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मां ने बचपन से सिखाई गीता, उतार-चढ़ाव के बावजूद नहीं हुआ निराश : अमित शाह

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 23 Dec 2023 02:02 AM IST
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Mother taught Geeta since childhood, did not get disappointed despite ups and downs: Amit Shah
कुरुक्षेत्र। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि बचपन से ही मां ने गीता सिखाई थी। यही कारण है कि जीवन में तमाम उतार-चढ़ाव के बाद भी निराश नहीं हुआ। आज भी गीता उतनी ही प्रासंगिक है, जितनी हजारों साल पहले। उन्होंने गीता के संदेश को विश्व के कोने-कोने तक पहुंचाने और सभी से इसे आत्मसात करने का आह्वान किया। गृह मंत्री अमित शाह शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव में ब्रह्मसरोवर परिसर के पुरुषोत्तमपुरा बाग में आयोजित संत सम्मेलन में बतौर मुख्यातिथि संबोधित कर रहे थे। इससे पहले स्मृति चिह्न भेंटकर मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने उनका स्वागत किया। उन्होंने अमित शाह को लौह पुरुष बताया। साथ ही कहा कि उनके कड़े फैसलों से आज देश प्रगति के पथ पर आगे बढ़ रहा है।
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संत सम्मेलन में दोपहर करीब दो बजे पत्नी सोनल शाह के साथ पहुंचे गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि गीता में हर समस्या का समाधान है। श्रीकृष्ण ने अर्जुन को युद्ध के लिए प्रेरित करने और उनकी शंकाओं का समाधान करने के लिए गीता का संदेश दिया था, लेकिन आज अगर इसका अनुसरण किया जाए तो दुनिया में युद्ध की आवश्यकता ही न हो। उन्होंने गीता के संदेश को विश्व के कोने-कोने तक पहुंचाने का आह्वान किया। कहा कि आज दुनिया के तमाम देश भी मान रहे हैं कि गीता संदेश में हर शंका का समाधान समाहित है।
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गृह मंत्री ने कहा कि देश की महान संस्कृति को आगे बढ़ाना चाहिए, इसी अनुसार ही नीतियों और कानून का निर्धारण होना चाहिए। इसी पथ पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार कार्य कर रही है। इसके तहत ही केंद्र सरकार ने कई अहम और कड़े फैसले लिए हैं। इसमें जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद-370 हटाना, तीन तलाक खत्म करना, राममंदिर का निर्माण आदि शामिल है। इस दौरान मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने केंद्रीय गृहमंत्री को लौह पुरुष की संज्ञा दी। कहा कि उनके कड़े फैसले से ही आज देश तरक्की के पथ पर अग्रसर है। मुख्यमंत्री ने संतों से भी गीता के प्रचार-प्रसार को गति देने का आग्रह किया। संत-सम्मेलन को स्वामी रामेदव, गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने भी संबोधित किया और गीता के मर्म पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर स्वामी अवधेशानंद, स्वामी परमात्मानंद, स्वामी राजेंदर दास, स्वामी ब्रम्हानंद, स्वामी ब्रह्मसरूप, बाबा भूपेंद्र, स्वामी शाश्वतानंद, राज्यमंत्री संदीप सिंह, विधायक सुभाष सुधा आदि उपस्थित थे।
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शक्तिपीठ मां भद्रकाली मंदिर में की पूजा अर्चना
संत सम्मेलन के बाद गृहमंत्री अमित शाह ने पत्नी के साथ शक्तिपीठ मां भद्रकाली मंदिर में की पूजा अर्चना की। इस दौरान मुख्यमंत्री मनोहर लाल भी साथ रहे। शक्तिपीठ के पीठाधीश सतपाल शर्मा महाराज ने विधि विधान से पूजा अर्चना करवाई। इसके बाद केंद्रीय गृहमंत्री और मुख्यमंत्री चंडीगढ़ के लिए रवाना हो गए।




मोदी ने की थी परिकल्पना, मनोहर ने की साकार : शाह
केंद्रीय गृह मंत्री ने संबोधन में मुख्यमंत्री मनोहर लाल की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि गीता महोत्सव को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लाने की परिकल्पना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2014 में कुरुक्षेत्र आगमन पर ही की थी, जिसे मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने साकार किया है।
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