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थानेसर के हर घर पर यूनिक क्यूआर कोड लगाने की योजना पर नप ने शुरू किया काम
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थानेसर नगर परिषद की तरफ से हर घर से टिप्पर द्वारा कचरा एकत्रित करने के कार्य को सुनिश्चित करने और निगरानी रखने के लिए हर घर पर यूनिक क्यूआर कोड लगाने की योजना पर कार्रवाई शुरू की गई है। इस क्यूआर कोड के लगने के बाद टिप्पर जैसे ही घर के आगे पहुंचेगा तो टिप्पर और क्यूआर कोड की आपस में स्कैनिंग होगी, अगर टिप्पर घर के पास नहीं रुका तो क्यूआर कोड के माध्यम से टिप्पर न रुकने की रिपोर्ट अपने आप नगर परिषद के पास पहुंचेगी।
डीएमसी भारत भूषण गोगिया ने आवास एवं शहरी मामले मंत्रालय भारत सरकार के स्मार्ट सिटी मिशन के संयुक्त सचिव एवं मिशन निदेशक आईएएस कुणाल कुमार को पत्र लिखा है कि कुरुक्षेत्र शहर एक धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से विश्व प्रसिद्ध नगरी है। इसलिए कुरुक्षेत्र शहर में सफाई की दृष्टि से विशेष ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि दिल्ली की तरह कुरुक्षेत्र में भी स्मार्ट एड्रेसिंग का एक रोल मॉडल बनाने का प्रयास किया जा रहा है और स्मार्ट सिटी व अन्य शहर भी स्मार्ट एड्रेसिंग के लिए इस सिस्टम को अपनाने की जरूरत है। थानेसर शहर को दिल्ली की तर्ज पर हर घर पर यूनिक क्यूआर कोड लगाने के लिए आगामी कार्रवाई के लिए मार्गदर्शन किया जाए ताकि थानेसर को साफ सुथरा बनाकर अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को आकर्षित करके पर्यटन के क्षेत्र में विश्व के मानचित्र पर लाया जाए। उन्होंने कहा कि यूनिक क्यूआर कोड में भवन का पूरा ब्यौरा डिजिटल फोरम में दर्ज होगा, इस कोड को स्कैन कर न सिर्फ उस भवन का पानी, बिजली या गैस का बकाया बिल और बकाया प्रॉपर्टी टैक्स पता लग सकता है बल्कि इन सभी पेटेंट का पुराना रिकॉर्ड भी देखा जा सकता है। बिजली, पानी, गैस व अन्य सुविधाओं से संबंधित शिकायतें भी इसी तंत्र से की जा सकती है। डोर टू डोर कचरा संग्रहण में भी यह क्यूआर कोड क्रांतिकारी परिवर्तन ला सकता है।
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डीएमसी भारत भूषण गोगिया ने आवास एवं शहरी मामले मंत्रालय भारत सरकार के स्मार्ट सिटी मिशन के संयुक्त सचिव एवं मिशन निदेशक आईएएस कुणाल कुमार को पत्र लिखा है कि कुरुक्षेत्र शहर एक धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से विश्व प्रसिद्ध नगरी है। इसलिए कुरुक्षेत्र शहर में सफाई की दृष्टि से विशेष ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि दिल्ली की तरह कुरुक्षेत्र में भी स्मार्ट एड्रेसिंग का एक रोल मॉडल बनाने का प्रयास किया जा रहा है और स्मार्ट सिटी व अन्य शहर भी स्मार्ट एड्रेसिंग के लिए इस सिस्टम को अपनाने की जरूरत है। थानेसर शहर को दिल्ली की तर्ज पर हर घर पर यूनिक क्यूआर कोड लगाने के लिए आगामी कार्रवाई के लिए मार्गदर्शन किया जाए ताकि थानेसर को साफ सुथरा बनाकर अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को आकर्षित करके पर्यटन के क्षेत्र में विश्व के मानचित्र पर लाया जाए। उन्होंने कहा कि यूनिक क्यूआर कोड में भवन का पूरा ब्यौरा डिजिटल फोरम में दर्ज होगा, इस कोड को स्कैन कर न सिर्फ उस भवन का पानी, बिजली या गैस का बकाया बिल और बकाया प्रॉपर्टी टैक्स पता लग सकता है बल्कि इन सभी पेटेंट का पुराना रिकॉर्ड भी देखा जा सकता है। बिजली, पानी, गैस व अन्य सुविधाओं से संबंधित शिकायतें भी इसी तंत्र से की जा सकती है। डोर टू डोर कचरा संग्रहण में भी यह क्यूआर कोड क्रांतिकारी परिवर्तन ला सकता है।
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