{"_id":"6125392c8ebc3e7f4a09363e","slug":"mou-signed-between-incubation-center-and-gian-gujarat-kurukshetra-news-knl80971196","type":"story","status":"publish","title_hn":"कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के इनक्यूबेशन सेंटर व जीआईएएन, गुजरात के बीच हुआ एमओयू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के इनक्यूबेशन सेंटर व जीआईएएन, गुजरात के बीच हुआ एमओयू
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में इनोवेटर्स और स्टार्ट-अप्स को बढ़ावा देने और समर्थन करने के लिए कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी टेक्नोलॉजी इंक्यूबेशन सेंटर व गुजरात ग्रास रूट इनोवेशन ऑग्मेंटेशन नेटवर्क (जीआईएएन) के बीच एमओयू हुआ।
यह यूनिवर्सिटी स्टार्ट-अप्स और इनोवेटर्स के लिए एक अधिक सहायक और उत्साह जनक इको-सिस्टम तैयार करेगा। यह समझौता गूगल मीट के माध्यम से कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा की उपस्थिति में ऑनलाइन हस्ताक्षर करके किया गया।
जीआईएएन के सीईओ डॉ. अनामिका डे ने कहा कि यह अहमदाबाद स्थित भारत का पहला प्रौद्योगिकी व्यवसाय इनक्यूबेटर है। उन्होंने बताया कि इस समझौते के तहत जीआईएएन और केयूटीआईसी, हरियाणा और पड़ोसी राज्यों के भीतर संयुक्त कार्यक्रमों का आयोजन और समर्थन करेगा, जो नवीन विचारों और पारंपरिक ज्ञान पर आधारित होंगे। केयू के पूर्व छात्र एवं पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित प्रो. अनिल गुप्ता ने कहा कि जमीनी स्तर पर नवाचार के माध्यम से हमें विश्वविद्यालय, कॉलेजों और स्कूलों के सभी छात्रों को समाज आधारित समस्याओं से जोड़ना है और उन्हें अपनी दृष्टि से ऐसी समस्याओं को हल करने के लिए प्रेरित करना है। ऐसा करने से वे नवाचार के बारे में समझेंगे, ऐसी रचनात्मकता के लिए हम उन्हें वित्तीय सहायता और डेटा बैंक उपलब्ध की सुविधा प्रदान करेंगे जो उन्हें एक सफल उद्यमी बनने में मदद कर सकते हैं। कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि इस तरह के समझौते निश्चित रूप से भविष्य में कृषि और अन्य संबंधित क्षेत्रों में समाज को एक आत्मनिर्भर प्रणाली बनाने में मददगार होंगे और किसानों की आय बढ़ाने में सहायता करेंगे। रूसा की नोडल अधिकारी प्रो. मंजुला चौधरी ने कहा कि इस समझौते से विश्वविद्यालय में नवाचार के लिए पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण और इन्क्यूबेशन जैसी गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। इस अवसर पर विशेष रूप से विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. संजीव शर्मा, रूसा की नोडल अधिकारी प्रो. मंजुला चौधरी और प्रोजेक्ट संचालन समिति के सदस्य प्रो. पवन शर्मा, कुटिक के प्रोजेक्ट एक्शन ग्रुप से प्रो. अनुरेखा शर्मा, प्रो. अनीता यादव, डॉ. हरदीप आनंद, डॉ. अश्विनी मित्तल, डॉ. रीता देवी, डॉ. रश्मि चौधरी व डॉ. सिम्मी वशिष्ठ और जीआईएएन अहमदाबाद की तरफ से डॉ. अनामिका डे, प्रो. अनिल गुप्ता, दर्शन, पार्थ, पियंत, डॉ. बिम्बिनी बरुआ, वेंदन, जोशी और चेतन पटेल उपस्थित रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
यह यूनिवर्सिटी स्टार्ट-अप्स और इनोवेटर्स के लिए एक अधिक सहायक और उत्साह जनक इको-सिस्टम तैयार करेगा। यह समझौता गूगल मीट के माध्यम से कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा की उपस्थिति में ऑनलाइन हस्ताक्षर करके किया गया।
विज्ञापन
जीआईएएन के सीईओ डॉ. अनामिका डे ने कहा कि यह अहमदाबाद स्थित भारत का पहला प्रौद्योगिकी व्यवसाय इनक्यूबेटर है। उन्होंने बताया कि इस समझौते के तहत जीआईएएन और केयूटीआईसी, हरियाणा और पड़ोसी राज्यों के भीतर संयुक्त कार्यक्रमों का आयोजन और समर्थन करेगा, जो नवीन विचारों और पारंपरिक ज्ञान पर आधारित होंगे। केयू के पूर्व छात्र एवं पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित प्रो. अनिल गुप्ता ने कहा कि जमीनी स्तर पर नवाचार के माध्यम से हमें विश्वविद्यालय, कॉलेजों और स्कूलों के सभी छात्रों को समाज आधारित समस्याओं से जोड़ना है और उन्हें अपनी दृष्टि से ऐसी समस्याओं को हल करने के लिए प्रेरित करना है। ऐसा करने से वे नवाचार के बारे में समझेंगे, ऐसी रचनात्मकता के लिए हम उन्हें वित्तीय सहायता और डेटा बैंक उपलब्ध की सुविधा प्रदान करेंगे जो उन्हें एक सफल उद्यमी बनने में मदद कर सकते हैं। कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि इस तरह के समझौते निश्चित रूप से भविष्य में कृषि और अन्य संबंधित क्षेत्रों में समाज को एक आत्मनिर्भर प्रणाली बनाने में मददगार होंगे और किसानों की आय बढ़ाने में सहायता करेंगे। रूसा की नोडल अधिकारी प्रो. मंजुला चौधरी ने कहा कि इस समझौते से विश्वविद्यालय में नवाचार के लिए पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण और इन्क्यूबेशन जैसी गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। इस अवसर पर विशेष रूप से विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. संजीव शर्मा, रूसा की नोडल अधिकारी प्रो. मंजुला चौधरी और प्रोजेक्ट संचालन समिति के सदस्य प्रो. पवन शर्मा, कुटिक के प्रोजेक्ट एक्शन ग्रुप से प्रो. अनुरेखा शर्मा, प्रो. अनीता यादव, डॉ. हरदीप आनंद, डॉ. अश्विनी मित्तल, डॉ. रीता देवी, डॉ. रश्मि चौधरी व डॉ. सिम्मी वशिष्ठ और जीआईएएन अहमदाबाद की तरफ से डॉ. अनामिका डे, प्रो. अनिल गुप्ता, दर्शन, पार्थ, पियंत, डॉ. बिम्बिनी बरुआ, वेंदन, जोशी और चेतन पटेल उपस्थित रहे।
विज्ञापन