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Kurukshetra News: ए प्लस प्लस कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में 40 से अधिक शोधार्थियों को अलॉट नहीं हुआ छात्रावास

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 20 Mar 2025 12:53 AM IST
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More than 40 researchers were not allotted hostels in A Plus Kurukshetra University
कुरुक्षेत्र। ए प्लस प्लस ग्रेड प्राप्त कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में शोध और तकनीकी विकास को बढ़ावा देने के लिए नई शिक्षा नीति को देशभर में सबसे पहले पूरे प्रावधान के साथ लागू किया गया है लेकिन शोधार्थियों को बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों की 40 से अधिक शोधार्थी छात्राओं को अब तक छात्रावास अलॉट नहीं किया गया है, जिस कारण उन्हें लगातार चीफ वार्डन कार्यालय के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। उन्हें हर बार छात्रावास में जगह न होने का हवाला दिया जा रहा है।
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छात्राओं का कहना है कि वे किराये के कमरों में रहने को असमर्थ हैं, जिससे अध्ययन और शोध कार्य पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। अब उन्हें अस्थायी तौर पर अहिल्या भवन में रखा गया है कि वे विवि से बाहर रहने की जब तक व्यवस्था न कर लें। क्योंकि भारती भवन में कोई भी कमरा खाली नहीं है।
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विश्वविद्यालय प्रशासन एक ओर शोध कार्यों को प्रोत्साहित करने और नई तकनीक को बढ़ावा देने के दावे कर रहा है लेकिन जब शोधार्थियों को रहने की सुविधा तक नहीं मिल पा रही। इससे उन्हें किसी न किसी स्तर पर तनाव से गुजरना पड़ रहा है। इससे उनका शोध प्रभावित हो रहा है। हालांकि शोधार्थियों को प्राथमिकता के आधार पर छात्रावास में जगह दी जानी चाहिए। भारती भवन में जगह न होने पर किसी अन्य छात्रावास में व्यवस्था करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
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बाहर किराये पर कमरा लेना महंगा और असुरक्षित

एक शोधार्थी ने बताया के विश्वविद्यालय की यहां रहने की सुविधा मिलनी चाहिए। बाहर किराये पर कमरा लेना महंगा और असुरक्षित भी है। हम कई बार वार्डन से बात कर चुके हैं लेकिन कोई समाधान नहीं निकल रहा। इसी के साथ अन्य शोधार्थियों का कहना है कि वे विवि से बाहर रहने में असहज महसूस करती है तथा उनके अभिभावक भी इसकी अनुमति नहीं दे रहे। इससे उनका शोध कार्य पूरी तरह प्रभावित हो रहा है।







छात्रावास आवंटन की जल्द की जाएगी उचित व्यवस्था : कुलपति



कुवि कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा का कहना है कि शोधार्थियों की समस्या हमारे संज्ञान में है। जल्द ही छात्रावास आवंटन की उचित व्यवस्था की जाएगी। महिला छात्रावास चीफ वार्डन प्रो. कुसुम का कहना है कि भारती भवन छात्रावास शोधार्थियों के लिए है, जिसमें स्पेस न होने के कारण अभी स्थायी कमरे नहीं दिए गए हैं। ये मामला उनके संज्ञान में है, कई शोधार्थियों को कमरे अलॉट कर दिए गए हैं।
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