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एनएचएम कर्मियों की हड़ताल जारी, मरीज परेशान

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 29 Jun 2022 01:57 AM IST
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NHM workers strike continues, patients upset, Kurukshetra
एलएनजेपी अस्पताल में रोष जताते एनएचएमकर्मी। संवाद - फोटो : Kurukshetra
संवाद न्यूज एजेंसी
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कुरुक्षेत्र। मांगों के समर्थन में मंगलवार को दूसरे दिन भी एनएचएम कर्मी हड़ताल पर रहे। स्वास्थ्य कर्मचारी संघ से जुड़े कर्मियों ने सरकार की ओर से 2018 में एनएचएम कर्मियों के लिए बनाए गए नियम को वापस लेने के विरोध जोरदार प्रदर्शन किया।
एनएचएम कर्मियों ने कहा कि वह लोग पहले ही सातवें वेतन सहित अन्य लंबित पड़ी मांगों को पूरा कराने के लिए संघर्षरत है। सरकार ने उन मांगों को पूरा करने की बजाय उनके लिए बनाए गए सेवा नियम को भी वापस लेने का निर्णय लिया है। सरकार पहले खुद नियम बनाती है और फिर उसे वापस लेने का फैसला करती है।
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यह फैसला एनएचएम कर्मियों के खिलाफ है। इससे एनएचएम कर्मी आर्थिक रूप से भी प्रभावित होंगे। सरकार से मांग है कि सरकार सेवा नियम को वापस न लेकर उनकी अन्य मांगों को पूरा करे। इस मौके पर डॉ. बिंदु राय, सुशीला, महक, कृष्ण, ईशम, संजीव, विकास, बलवान, सुमित, जसपाल, परमजीत, सुखदेव, वैभव, निखिल, संजय, सरोज, राजिंद्र कौर, नवनीत सहित अन्य मौजूद रहे।
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स्वास्थ्य सेवा संघ के जिला संगठन मंत्री डॉ. सुरेश शर्मा ने बताया कि सरकार द्वारा सेवा नियम को वापस लेना सरासर गलत है। यह सभी एनएचएम कर्मियों पर अन्याय है। वह लोग पहले से ही सरकार से सातवें वेतन के लिए संघर्षरत है। अब सरकार ने सेवा नियम को लेने का फैसला लेकर उनके अधिकार छीनने का काम किया है। मांग है कि सरकार सेवा नियम को वापस न लेकर उनकी मांगों को पूरा करके उन्हें उपहार दे।
संगठन के जिला अध्यक्ष डॉ. सुमित शर्मा ने बताया कि सेवा नियम वापस लेने से एनएचएम का प्रत्येक कर्मी प्रभावित होगा। इससे उनके आर्थिक हालात खराब हो जाएंगे। अगर सरकार उन्हें कोई फायदा नहीं दे सकती तो पहले से मिल रही सुविधा छीनने का भी अधिकारी नहीं है। साल 2018 में सरकार ने सेवा नियम लागू किया था। अब वही सरकार उसे वापस लेकर एनएचएम कर्मियों को प्रताड़ित कर रही है।
संगठन सदस्य राजेश गर्ग ने बताया कि सेवा नियम के वापस होने पर एनएचएम कर्मियों का शोषण शुरू हो जाएगा। इससे वापस लिए जाने से उनका वेतनमान भी कम होगा। ऐसे में उनके सामने आर्थिक संकट उत्पन्न हो जाएगा। सरकार केवल एक नियम को न देखे बल्कि उससे जुड़े हजारों कर्मियों का ख्याल करे। कर्मचारी पूरी निष्ठा और ईमानदारी से अपने काम को अंजाम दे रहे हैं।

संगठन के प्रदेश कोषाध्यक्ष पंकज अत्रि ने बताया कि कर्मियों की हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रभावित हो रही हैं। कोरोना महामारी फिर से धीरे-धीरे बढ़ने लगी है। इसके अलावास्वाइन फ्लू, डेंगू, मलेरिया, डायरिया, पीलिया, हैजा भी प्रभावित कर सकता है। अभी डेंगू, मलेरिया और कोरोना के बढ़ने आसार है। सरकार से मांग है कि सरकार एनएचएम कर्मियों की सभी मांगें पूरी करे।
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