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Kurukshetra News: मांगों के समर्थन में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के गैर शिक्षक कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन
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कुरुक्षेत्र। कुलसचिव को ज्ञापन सौंपने के दौरान कर्मचारी। स्वयं
कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में मंगलवार को नॉन-टीचिंग कर्मचारी संघ ने अपनी लंबित मांगों के लिए भारतीय मजदूर संघ के बैनर तले विरोध प्रदर्शन किया। एचकेआरएनएल, हार्ट्रोन और पार्ट-टू संविदा कर्मचारियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। कर्मचारियों ने नारेबाजी के साथ अपनी मांगें मुखर रूप से रखीं।
प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने विश्वविद्यालय परिसर में एकत्र होकर जॉब सिक्योरिटी, वेतन बकाया और एचकेआरएन पोर्टल से जुड़े मुद्दों पर रोष जताया। कर्मचारियों ने कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा के माध्यम से राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। कुलपति के न होने पर कुलसचिव को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई कि विश्वविद्यालयों में कार्यरत एचकेआरएन कर्मचारियों को जॉब सुरक्षा अधिनियम 2024 के अंतर्गत लाया जाए। इसमें पांच वर्ष से अधिक सेवा अवधि वाले कर्मचारियों के साथ-साथ 0 से पांच वर्ष सेवा वाले कर्मचारियों को भी शामिल किया जाए।
कर्मचारियों ने यह भी मांग रखी कि राज्य विश्वविद्यालयों के सभी संविदा कर्मचारियों को अधिनियम के दायरे में लाया जाए और पोर्टल पर पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों का अनुभव विवरण पोर्टल पर गलत दर्ज है जिससे उन्हें वेतन लाभ नहीं मिल पा रहा। सेवा अनुभव का सत्यापन कर वास्तविक रिकॉर्ड के अनुसार सुधार कराने की मांग की।
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प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने विश्वविद्यालय परिसर में एकत्र होकर जॉब सिक्योरिटी, वेतन बकाया और एचकेआरएन पोर्टल से जुड़े मुद्दों पर रोष जताया। कर्मचारियों ने कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा के माध्यम से राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। कुलपति के न होने पर कुलसचिव को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई कि विश्वविद्यालयों में कार्यरत एचकेआरएन कर्मचारियों को जॉब सुरक्षा अधिनियम 2024 के अंतर्गत लाया जाए। इसमें पांच वर्ष से अधिक सेवा अवधि वाले कर्मचारियों के साथ-साथ 0 से पांच वर्ष सेवा वाले कर्मचारियों को भी शामिल किया जाए।
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कर्मचारियों ने यह भी मांग रखी कि राज्य विश्वविद्यालयों के सभी संविदा कर्मचारियों को अधिनियम के दायरे में लाया जाए और पोर्टल पर पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों का अनुभव विवरण पोर्टल पर गलत दर्ज है जिससे उन्हें वेतन लाभ नहीं मिल पा रहा। सेवा अनुभव का सत्यापन कर वास्तविक रिकॉर्ड के अनुसार सुधार कराने की मांग की।
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