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Kurukshetra News: नलवी-ठोल रोड को मारकंडा पुल पर किया सील, बनाई छह फीट की पक्की दीवार
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कुरुक्षेत्र/शाहाबाद। विभिन्न किसान संगठन 13 फरवरी को दिल्ली कूच करेंगे, जिन्हें रोकने के लिए पुलिस हर संभव तैयारी में जुटी है। हालांकि अभी किसानों ने शंभू व अन्य बार्डर से भी कूच नहीं किया है, लेकिन पुलिस ने रविवार सुबह से ही दिल्ली-अंबाला नेशनल हाईवे पर रूट डायवर्ट कर दिया। पुलिस द्वारा रविवार सुबह ही दिल्ली से होकर अंबाला, चंडीगढ़, राजपुरा और अमृतसर वाया शाहाबाद जाने वाले वाहनों को मारकंडा पुल के बाद नेशनल हाईवे से डायवर्ट करके साहा रोड के रास्ते पंचकूला साइड भेजा जाने लगा। हालांकि अंबाला तक सब कुछ अभी सामान्य है, लेकिन पुलिस द्वारा हाईवे बंद कर दिए जाने से आम लोगों को भी दिनभर भारी परेशानी झेलनी पड़ी।
किसानों के दिल्ली कूच से इतने समय पहले पुलिस द्वारा हाईवे से रूट डायवर्ट करने के फैसले को राहगीर समझ नहीं पा रहे हैं, वहीं पुलिस ने वाहनों को सुबह से दोपहर तक साहा रोड की तरफ डायवर्ट किया, लेकिन दोपहर बाद नाका खोल दिया गया और वाहन फिर अंबाला की ओर जाने लगे। वहीं छह वहीं छह फीट ऊंची दीवार बना और पक्का नाका लगा नलवी-ठोल रोड को मारकंडा पुल पर बिल्कुल बंद कर दिया है। सीमेंट के बैरिकेड के ऊपर लोहे के कंटीले तार लगाकर पक्का नाका समाचार लिखे जाने तक तैयार किया जाता रहा।
किसानों ने शंभू बॉर्डर तोड़ा तो मारकंडा पुल पार करना आसान नहीं होगा
जिला उपायुक्त शांतनु शर्मा और पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र सिंह भौरिया ने भी रविवार शाम को मारकंडा पुल पर किए प्रबंधों का जायजा लिया। पुलिस का मानना है कि किसानों ने शंभू बार्डर तोड़ा तो वे यहीं से दिल्ली जाने का प्रयास करेंगे, लेकिन यहां की जा रही नाकाबंदी के चलते यह आसान नहीं होगा। पुल की दोनों तरफ पुलिस ने पक्के बैरिकेड व रेत के कट्टे रखकर तैयारी की गई है, ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल यहां नाका लगाया जा सके।
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राहगीरों में दिखा गुस्सा, तय करना पड़ा दोगुना सफर
निजी अस्पताल में अपनी पत्नी का इलाज करवाकर शाहाबाद लौट रहे नवजोत सिंह का कहना था कि जब सुबह अस्पताल जाना था, तो पुलिस ने उन्हें साहा रोड की तरफ डायवर्ट कर दिया। शाहाबाद से मात्र 10 किलोमीटर ही अस्पताल जाना था, वह उन्हें साहा रोड पर गांव के रास्ते से 30 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ा। वहीं रमेश शर्मा ने बताया कि रूट डायवर्ट कर पुलिस बेवजह राहगीरों को परेशान कर रही है। उन्हें 22 किलोमीटर का सफर अंबाला से लौटते समय अधिक तय करना पड़ा। लुधियाना से दूध का टैंकर लेकर पहुंचे चालक सतपाल का कहना था कि वह पटियाला से देवीगढ़ और ठोल-नलवी के रास्ते शाहाबाद पहुंच सके और ऐसे में उन्हें दोहरा सफर तय करना पड़ा जिससे उन्हें परेशानी हुई।
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किसानों के दिल्ली कूच से इतने समय पहले पुलिस द्वारा हाईवे से रूट डायवर्ट करने के फैसले को राहगीर समझ नहीं पा रहे हैं, वहीं पुलिस ने वाहनों को सुबह से दोपहर तक साहा रोड की तरफ डायवर्ट किया, लेकिन दोपहर बाद नाका खोल दिया गया और वाहन फिर अंबाला की ओर जाने लगे। वहीं छह वहीं छह फीट ऊंची दीवार बना और पक्का नाका लगा नलवी-ठोल रोड को मारकंडा पुल पर बिल्कुल बंद कर दिया है। सीमेंट के बैरिकेड के ऊपर लोहे के कंटीले तार लगाकर पक्का नाका समाचार लिखे जाने तक तैयार किया जाता रहा।
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किसानों ने शंभू बॉर्डर तोड़ा तो मारकंडा पुल पार करना आसान नहीं होगा
जिला उपायुक्त शांतनु शर्मा और पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र सिंह भौरिया ने भी रविवार शाम को मारकंडा पुल पर किए प्रबंधों का जायजा लिया। पुलिस का मानना है कि किसानों ने शंभू बार्डर तोड़ा तो वे यहीं से दिल्ली जाने का प्रयास करेंगे, लेकिन यहां की जा रही नाकाबंदी के चलते यह आसान नहीं होगा। पुल की दोनों तरफ पुलिस ने पक्के बैरिकेड व रेत के कट्टे रखकर तैयारी की गई है, ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल यहां नाका लगाया जा सके।
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राहगीरों में दिखा गुस्सा, तय करना पड़ा दोगुना सफर
निजी अस्पताल में अपनी पत्नी का इलाज करवाकर शाहाबाद लौट रहे नवजोत सिंह का कहना था कि जब सुबह अस्पताल जाना था, तो पुलिस ने उन्हें साहा रोड की तरफ डायवर्ट कर दिया। शाहाबाद से मात्र 10 किलोमीटर ही अस्पताल जाना था, वह उन्हें साहा रोड पर गांव के रास्ते से 30 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ा। वहीं रमेश शर्मा ने बताया कि रूट डायवर्ट कर पुलिस बेवजह राहगीरों को परेशान कर रही है। उन्हें 22 किलोमीटर का सफर अंबाला से लौटते समय अधिक तय करना पड़ा। लुधियाना से दूध का टैंकर लेकर पहुंचे चालक सतपाल का कहना था कि वह पटियाला से देवीगढ़ और ठोल-नलवी के रास्ते शाहाबाद पहुंच सके और ऐसे में उन्हें दोहरा सफर तय करना पड़ा जिससे उन्हें परेशानी हुई।