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‘समयानुसार स्वयं को ढालते हुए आगे बढ़ें’
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केयू के वाणिज्य विभाग की ओर से आयोजित वेबिनार में हिस्सा लेते प्रतिभागी। संवाद
- फोटो : Kurukshetra
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। समय बहुत ही मूल्यवान है। सभी को समय का सम्मान करना चाहिए तथा समय के अनुसार स्वयं को ढालते हुए आगे बढ़ना चाहिए। यह कहना है कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के महिला छात्रावास की चीफ वार्डन प्रो. नीलम ढांडा का। वे सोमवार को कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के वाणिज्य विभाग की ओर से आयोजित समय प्रबंधन और आत्म विकास विषय पर कार्यशाला में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रही थी।
कार्यशाला के साथ ही नीतिगत कार्यक्रम आयोजित कराया गया, जिसमें मुख्य वक्ता के रूप में निधि सैनी ने शिरकत की। ऑनलाइन कार्यक्रम में मुख्य वक्ता सैनी ने कहा कि समय प्रबंधन संचार से भी अधिक महत्वपूर्ण कौशल है, जो कि हर व्यक्ति के लिए जरूरी है। उन्होंने समय प्रबंधन कौशल का सभी प्रतिभागियों से सर्वे कराया, जिसमें औसत 6 से 7 रहा। इसके साथ-साथ उन्होंने फोर्ब्स की स्टडी का विवरण दिया, जिसमें समय प्रबंधन की 10 मुख्य चुनौतियों के बारे में बताया गया।
उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया जैसी चीजों से दूर रहे, जो आपके कार्य करने में बाधा उत्पन्न करती हैं। इस तरह की चीजों को एकतरफा करें। उन्होंने छह तरह के गैप का भी जिक्र किया, जिसमें परफेक्शन गैप, कंपैरिजन गैप, टाइमिंग गैप, आइडिया गैप, मिस्टेक्स गैप व नॉलेज गैप। कहा कि इन सभी गैप को आत्मविश्वास के लिए अध्ययन करना आवश्यक है।
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इस दौरान अपने वर्तमान अनुसूची का अनुसरण करने, कार्य को प्रतिदिन करने, एक जैसे कार्य को एक बैच में शामिल करने, बेवजह फोन कॉल्स को अनदेखा करने, नित सुबह अपने कार्य करने की सूची तैयार करने, कार्य को अपनी आदत बनाने तथा सोशल मीडिया को न कहने बारे में जागरूक किया गया। प्रो. नीलम डांडा ने कहा कि सभी इस तरह के वेबिनार से प्रेरणा लेते हुए समय प्रबंधन व आत्मविश्वास की ओर आगे बढ़ें। इस मौके पर वाणिज्य विभाग व एचसीएमए के अध्यक्ष डॉ. तेजेंद्र शर्मा, डॉ. पूजा मल्होत्रा, तान्या, लॉरेल, साक्षी, विनित, निशा, अदिति, अंकिता व काजल सहित अन्य प्रतिभागी ऑनलाइन जुड़े रहे।
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कुरुक्षेत्र। समय बहुत ही मूल्यवान है। सभी को समय का सम्मान करना चाहिए तथा समय के अनुसार स्वयं को ढालते हुए आगे बढ़ना चाहिए। यह कहना है कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के महिला छात्रावास की चीफ वार्डन प्रो. नीलम ढांडा का। वे सोमवार को कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के वाणिज्य विभाग की ओर से आयोजित समय प्रबंधन और आत्म विकास विषय पर कार्यशाला में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रही थी।
कार्यशाला के साथ ही नीतिगत कार्यक्रम आयोजित कराया गया, जिसमें मुख्य वक्ता के रूप में निधि सैनी ने शिरकत की। ऑनलाइन कार्यक्रम में मुख्य वक्ता सैनी ने कहा कि समय प्रबंधन संचार से भी अधिक महत्वपूर्ण कौशल है, जो कि हर व्यक्ति के लिए जरूरी है। उन्होंने समय प्रबंधन कौशल का सभी प्रतिभागियों से सर्वे कराया, जिसमें औसत 6 से 7 रहा। इसके साथ-साथ उन्होंने फोर्ब्स की स्टडी का विवरण दिया, जिसमें समय प्रबंधन की 10 मुख्य चुनौतियों के बारे में बताया गया।
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उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया जैसी चीजों से दूर रहे, जो आपके कार्य करने में बाधा उत्पन्न करती हैं। इस तरह की चीजों को एकतरफा करें। उन्होंने छह तरह के गैप का भी जिक्र किया, जिसमें परफेक्शन गैप, कंपैरिजन गैप, टाइमिंग गैप, आइडिया गैप, मिस्टेक्स गैप व नॉलेज गैप। कहा कि इन सभी गैप को आत्मविश्वास के लिए अध्ययन करना आवश्यक है।
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इस दौरान अपने वर्तमान अनुसूची का अनुसरण करने, कार्य को प्रतिदिन करने, एक जैसे कार्य को एक बैच में शामिल करने, बेवजह फोन कॉल्स को अनदेखा करने, नित सुबह अपने कार्य करने की सूची तैयार करने, कार्य को अपनी आदत बनाने तथा सोशल मीडिया को न कहने बारे में जागरूक किया गया। प्रो. नीलम डांडा ने कहा कि सभी इस तरह के वेबिनार से प्रेरणा लेते हुए समय प्रबंधन व आत्मविश्वास की ओर आगे बढ़ें। इस मौके पर वाणिज्य विभाग व एचसीएमए के अध्यक्ष डॉ. तेजेंद्र शर्मा, डॉ. पूजा मल्होत्रा, तान्या, लॉरेल, साक्षी, विनित, निशा, अदिति, अंकिता व काजल सहित अन्य प्रतिभागी ऑनलाइन जुड़े रहे।