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नेतृत्व क्षमता, पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने का सशक्त माध्यम है नेचर कैंप : प्रो. वैद्य करतार
Tue, 21 Jul 2026 06:03 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
Updated Tue, 21 Jul 2026 06:03 AM IST
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कुरुक्षेत्र। आयुष विवि से विद्यार्थियों के दल को रवाना करते कुलपति वैद्य करतार सिंह धीमान, साथ
कुरुक्षेत्र। श्रीकृष्ण आयुष विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों का दल नेचर कैंप में शामिल होने के लिए सोमवार को रवाना हुआ। कुलपति प्रो. वैद्य करतार सिंह धीमान ने विवि परिसर से वाहन को हरी झंडी दिखा रवाना किया। उन्होंने कहा कि कक्षा में प्राप्त ज्ञान के साथ प्रकृति से मिलने वाली शिक्षा भी विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। नेचर कैंप युवाओं में आत्मविश्वास, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, टीम भावना और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करने का सशक्त माध्यम हैं।
कुलसचिव डॉ. कृष्णकांत गुप्ता ने कहा कि ऐसे शिविर विद्यार्थियों को चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में कार्य करना, निर्णय लेना और सामूहिक रूप से समस्याओं का समाधान करना सिखाते हैं। विद्यार्थियों को भरपूर लाभ उठाते हुए नए अनुभव प्राप्त करने चाहिए तथा सीखी बातों को जीवन और समाज के हित में उपयोग करना चाहिए। यूथ वेलफेयर निदेशक डॉ. सुधीर मलिक ने बताया कि मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा विभिन्न विश्वविद्यालयों के 210 विद्यार्थियों के लिए पंचकूला के थापली (पिंजौर) में नेचर कैंप लगाया जा रहा है।
कैंप में आयुर्वेद अध्ययन एवं अनुसंधान संस्थान के 10 विद्यार्थी भी हिस्सा ले रहे हैं। विद्यार्थियों को प्रकृति संरक्षण, पर्यावरण जागरुकता, साहसिक गतिविधियों, टीम वर्क और नेतृत्व क्षमता से जुड़े विभिन्न प्रशिक्षण एवं गतिविधियों में शामिल होने का अवसर मिलेगा। इस अवसर पर संस्थान के प्राचार्य प्रो. आशीष मेहता, आयुर्वेदिक अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक प्रो. राजा सिंगला और यूथ वेलफेयर निदेशक डॉ. सुधीर मलिक सहित अन्य अधिकारी एवं शिक्षक मौजूद रहे।
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कुलसचिव डॉ. कृष्णकांत गुप्ता ने कहा कि ऐसे शिविर विद्यार्थियों को चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में कार्य करना, निर्णय लेना और सामूहिक रूप से समस्याओं का समाधान करना सिखाते हैं। विद्यार्थियों को भरपूर लाभ उठाते हुए नए अनुभव प्राप्त करने चाहिए तथा सीखी बातों को जीवन और समाज के हित में उपयोग करना चाहिए। यूथ वेलफेयर निदेशक डॉ. सुधीर मलिक ने बताया कि मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा विभिन्न विश्वविद्यालयों के 210 विद्यार्थियों के लिए पंचकूला के थापली (पिंजौर) में नेचर कैंप लगाया जा रहा है।
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कैंप में आयुर्वेद अध्ययन एवं अनुसंधान संस्थान के 10 विद्यार्थी भी हिस्सा ले रहे हैं। विद्यार्थियों को प्रकृति संरक्षण, पर्यावरण जागरुकता, साहसिक गतिविधियों, टीम वर्क और नेतृत्व क्षमता से जुड़े विभिन्न प्रशिक्षण एवं गतिविधियों में शामिल होने का अवसर मिलेगा। इस अवसर पर संस्थान के प्राचार्य प्रो. आशीष मेहता, आयुर्वेदिक अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक प्रो. राजा सिंगला और यूथ वेलफेयर निदेशक डॉ. सुधीर मलिक सहित अन्य अधिकारी एवं शिक्षक मौजूद रहे।
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