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एनएचएम कर्मचारी संघ ने किया आंदोलन का ऐलान
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में नेशनल हेल्थ मिशन के तहत कार्यरत कर्मचारी अनदेखी के विरोध में आंदोलन करेंगे। रविवार को हुई राज्य स्तरीय ऑनलाइन बैठक में एनएचएम कर्मचारी संघ हरियाणा ने यह ऐलान किया है। यह आंदोलन एक जून से एनएचएम कर्मचारी संघ हरियाणा के आह्वान पर शुरू किया जाएगा।
संघ का आरोप है कि कोरोना संक्रमण जैसी महामारी में एनएचएम कर्मियों के अतुलनीय योगदान व कुछ कर्मचारियों के निधन के बाद भी सरकार उनकी मांगों और समस्याओं का समाधान कराने की बजाय उन्हें वार्ता के लिए वक्त नहीं दे रही है। संघ ने ऐलान किया था एनएचएम कर्मचारी सभी के हितों के लिए सर्वसम्मति से चरणबद्ध आंदोलन करेगा।
संघ की प्रदेश महासचिव कुलविंदर कौर ने कहा कि पहले चरण में 1 जून को कोरोना महामारी के दौरान सेवाएं देते हुए जान गंवाने वाले कोरोना योद्धाओं को श्रद्धांजलि स्वरूप व एनएचएम कोरोना योद्धाओं के प्रति सरकार की संवेदना जागृत करने के लिए यज्ञ करने के साथ-साथ मौन धारण करके धरना दिया जाएगा। साथ ही जिला सिविल सर्जन के माध्यम से मिशन निदेशक, मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री के नाम ज्ञापन दिया जाएगा। बताया कि दूसरे चरण में 2 से 7 जून तक सरकार जगाओ अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान सभी कर्मचारी गेट मीटिंग करेंगे और भाजपा के पदाधिकारियों एवं विधायक, मंत्रियों को ज्ञापन सौंपेंगे।
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तीसरे चरण में जनसंपर्क अभियान व समर्थन अपील की जाएगी। सभी कर्मचारी 8 से 14 जून तक अपील के माध्यम से आमजन तक स्वास्थ्य सेवाओं व इस महामारी में एनएचएम का योगदान व आंदोलन की स्थिति में बाधित होने वाले कार्य तथा सरकार द्वारा उपेक्षा के बारे आमजन को अवगत कराया जाएगा। महासचिव ने कहा कि अगर सरकार फिर भी उनकी मांगों पर संज्ञान नहीं लेती तो सभी कर्मचारी एनएचएम कर्मचारी संघ की अगुवाई में मजबूरन 22 व 23 जून को होम आइसोलेशन में चले जाएंगे।
इस दौरान कोविड व आपातकालीन सहित सभी सेवाएं बाधित रहेंगी । ऑनलाइन बैठक में प्रदेश अध्यक्ष रेहान रजा ने कहा कि हम इस महामारी में आंदोलन नहीं करना चाहते, लेकिन मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री और एनएचएम के आला अधिकारी एनएचएम कर्मियों की समस्याओं और मांगों को अनदेखा कर रहे हैं। उन्होंने मांग की है कि अगर सरकार और अधिकारी उनकी मांगों पर शीघ्र संज्ञान नहीं लेते तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे, जिसकी जिम्मेदारी सरकार व अधिकारियों की होगी।
ये हैं कर्मचारियों की मांगें
सर्व शिक्षा अभियान की तर्ज पर लागू किए गए सेवा नियम और लाभ व भत्ते सभी एनएचएम कर्मचारियों को मिले। कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग का लाभ दिया जाए। एनएचएम कर्मचारियों को हरियाणा सरकार की कैशलेस मेडिकल सुविधा का लाभ दिया जाए। सेवा नियम में आवश्यक संशोधन (वेतन विसंगति सहित) किए जाए। एनएचएम कर्मचारियों द्वारा किए गए आंदोलनों की अवधि का वेतन जारी किया जाए। एनएचएम कर्मचारियों को वेतन किस्तों में देने की बजाय एकमुश्त दिया जाए। कोरोना महामारी के दौरान जान गंवाने वाले कर्मचारियों को शहीद का दर्जा दिया जाए और सरकार द्वारा घोषित सहायता राशि तत्काल उपलब्ध कराई जाए। पिछले 20 वर्षों से उत्कृष्ट सेवा प्रदान करने वाले सभी एनएचएम कर्मचारियों असम राज्य की तरह सेवा सुरक्षा प्रदान की जाए। कर्मचारियों की पारिवारिक स्थिति/समस्या को ध्यान में रखते हुए जिला, अंतर जिला स्थानांतरण और प्रतिनियुक्त का प्रावधान किया जाए।
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कुरुक्षेत्र। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में नेशनल हेल्थ मिशन के तहत कार्यरत कर्मचारी अनदेखी के विरोध में आंदोलन करेंगे। रविवार को हुई राज्य स्तरीय ऑनलाइन बैठक में एनएचएम कर्मचारी संघ हरियाणा ने यह ऐलान किया है। यह आंदोलन एक जून से एनएचएम कर्मचारी संघ हरियाणा के आह्वान पर शुरू किया जाएगा।
संघ का आरोप है कि कोरोना संक्रमण जैसी महामारी में एनएचएम कर्मियों के अतुलनीय योगदान व कुछ कर्मचारियों के निधन के बाद भी सरकार उनकी मांगों और समस्याओं का समाधान कराने की बजाय उन्हें वार्ता के लिए वक्त नहीं दे रही है। संघ ने ऐलान किया था एनएचएम कर्मचारी सभी के हितों के लिए सर्वसम्मति से चरणबद्ध आंदोलन करेगा।
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संघ की प्रदेश महासचिव कुलविंदर कौर ने कहा कि पहले चरण में 1 जून को कोरोना महामारी के दौरान सेवाएं देते हुए जान गंवाने वाले कोरोना योद्धाओं को श्रद्धांजलि स्वरूप व एनएचएम कोरोना योद्धाओं के प्रति सरकार की संवेदना जागृत करने के लिए यज्ञ करने के साथ-साथ मौन धारण करके धरना दिया जाएगा। साथ ही जिला सिविल सर्जन के माध्यम से मिशन निदेशक, मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री के नाम ज्ञापन दिया जाएगा। बताया कि दूसरे चरण में 2 से 7 जून तक सरकार जगाओ अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान सभी कर्मचारी गेट मीटिंग करेंगे और भाजपा के पदाधिकारियों एवं विधायक, मंत्रियों को ज्ञापन सौंपेंगे।
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तीसरे चरण में जनसंपर्क अभियान व समर्थन अपील की जाएगी। सभी कर्मचारी 8 से 14 जून तक अपील के माध्यम से आमजन तक स्वास्थ्य सेवाओं व इस महामारी में एनएचएम का योगदान व आंदोलन की स्थिति में बाधित होने वाले कार्य तथा सरकार द्वारा उपेक्षा के बारे आमजन को अवगत कराया जाएगा। महासचिव ने कहा कि अगर सरकार फिर भी उनकी मांगों पर संज्ञान नहीं लेती तो सभी कर्मचारी एनएचएम कर्मचारी संघ की अगुवाई में मजबूरन 22 व 23 जून को होम आइसोलेशन में चले जाएंगे।
इस दौरान कोविड व आपातकालीन सहित सभी सेवाएं बाधित रहेंगी । ऑनलाइन बैठक में प्रदेश अध्यक्ष रेहान रजा ने कहा कि हम इस महामारी में आंदोलन नहीं करना चाहते, लेकिन मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री और एनएचएम के आला अधिकारी एनएचएम कर्मियों की समस्याओं और मांगों को अनदेखा कर रहे हैं। उन्होंने मांग की है कि अगर सरकार और अधिकारी उनकी मांगों पर शीघ्र संज्ञान नहीं लेते तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे, जिसकी जिम्मेदारी सरकार व अधिकारियों की होगी।
ये हैं कर्मचारियों की मांगें
सर्व शिक्षा अभियान की तर्ज पर लागू किए गए सेवा नियम और लाभ व भत्ते सभी एनएचएम कर्मचारियों को मिले। कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग का लाभ दिया जाए। एनएचएम कर्मचारियों को हरियाणा सरकार की कैशलेस मेडिकल सुविधा का लाभ दिया जाए। सेवा नियम में आवश्यक संशोधन (वेतन विसंगति सहित) किए जाए। एनएचएम कर्मचारियों द्वारा किए गए आंदोलनों की अवधि का वेतन जारी किया जाए। एनएचएम कर्मचारियों को वेतन किस्तों में देने की बजाय एकमुश्त दिया जाए। कोरोना महामारी के दौरान जान गंवाने वाले कर्मचारियों को शहीद का दर्जा दिया जाए और सरकार द्वारा घोषित सहायता राशि तत्काल उपलब्ध कराई जाए। पिछले 20 वर्षों से उत्कृष्ट सेवा प्रदान करने वाले सभी एनएचएम कर्मचारियों असम राज्य की तरह सेवा सुरक्षा प्रदान की जाए। कर्मचारियों की पारिवारिक स्थिति/समस्या को ध्यान में रखते हुए जिला, अंतर जिला स्थानांतरण और प्रतिनियुक्त का प्रावधान किया जाए।