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Kurukshetra News: आरओबी के नीचे बनेगा नया अंडरपास, कम होंगे हादसे

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 19 Jan 2024 04:51 AM IST
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New underpass will be built under ROB, accidents will reduce
यमुनानगर। शहर में महाराणा प्रताप चौक (पुराना कमानी चौक) से रेलवे ओवरब्रिज के बीच आधा दर्जन कॉलोनियों के लोग अपनी जान को जोखिम में डाल कर सड़क पार कर रहे हैं। सड़क पार करने का दूसरा रास्ता न होने से रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) के पास दो साल के भीतर 27 सड़क हादसे हो चुके हैं, जिनमें 11 लोगों ने अपनी जान गंवा दी। वहीं 16 से ज्यादा घायल हो गए।
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हादसों में कमी लाने के लिए पीडब्ल्यूडी ने आरओबी के दोनों तरफ अंडरपास बनाने का निर्णय लिया है। अंडरपास बनाने पर करीब एक करोड़ 60 लाख रुपये खर्च आने का अनुमान है। इसका एस्टीमेट बनाकर पीडब्ल्यूडी एक्सईएन ने मुख्यालय को भेज दिया है। तब तक आरओबी के पास हादसे रोकने के लिए पुलिस व होमगार्ड को तैनात किया जाएगा।
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रेलवे ओवरब्रिज के बाईं तरफ लाजपत नगर, विजय कॉलोनी, सब्जी मंडी, औद्योगिक क्षेत्र व दाईं तरफ चांदपुर, कैंप, गांधीनगर समेत अन्य कॉलोनियों के लोग रहते हैं। जगाधरी से रेलवे ओवरब्रिज से होकर विश्वकर्मा चौक से हाेते हुए सहारनपुर जा रही सड़क पुराना नेशनल हाईवे है। आरओबी के दोनों तरफ बसी कॉलोनियों के लोग रोजाना अपनी जान को जोखिम में डाल कर यहां से गुजरते हैं। औद्योगिक क्षेत्र व सब्जी मंडी होने के कारण भी लोगों का मजदूरी व सब्जी खरीदने लिए भी आना जाना हर समय रहता है। पुराना नेशनल हाईवे होने के कारण ट्रैफिक बहुत ज्यादा रहता है इसलिए आए दिन हादसे होते रहते हैं।
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10 साल पहले बंद कर दिया था अंडरपास
पहले आरओबी के दोनों तरफ अंडरपास बने हुए थे। सड़क के दूसरी तरफ लोग इस रास्ते से आना-जाना करते थे। जिस वजह से हादसे नहीं होते थे। अंडरपास से अन्य वाहन भी निकलने लगे तो करीब 10 साल पहले अंडरपास के दोनों तरफ दीवार खड़ी कर रास्ते को बंद कर दिया गया था। तब से हादसों में लोग अपनी जान गंवा रहे हैं।
उधर आरओबी से नीचे उतरते हैं तो ढलान अधिक होने से वाहन बहुत तेज गति से महाराणा प्रताप चौक की तरफ जाते हैं। इसलिए पीडब्ल्यूडी ने आरओबी से करीब 100 मीटर तक सड़क के दोनों तरफ लोहे की ग्रिल लगवा दी थी, ताकि लोग आरओबी के पास से सड़क पार न करें मगर यह प्रयोग भी कामयाब नहीं हुआ। जो ग्रिल लगाई गई उसकी ऊंचाई करीब तीन फीट ही है। इसलिए लोग आसानी से इसे ऊपर से फांद कर सड़क के दूसरी तरफ जाने लगे। फिर ग्रिल को ही तोड़ दिया गया जिसमें से बाइक व साइकिल सवार भी निकलने लगे। अब दाएं-बाएं से बाइक सवार अचानक सड़क पर आते हैं और हादसा हो जाता है।




अंडरपास खोलने से आरओबी को खतरा होगा : नवीन खत्री
पीडब्ल्यूडी एक्सईएन नवीन खत्री ने बताया कि आरओबी के नीचे जो पहले अंडरपास बना है वह काफी खस्ताहाल हो चुका है। उसे खोलने से आरओबी को भी खतरा है। यदि यह टूट जाता है तो शहर का ट्रैफिक प्रभावित होगा। इसलिए करीब 1.60 करोड़ रुपये का एस्टीमेट बनाकर मुख्यालय भेजा है ताकि अंडरपास को नए सिरे से बनाया जा सके।
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