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Kurukshetra News: मारकंडा के उफान में 60 हजार एकड़ से ज्यादा फसलें जलमग्न, युवक की डूबने से मौत

Sat, 06 Sep 2025 12:48 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र Updated Sat, 06 Sep 2025 12:48 AM IST
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More than 60 thousand acres of crops submerged in the flood of Markanda, a young man died due to drowning
इस्माईलाबाद। गांव नैसी से जलबहेड़ा जाने वाली सडक़ पर दो से ढाई फीट तक बहता रहा पानी, जिससे लोगों
संवाद न्यूज एजेंसी
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कुरुक्षेत्र/इस्माईलाबाद/ शाहाबाद। मारकंडा का उफान शुक्रवार को भी जारी रहा। शाहाबाद में शाम को नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 10 हजार ज्यादा 35158 क्यूसेक तक था। जलस्तर बढ़ने से शाहाबाद, पिहोवा व इस्माईलाबाद क्षेत्र में अभी तक 60 हजार से ज्यादा एकड़ फसलें डूब गईं है। पानी के तेज बहाव के कारण तटबंधों को भी नुकसान पहुंच रहा है। जहां दो दिन पहले टूटा तटबंध अभी दुरुस्त नहीं हो सका, वहीं वीरवार रात को गांव नैसी में मारकंडा नदी का तटबंध दूसरी जगह से करीब 60 फुट टूटने से आसपास के कई गांवों में बाढ़ का खतरा बन गया। इसके अलावा बीबीपुर झील में जमा हुए मारकंडा के पानी में डूबने से चनालहेड़ी के रहने वाले 19 वर्षीय अरुण की मौत हो गई।
पहाड़ों में बारिश के कारण मारकंडा का जलस्तर पिछले करीब 20 साल के रिकॉर्ड को तोड़ कर 14 हजार क्यूसेक के पार हो गया। जलस्तर बढ़ने से फसलें ही नहीं कई गांवों और डेरों में भर गया है। वहीं कठवा और अब अजमतपुर का संपर्क कट गया है तो कईं डेरे भी जलभराव के बीच फंसे दिखाई दिए। इस्माईलाबाद क्षेत्र में पानी की मार से टूटे तटबंधों के कारण कई गांवों में पानी घुसने की आशंका से लोगों में भय बना है।
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नैसी से जलबेहडा जाने वाली सड़क पर बह रहा दो से ढाई फुट पानी
मारकंडा के तेज बहाव को तटबंध सहन नहीं कर पा रहे हैं, जिससे वीरवार देर रात्रि गांव नैसी में मारकंडा नदी का तटबंध दूसरी जगह से करीब 50 से 60 फुट टूट गया है। इससे किसानों की परेशानी और बढ़ गई है। पहली जगह से टूटे तटबंध की मरम्मत का कार्य अभी शुरू भी नहीं हुआ था कि दूसरी जगह से भी नदी का तटबंध टूट जाने से कई किसानों के खेत डूब गए हैं। इसके अलावा जिससे नैसी से जलबेहडा जाने वाली सड़क पर भी करीब दो से ढाई फुट पानी बहने लगा। गांव में आने जाने वाले सभी रास्तों पर मारकंडा नदी का पानी चलने से ग्रामीणों के सामने मुसीबत खड़ी हो गई है। गांव से बाहर जाने के लिए ग्रामीण ट्रैक्टर का इस्तेमाल कर रहे है।
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गांव टबरा समेत कई गांवों में बढ़ा बाढ़ का खतरा
दो जगह से मारकंडा नदी का तटबंध टूट जाने से गांव टबरा, मडाडो, जंधेडी, जोधपुर, बालापुर, दानीपुर, जखवाला आदि गांवों में बाढ़ का खतरा और अधिक बढ़ गया है। मारकंडा से निकला पानी गांव टबरा, मडाडो, जंधेडी से होते हुए गांव बालापुर के खेतों तक पहुंच गया है और जल स्तर धीरे धीरे बढ़ रहा है, जिससे किसानों की भी चिंता लगातार बढ़ रही है।

इस्माईलाबाद। गांव नैसी से जलबहेड़ा जाने वाली सडक़ पर दो से ढाई फीट तक बहता रहा पानी, जिससे लोगों

इस्माईलाबाद। गांव नैसी से जलबहेड़ा जाने वाली सडक़ पर दो से ढाई फीट तक बहता रहा पानी, जिससे लोगों

इस्माईलाबाद। गांव नैसी से जलबहेड़ा जाने वाली सडक़ पर दो से ढाई फीट तक बहता रहा पानी, जिससे लोगों

इस्माईलाबाद। गांव नैसी से जलबहेड़ा जाने वाली सडक़ पर दो से ढाई फीट तक बहता रहा पानी, जिससे लोगों

इस्माईलाबाद। गांव नैसी से जलबहेड़ा जाने वाली सडक़ पर दो से ढाई फीट तक बहता रहा पानी, जिससे लोगों

इस्माईलाबाद। गांव नैसी से जलबहेड़ा जाने वाली सडक़ पर दो से ढाई फीट तक बहता रहा पानी, जिससे लोगों

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