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मर्ज कुछ था, इलाज कुछ और कर दिया

Tue, 06 Sep 2016 12:39 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, कुरूक्षेत्र
ब्यूरो/अमर उजाला, कुरूक्षेत्र Updated Tue, 06 Sep 2016 12:39 AM IST
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Merge was something and have some treatment, Kurukshetra
मर्ज कुछ था, इलाज कुछ और कर दिया - फोटो : Amar Ujala
 मर्ज कुछ और इलाज कुछ और। एक ऐसा ही आरोप जिला लोक संपर्क एवं निवारण कमेटी की मासिक बैठक में राज्यमंत्री कर्णदेव कांबोज के समक्ष पीड़ित के परिजन ने निजी अस्पताल के डॉक्टर पर लगाया है।
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पंचायत भवन में हुई बैठक में आजाद नगर कुरुक्षेत्र निवासी बिंदिया राणा ने शिकायत दी कि 2 दिसंबर 2015 को पैदा हुई इस नवजात बच्ची के इलाज में एक निजी अस्पताल में लापरवाही बरती गई। इस शिकायत को राज्यमंत्री ने गंभीरता से लिया और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभिन्न चिकित्सालयों की स्वास्थ्य संबंधी रिपोर्ट की जांच कराई जाए और यदि आरोप सही साबित हो तो दोषी डॉक्टर के खिलाफ परिजनों के माध्यम से एफआईआर कराई जाए।
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परिजनों का आरोप है कि कुरुक्षेत्र के निजी अस्पताल के डॉक्टर की लापरवाही के कारण उनकी बच्ची खतरे में आ गई। आरोप है कि इलाज के लिए 2 लाख 34 हजार 523 रुपये की राशि भी वसूली गई।
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डिप्टी सिविल सर्जन ने कहा कि निजी चिकित्सक के खिलाफ शिकायत के आधार पर जांच की गई थी। इसमें लापरवाही सामने आई है। आगामी कार्रवाई के लिए हरियाणा मेडिकल काउंसिल को सिफारिश की गई है।

उधर, निजी अस्पताल के आरोपी चिकित्सक का कहना है कि रात को लगभग ढाई बजे बच्ची को लेकर उसके परिजन अस्पताल आए थे। उस समय बच्ची का रंग नीला पड़ा हुआ था और दोनों फेफड़े फेल हो चुके थे। उसे काफी प्रयास कर अत्याधुनिक वेंटिलेटर पर रखते हुए उसकी जान बचाई और जब कुछ आराम लगा तो उन्होंने ही परिजनों को सलाह दी थी कि अब उसे दिल्ली लेकर जाए। उनके अस्पताल के कर्मचारी ही उसे एंबुलेंस से दिल्ली लेकर गए और अस्पताल के डॉक्टर को भी बच्ची के इलाज में तत्परता बरते जाने को कहा। हमने भरसक प्रयास कर बच्ची को बचाने का कार्य किया और परिजन अब बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं। अभी तक विभाग की ओर से मेडिकल काउंसिल को भी कोई सिफारिश नहीं की गई है। उनके अस्पताल में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरती गई और वह पूरे मामले में हर प्रकार से सामना करनेे के लिए तैयार हैं।
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