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Kurukshetra News: एआई शिक्षा व नवाचार के लिए विवि और रुहिल फ्यूचर टेक्नोलॉजी के बीच एमओयू
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कुरुक्षेत्र। एमओयू हस्ताक्षर के दौरान कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा सहित अन्य सदस्य। स्वयं
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कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के यूनिवर्सिटी इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (यूआईईटी) और रुहिल फ्यूचर टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड (आरएफटी) के बीच आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के क्षेत्र में शिक्षा, कौशल विकास, अनुसंधान और नवाचार को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। यह एमओयू कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा की अध्यक्षता में बुधवार को हुआ।
समझौते पर कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की ओर से कुलसचिव लेफ्टिनेंट प्रो. वीरेंद्र पाल और रुहिल फ्यूचर टेक्नोलॉजी की ओर से एआई साइंटिस्ट अंशिका जायसवाल ने हस्ताक्षर किए। यह एमओयू राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की भावना के अनुरूप कौशल आधारित और उद्योगोन्मुख शिक्षा को बढ़ावा देगा। कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आज शिक्षा, प्रशासन, उद्योग और समाज के हर क्षेत्र में परिवर्तन की धुरी बन चुकी है। विश्वविद्यालयों की भूमिका अब केवल डिग्री प्रदान करने तक सीमित नहीं रही बल्कि छात्रों को भविष्य की तकनीकों के अनुरूप तैयार करना समय की आवश्यकता है।
एमओयू हस्ताक्षर के दौरान रुहिल फ्यूचर टेक्नोलॉजी के चीफ एआई आर्किटेक्ट अमित परमार ने कंपनी की कार्यप्रणाली, तकनीकी विशेषज्ञता और भविष्य की योजनाओं पर प्रस्तुति दी। वहीं अंशुल रुहिल, संस्थापक रुहिल होल्डिंग्स ने प्रशिक्षण कार्यक्रम, कार्यशालाएं, इंटर्नशिप, शोध सहयोग और औद्योगिक परियोजनाओं की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए विद्यार्थियों को उद्योग से जोड़ने की प्रतिबद्धता जताई।
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यह समझौता तीन वर्षों के लिए प्रभावी रहेगा जिसे आपसी सहमति से आगे बढ़ाया जा सकेगा। इसके अंतर्गत एआई और जॉब रेडीनेस से जुड़े प्रशिक्षण, सशुल्क इंटर्नशिप, लाइव प्रोजेक्ट, हैकाथॉन, अतिथि व्याख्यान, सम्मेलन और पिच-पॉइंट कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। यूआईईटी आवश्यक अवसंरचना, प्रयोगशाला सुविधा और प्रशासनिक सहयोग प्रदान करेगा।
एआई लैब और इनक्यूबेशन सेंटर होंगे स्थापित
कुलपति प्रो. सचदेवा ने कहा कि इस एमओयू के माध्यम से एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, एआई लैब और इनक्यूबेशन सेंटर की स्थापना की जाएगी। इससे छात्र लाइव इंडस्ट्री प्रोजेक्ट, स्टार्टअप विकास और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार हो सकेंगे। विश्वविद्यालय का लक्ष्य ऐसे विद्यार्थी तैयार करना है जो केवल रोजगार तलाशने वाले नहीं बल्कि रोजगार सृजन करने वाले हों।
उद्योग-शैक्षणिक सहयोग साबित होगा मील का पत्थर
यूआईईटी के निदेशक प्रो. सुनील ढींगरा ने कहा कि यह उद्योग-शैक्षणिक सहयोग यूआईईटी के लिए मील का पत्थर साबित होगा। एआई लैब और इनक्यूबेशन सेंटर के माध्यम से छात्रों को अत्याधुनिक संसाधनों के साथ प्रयोगात्मक शिक्षा, अनुसंधान और उद्यमिता के अवसर प्राप्त होंगे। फैकल्टी और छात्रों को उद्योग विशेषज्ञों के साथ कार्य करने का अवसर मिलेगा जिससे शिक्षा की गुणवत्ता और व्यावहारिकता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। यह साझेदारी केयू को एआई, नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर एक सशक्त पहचान दिलाएगी।
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समझौते पर कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की ओर से कुलसचिव लेफ्टिनेंट प्रो. वीरेंद्र पाल और रुहिल फ्यूचर टेक्नोलॉजी की ओर से एआई साइंटिस्ट अंशिका जायसवाल ने हस्ताक्षर किए। यह एमओयू राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की भावना के अनुरूप कौशल आधारित और उद्योगोन्मुख शिक्षा को बढ़ावा देगा। कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आज शिक्षा, प्रशासन, उद्योग और समाज के हर क्षेत्र में परिवर्तन की धुरी बन चुकी है। विश्वविद्यालयों की भूमिका अब केवल डिग्री प्रदान करने तक सीमित नहीं रही बल्कि छात्रों को भविष्य की तकनीकों के अनुरूप तैयार करना समय की आवश्यकता है।
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एमओयू हस्ताक्षर के दौरान रुहिल फ्यूचर टेक्नोलॉजी के चीफ एआई आर्किटेक्ट अमित परमार ने कंपनी की कार्यप्रणाली, तकनीकी विशेषज्ञता और भविष्य की योजनाओं पर प्रस्तुति दी। वहीं अंशुल रुहिल, संस्थापक रुहिल होल्डिंग्स ने प्रशिक्षण कार्यक्रम, कार्यशालाएं, इंटर्नशिप, शोध सहयोग और औद्योगिक परियोजनाओं की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए विद्यार्थियों को उद्योग से जोड़ने की प्रतिबद्धता जताई।
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यह समझौता तीन वर्षों के लिए प्रभावी रहेगा जिसे आपसी सहमति से आगे बढ़ाया जा सकेगा। इसके अंतर्गत एआई और जॉब रेडीनेस से जुड़े प्रशिक्षण, सशुल्क इंटर्नशिप, लाइव प्रोजेक्ट, हैकाथॉन, अतिथि व्याख्यान, सम्मेलन और पिच-पॉइंट कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। यूआईईटी आवश्यक अवसंरचना, प्रयोगशाला सुविधा और प्रशासनिक सहयोग प्रदान करेगा।
एआई लैब और इनक्यूबेशन सेंटर होंगे स्थापित
कुलपति प्रो. सचदेवा ने कहा कि इस एमओयू के माध्यम से एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, एआई लैब और इनक्यूबेशन सेंटर की स्थापना की जाएगी। इससे छात्र लाइव इंडस्ट्री प्रोजेक्ट, स्टार्टअप विकास और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार हो सकेंगे। विश्वविद्यालय का लक्ष्य ऐसे विद्यार्थी तैयार करना है जो केवल रोजगार तलाशने वाले नहीं बल्कि रोजगार सृजन करने वाले हों।
उद्योग-शैक्षणिक सहयोग साबित होगा मील का पत्थर
यूआईईटी के निदेशक प्रो. सुनील ढींगरा ने कहा कि यह उद्योग-शैक्षणिक सहयोग यूआईईटी के लिए मील का पत्थर साबित होगा। एआई लैब और इनक्यूबेशन सेंटर के माध्यम से छात्रों को अत्याधुनिक संसाधनों के साथ प्रयोगात्मक शिक्षा, अनुसंधान और उद्यमिता के अवसर प्राप्त होंगे। फैकल्टी और छात्रों को उद्योग विशेषज्ञों के साथ कार्य करने का अवसर मिलेगा जिससे शिक्षा की गुणवत्ता और व्यावहारिकता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। यह साझेदारी केयू को एआई, नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर एक सशक्त पहचान दिलाएगी।