आती है तो तब कह देते हैं कि कैश खत्म हो गया है। लोगों ने सरकार से मांग की है कि जब सरकार के द्वारा 500 व 1000 हजार के नोट बंद किए है तो उसकी एवज में 100 व 50 के नोट भरपूर मात्रा में भेजने चाहिएं।
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ग्रामीण सतबीर सिंह, मोहित कुमार, अशोक कुमार, जरनैल सिंह, मुकेश कुमार, रामेश्वर दास व अन्य लोगों ने कैश न मिलने के कारण बाबैन में एसबीआई बैंक के बाहर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। लोगों का कहना था कि सरकार के द्वारा बैंकों में जरूरत से अधिक कैश भेजना चाहिए जिससे आम जनता को परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होनें कहा कि 500 व 1000 हजार को नोट बंद करने के बाद बाजार में दुकानदार उन्हें सामान नहीं देते है जबकि गांव में दुकानदार ने पिछला हिसाब न होने के कारण आगे सामना देना बंद कर दिया है। लोगों ने आरोप लगया कि अधिकारी अपने रिश्तेदारों व अपने चहेतों को कैश बांट रहे हैं जब आम आदमी की बारी आती है तो तब कह देते हैं कि कैश खत्म हो गया है। लोगों ने सरकार से मांग की है कि जब सरकार के द्वारा 500 व 1000 हजार के नोट बंद किए है तो उसकी एवज में 100 व 50 के नोट भरपूर मात्रा में भेजने चाहिएं।
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