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Kurukshetra News: गीता जयंती आयोजन कमेटी के सदस्य सम्मानितर
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कुरुक्षेत्र। ब्रह्मसरोवर के तट पर श्री जयराम विद्यापीठ में पिछले करीब चार दशक से गीता जयंती महोत्सव भव्य रूप से आयोजित किया जाता है। हर वर्ष की भांति गीता जयंती महोत्सव 2024 के सफल आयोजन के बाद श्री जयराम विद्यापीठ में गीता जयंती आयोजन कमेटी के सदस्यों का एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया।
देशभर में संचालित श्री जयराम संस्थाओं के परमाध्यक्ष ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी द्वारा गीता जयंती आयोजन कमेटी के सभी सदस्यों को सम्मानित किया गया।
ब्रह्मचारी ने कहा कि कमेटी के सदस्यों की मेहनत एवं प्रयासों से पिछले चार दशकों से हर वर्ष गीता जयंती के कार्यक्रमों का भव्य एवं नया स्वरूप उभर कर सामने आ रहा है। गीता संदेश को विश्व के कोने कोने तक पहुंचाने में धर्मनगरी के स्थानीय लोगों के साथ धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाओं का भी विशेष योगदान है। श्री जयराम संस्थाएं देश भर में निरंतर प्रयासरत रहती हैं कि हर घर में गीता का पाठ हो और लोग अपने जीवन में गीता को अपनाएं।
ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी ने बताया कि ब्रह्मलीन गुरु देवेंद्र स्वरूप ब्रह्मचारी द्वारा शुरू हुई परंपरा के मुताबिक गीता जयंती के सात दिन तक प्रतिदिन गीता महायज्ञ एवं सैंकड़ों विद्वान ब्राह्मणों द्वारा निरंतर गीता के श्लोकों का पाठ होता है।
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चार दशकों से गीता जयंती के अवसर पर देश के प्रख्यात कथा वाचकों द्वारा संगीतमयी श्रीमद भागवत कथा का आयोजन होता है। विद्यापीठ हर वर्ष आयोजित होने सामूहिक विवाह समारोह कार्यक्रमों में अब तक करीब 25 सौ आर्थिक तौर पर कमजोर परिवारों की कन्याओं का सफलतापूर्वक विवाह हो चुका है।
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देशभर में संचालित श्री जयराम संस्थाओं के परमाध्यक्ष ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी द्वारा गीता जयंती आयोजन कमेटी के सभी सदस्यों को सम्मानित किया गया।
ब्रह्मचारी ने कहा कि कमेटी के सदस्यों की मेहनत एवं प्रयासों से पिछले चार दशकों से हर वर्ष गीता जयंती के कार्यक्रमों का भव्य एवं नया स्वरूप उभर कर सामने आ रहा है। गीता संदेश को विश्व के कोने कोने तक पहुंचाने में धर्मनगरी के स्थानीय लोगों के साथ धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाओं का भी विशेष योगदान है। श्री जयराम संस्थाएं देश भर में निरंतर प्रयासरत रहती हैं कि हर घर में गीता का पाठ हो और लोग अपने जीवन में गीता को अपनाएं।
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ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी ने बताया कि ब्रह्मलीन गुरु देवेंद्र स्वरूप ब्रह्मचारी द्वारा शुरू हुई परंपरा के मुताबिक गीता जयंती के सात दिन तक प्रतिदिन गीता महायज्ञ एवं सैंकड़ों विद्वान ब्राह्मणों द्वारा निरंतर गीता के श्लोकों का पाठ होता है।
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चार दशकों से गीता जयंती के अवसर पर देश के प्रख्यात कथा वाचकों द्वारा संगीतमयी श्रीमद भागवत कथा का आयोजन होता है। विद्यापीठ हर वर्ष आयोजित होने सामूहिक विवाह समारोह कार्यक्रमों में अब तक करीब 25 सौ आर्थिक तौर पर कमजोर परिवारों की कन्याओं का सफलतापूर्वक विवाह हो चुका है।