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Kurukshetra News: ऑस्ट्रेलिया की जगह इंडोनेशिया भेज लाखों ठगे, चार पर केस
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कुरुक्षेत्र/लाडवा। ऑस्ट्रेलिया भेजने के नाम पर 28 लाख रुपये की धोखाधड़ी के आरोप में पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोपियों ने पूरी रकम लेकर शिकायतकर्ता के बेटे को इंडोनेशिया भेज दिया। इधर, शहर में कनाडा का स्टडी वीजा दिलाने के नाम पर एजेंट ने युवती से सात लाख रुपये हड़प लिए। अब आरोपी रकम वापस करने की बजाय जान से मारने की धमकियां दे रहे हैं।
थाना लाडवा में दर्ज शिकायत में सुरेंद्र पाल निवासी बकाली ने बताया कि आरोपी रुपिंद्र, कुलविंद्र, जितेंद्र व सुरेश ने उसके बेटे नीतीश कुमार को वर्क वीजा पर ऑस्ट्रेलिया भेजने का आश्वासन दिया था। इस एवज में आरोपियों ने 28 लाख रुपये मांगे थे, जिसमें पांच लाख रुपये एडवांस देना तय हुआ था। विश्वास करके उसने गत वर्ष पांच नंबर को पांच लाख रुपये के साथ अपने बेटे का पासपोर्ट व दस्तावेज आरोपियों के हवाले कर दिए। 10 नवंबर को आरोपियों ने सूचना दी कि नीतीश का वीजा आ गया है। आरोपियों ने वीजा की कॉपी दिखाकर उससे साढ़े छह लाख रुपये नकद लिए थे। अगले दिन दोबारा आरोपी उनसे 10 लाख रुपये ले गए।
इसी सप्ताह आरोपी ने 14 नवंबर को उसके बेटे की फ्लाइट करा दी, मगर आरोपियों ने बहाना बनाकर 10-15 बाद फ्लाइट कराने का आश्वासन दिया। इससे एक दिन पहले आरोपी पांच लाख रुपये और नकद ले गए। करीब दो महीने 12 जनवरी को आरोपियों ने उसके बेटे को इंडोनेशिया भेज दिया और उससे दिल्ली एयरपोर्ट पर 60 हजार रुपये लिए। इंडोनेशिया में उसका बेटा चार महीने तक रहा। इस दौरान आरोपी ने उससे बकाया रकम हड़प ली, मगर उसके बेटे को ऑस्ट्रेलिया नहीं पहुंचाया।
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उधर, थाना कृष्णा गेट में दर्ज शिकायत में प्रतिभा निवासी आजाद नगर ने बताया कि आरोपी कमल शर्मा व विनय ने 15 लाख रुपये में उसे स्टडी वीजा पर कनाडा भेजने का आश्वासन दिया था। 11 अप्रैल को आरोपी उससे दो लाख रुपये नकद, 75 हजार रुपये वीजा की कार्रवाई के लिए ऑनलाइन और करीब 23 हजार रुपये एंबेसी फीस के नाम पर ले गए। उसके बाद उसने सात मई को 25 हजार, अगले दिन दोबारा 25 हजार रुपये, 29 मई को 15 हजार तथा सात जून को 10 हजार रुपये ट्रांसफर किए थे। छह जून को उसने पासपोर्ट के साथ दो लाख रुपये नकद दिए थे।
आरोपी ने उससे कुल सात लाख रुपये जमा कराए, मगर उसका वीजा नहीं दिलाया। अब आरोपी उसका पासपोर्ट भी वापस नहीं कर रहे हैं। शिकायत पर पुलिस ने दोनों मामले दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
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थाना लाडवा में दर्ज शिकायत में सुरेंद्र पाल निवासी बकाली ने बताया कि आरोपी रुपिंद्र, कुलविंद्र, जितेंद्र व सुरेश ने उसके बेटे नीतीश कुमार को वर्क वीजा पर ऑस्ट्रेलिया भेजने का आश्वासन दिया था। इस एवज में आरोपियों ने 28 लाख रुपये मांगे थे, जिसमें पांच लाख रुपये एडवांस देना तय हुआ था। विश्वास करके उसने गत वर्ष पांच नंबर को पांच लाख रुपये के साथ अपने बेटे का पासपोर्ट व दस्तावेज आरोपियों के हवाले कर दिए। 10 नवंबर को आरोपियों ने सूचना दी कि नीतीश का वीजा आ गया है। आरोपियों ने वीजा की कॉपी दिखाकर उससे साढ़े छह लाख रुपये नकद लिए थे। अगले दिन दोबारा आरोपी उनसे 10 लाख रुपये ले गए।
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इसी सप्ताह आरोपी ने 14 नवंबर को उसके बेटे की फ्लाइट करा दी, मगर आरोपियों ने बहाना बनाकर 10-15 बाद फ्लाइट कराने का आश्वासन दिया। इससे एक दिन पहले आरोपी पांच लाख रुपये और नकद ले गए। करीब दो महीने 12 जनवरी को आरोपियों ने उसके बेटे को इंडोनेशिया भेज दिया और उससे दिल्ली एयरपोर्ट पर 60 हजार रुपये लिए। इंडोनेशिया में उसका बेटा चार महीने तक रहा। इस दौरान आरोपी ने उससे बकाया रकम हड़प ली, मगर उसके बेटे को ऑस्ट्रेलिया नहीं पहुंचाया।
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उधर, थाना कृष्णा गेट में दर्ज शिकायत में प्रतिभा निवासी आजाद नगर ने बताया कि आरोपी कमल शर्मा व विनय ने 15 लाख रुपये में उसे स्टडी वीजा पर कनाडा भेजने का आश्वासन दिया था। 11 अप्रैल को आरोपी उससे दो लाख रुपये नकद, 75 हजार रुपये वीजा की कार्रवाई के लिए ऑनलाइन और करीब 23 हजार रुपये एंबेसी फीस के नाम पर ले गए। उसके बाद उसने सात मई को 25 हजार, अगले दिन दोबारा 25 हजार रुपये, 29 मई को 15 हजार तथा सात जून को 10 हजार रुपये ट्रांसफर किए थे। छह जून को उसने पासपोर्ट के साथ दो लाख रुपये नकद दिए थे।
आरोपी ने उससे कुल सात लाख रुपये जमा कराए, मगर उसका वीजा नहीं दिलाया। अब आरोपी उसका पासपोर्ट भी वापस नहीं कर रहे हैं। शिकायत पर पुलिस ने दोनों मामले दर्ज कर जांच शुरू कर दी।