{"_id":"737a49be0be67d652d3e69d69403b59b","slug":"medicine-for-the-patient-and-wandered-timardar-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"दवा के लिए भटकते रहे मरीज और तीमारदार ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दवा के लिए भटकते रहे मरीज और तीमारदार
ब्यूरो/अमर उजाला,कुरुक्षेत्र
Updated Thu, 15 Oct 2015 12:48 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ई-फार्मेसी के विरोध में बुधवार को जिला कुरुक्षेत्र केमिस्ट एवं ड्रगिस्ट एसोसिएशन के बैनर तले जिलाभर में दवा विक्रेताओं ने अपनी दुकानें बंद रखी। इसका खामियाजा शहर वासियों के साथ ही जिला वासियों को भुगतना पड़ा। हालात ऐसे थे कि दवाइयां खरीदने के लिए मरीज और उनके तीमारदार इधर-उधर भटकते रहे।
विज्ञापन
हालांकि निजी नर्सिंग होम और प्राइवेट अस्पतालों में मेडिकल स्टोर खुले रहे और लोगों को वहां से दवाइयां लेनी पड़ीं। केमिस्ट एसोसिएशन के जिला प्रधान अशोक सिंगला और महासचिव नरेश गोयल के नेतृत्व में केमिस्ट एसोसिएशन के सदस्यों ने लघु सचिवालय पर प्रदर्शन किया। उन्होंने जिला उपायुक्त और थानेसर विधायक सुभाष सुधा को मांगों को लेकर ज्ञापन भी सौंपा।
विज्ञापन
हरियाणा केमिस्ट एवं ड्रगिस्ट एसोसिएशन के महासचिव और जिला कुरुक्षेत्र के अध्यक्ष अशोक सिंगला ने बताया कि ई फार्मेसी के विरोध में ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट (एआईओसीडी) के आह्वान पर पूरे प्रदेश में ड्रग्स एसोसिएशन ने एक दिवसीय बंद रखा है। जिले भर में 513 लाइसेंसी मेडिकल स्टोर हैं। उन्होंने कहा कि ई फार्मेसी से सीधे सीधे इन मेडिकल स्टोर और उन पर कार्यरत लोगों के परिवारों के रोजगार को तो संकट पैदा होगा ही, साथ ही लोगों की जिंदगी से भी सीधे सीधे खिलवाड़ होगा।
विज्ञापन
ये है केमिस्ट एसोसिएशन की मांग
1. ड्रग एवं कॉस्मेटिक एक्ट 1940 एवं रुल्स 1945 में इंटरनेट फामेर्सी का कोई प्रावधान नहीं है। अत: इंटरनेट फार्मेसी का प्रादुर्भाव अवैध एवं गैरकानूनी है।
2. इंटरनेट फार्मेसी से बिना ब्रांड एवं निमभन स्तर की दवाओं की बिक्री का रास्ता आसान हो जाएगा।
3. इंटरनेट फार्मेसी से एडवर्स ड्रग रिएक्शन का खतरा बढ़ जाएगा।
4. जनता के स्वास्थ्य पर दवाओं के अनावश्यक एवं अंधाधुंध इस्तेमाल से विपरीत असर होगा।
5. इंटरनेट फार्मेसी पर दवाओं की सहज उपलब्धता के कारण युवाओं में नशे की प्रवृति बढ़ने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।
6. देश के 8.50 लाख केमिस्ट, उनके 40 लाख परिजनों, 80 लाख कर्मचारियों एवं उनके करोड़ों परिजनों को आर्थिक झटका।
7. देश के ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले 80 प्रतिशत जनता को दवाओं की उपलब्धता का खतरा पैदा हो जाएगा।
परेशानी लोगों की जुबानी
मेरी पत्नी गर्भवती है। उसकी दवाइयां लेने कई मेडिकल स्टोर पर गया, लेकिन हड़ताल के कारण दुकानें बंद मिली। एलएनजेपी अस्पताल के आसपास के सभी मेडिकल स्टोर और रेलवे रोड के मेडिकल स्टोरों पर गया, लेकिन सभी स्टोर बंद मिले।
मनीष कुमार, निवासी सलारपुर रोड स्थित 7-बी कॉलोनी।
---
मेरे पेट में तेज दर्द है। इसकी दवाइयां नियमित रूप से चल रही हैं। बुधवार को डॉक्टर से चेकअप कराने के बाद दवाइयां लेने गया तो मेडिकल स्टोर ही बंद मिले। कई जगह चक्कर काटे लेकिन दवाई नहीं मिली।
रविंद्र, निवासी सैनी कॉलोनी।
-----
काफी देर से एक मेडिकल से दूसरे मेडिकल स्टोर पर जा रहा हूं, लेकिन हर मेडिकल स्टोर बंद मिल रहा है। मुझे दवाई की बहुत जरूरत है, लेकिन दवाई नहीं मिली।
विनोद, निवासी ज्योतिसर।
----
शहर के दो चक्कर लगा चुका हूं, लेकिन हर दुकान पर ताला लगा हुआ है। इसके चलते काफी परेशानी हो रही है। घूम-घूम कर मेरा बीपी बढ़ गया और दवाई कहीं से मिल नहीं रही तो ऐसे में मरीज क्या करें।
सुखविंद्र कंग, निवासी बचगांवा गामड़ी।
विधायक और डीसी को सौंपा ज्ञापन
एसोसिएशन के प्रदेश महासचिव एवं जिला प्रधान अशोक सिंगला के नेतृत्व में केमिस्ट एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने थानेसर विधायक सुभाष सुधा को मांगों का ज्ञापन सौंपा। विधायक ने उन्हें आश्वासन दिया है कि वे उनकी मांग को नियमानुसार सरकार तक पहुंचा देंगे। वहीं, एसोसिएशन पदाधिकारियों ने डीसी कुरुक्षेत्र को भी मांगों का ज्ञापन सौंपा।
ग्रामीण इलाकों में भी बंद रहे मेडिकल स्टोर
दवा विक्रेताओं की देशव्यापी हड़ताल के आह्वान पर शहर में दवा विक्रेताओं ने दुकानें बंद रखी और मांगों को लेकर शहर के मेन बाजार से होते हुए एसडीएम कार्यालय तक रोष मार्च निकाला और नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। मेडिकल स्टोर संचालक वीरभान सिंगला ने बताया कि सरकार द्वारा दवाओं को मंगवाने के लिए शुरू की गई ऑनलाइन प्रक्रिया से लाखों दवा विक्रेता व कर्मचारी प्रभावित होंगे।
उनके पास सरकार द्वारा जारी फार्मासिस्ट लाइसेंस हैं, लेकिन ऑनलाइन प्रक्रिया में दवा मंगवाने वालों के पास कोई लाइसेंस नहीं होगा। दवा विक्रेताओं की हड़ताल के चलते लोगों को दवाई ना मिलने के कारण काफी असुविधा का सामना करना पड़ा। इस मौके पर संजीव कुमार, गोपाल सलूजा, पंकज कुमार, हरजिन्द्र सिंह, बलबीर सिंह, राहूल, संजीव बंसल व राजिन्द्रपाल गोयल मौजूद रहे।