{"_id":"62cb34030e2dcb57ba54936e","slug":"message-of-saving-environment-given-by-drama-kurukshetra-kurukshetra-news-knl11423814","type":"story","status":"publish","title_hn":"नाटक से दिया पर्यावरण बचाने का संदेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नाटक से दिया पर्यावरण बचाने का संदेश
विज्ञापन
पिंजौर के यादविंद्रा गार्डन में लघुनाटक की प्रस्तुति देते कलाकार। संवाद
- फोटो : Kurukshetra
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। हरियाणा कला परिषद व हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से 29वां मैंगो मेला पिंजौर के यादविंद्रा गार्डन में आयोजित किया गया। मेले में कुरुक्षेत्र के कलाकारों ने लघु नाटक के माध्यम से पर्यावरण बचाने का संदेश दिया। कलाकारों ने लघुनाटक ‘हमारी भी सुनो’ प्रस्तुत कर लोगों को हवा, पानी और पेड़ों का महत्व समझाते हुए उनकी रक्षा करने के लिए प्रेरित किया।
परिषद के मीडिया प्रभारी विकास शर्मा ने बताया कि पर्यावरण का संबंध हमारे आसपास की उन सभी चीजों से हैं जिनका हमारे जीवन में महत्वपूर्ण स्थान है। मानव के साझे प्रयास से ही पर्यावरण को स्वच्छ और सुरक्षित रखना होगा ताकि यह धरती हम सब के जीने योग्य बनी रहे। नाटक में दिखाया कि हवा, नदी और पेड़ बहुत अच्छे दोस्त हैं। हमेशा लोगों की सेवा करते हैं।
वहीं इंसान नदी किनारे पेड़ कटवाकर वहां एक मिल बनवा देता हैै, जिसका कचरा नदी में डाला जाता है। मिल के कारण पेड़ और नदी खत्म हो जाती है, तो वहीं मिल का धुआं हवा को दूषित करता है। दम तोड़ती हवा सभी से गुजारिश करती है कि अपने स्वार्थ के लिए पेड़ों, नदियों और हवा को नुकसान मत पहुंचाओ। प्रकृति के अनमोल संसाधनों को अगर हम अपने फायदे के लिए नष्ट करते रहे तो एक दिन सब लोग नष्ट हो जाएंगे। कलाकार तुषार खरोद, सुग्रीव, समीर मेहरा, पार्थ शर्मा, सैफिन लालर, चंचल शर्मा आदि ने पर्यावरण बचाने का संदेश दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
कुरुक्षेत्र। हरियाणा कला परिषद व हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से 29वां मैंगो मेला पिंजौर के यादविंद्रा गार्डन में आयोजित किया गया। मेले में कुरुक्षेत्र के कलाकारों ने लघु नाटक के माध्यम से पर्यावरण बचाने का संदेश दिया। कलाकारों ने लघुनाटक ‘हमारी भी सुनो’ प्रस्तुत कर लोगों को हवा, पानी और पेड़ों का महत्व समझाते हुए उनकी रक्षा करने के लिए प्रेरित किया।
परिषद के मीडिया प्रभारी विकास शर्मा ने बताया कि पर्यावरण का संबंध हमारे आसपास की उन सभी चीजों से हैं जिनका हमारे जीवन में महत्वपूर्ण स्थान है। मानव के साझे प्रयास से ही पर्यावरण को स्वच्छ और सुरक्षित रखना होगा ताकि यह धरती हम सब के जीने योग्य बनी रहे। नाटक में दिखाया कि हवा, नदी और पेड़ बहुत अच्छे दोस्त हैं। हमेशा लोगों की सेवा करते हैं।
विज्ञापन
वहीं इंसान नदी किनारे पेड़ कटवाकर वहां एक मिल बनवा देता हैै, जिसका कचरा नदी में डाला जाता है। मिल के कारण पेड़ और नदी खत्म हो जाती है, तो वहीं मिल का धुआं हवा को दूषित करता है। दम तोड़ती हवा सभी से गुजारिश करती है कि अपने स्वार्थ के लिए पेड़ों, नदियों और हवा को नुकसान मत पहुंचाओ। प्रकृति के अनमोल संसाधनों को अगर हम अपने फायदे के लिए नष्ट करते रहे तो एक दिन सब लोग नष्ट हो जाएंगे। कलाकार तुषार खरोद, सुग्रीव, समीर मेहरा, पार्थ शर्मा, सैफिन लालर, चंचल शर्मा आदि ने पर्यावरण बचाने का संदेश दिया।
विज्ञापन