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मंडी में भीगा गेहूं, किसानों की बढ़ी मुश्किलें

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 28 Apr 2020 12:21 AM IST
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लगातार तीसरे दिन भी बारिश आ जाने से जिले की मंडियों में किसानों का व एजेंसियों द्वारा खरीदा गया गेहूं भीग गया। सोमवार को थानेसर में 3, लाडवा में 1, शाहाबाद में 3 व इस्माईलाबाद में 2.7 एमएम बारिश हुई। सुबह से आसमान में छाए काले बादलों के बाद दोपहर करीब डेढ़ बजे से लेकर 2 बजे तक चली बारिश से जहां गेहूं की खरीद प्रभावित हुई, वहीं मंडी में खुले आसमान ने नीचे रखी गेहूं की बोरियों के नीचे बारिश का पानी भर गया। 188 खरीद केंद्रों में से पिहोवा व बाबैन के खरीद केंद्र में बारिश न होने के चलते खरीद कार्य सुचारु रूप से जारी रहा। थानेसर अनाज मंडी के अलावा ब्रह्मसरोवर के आस-पास बनाई अस्थायी मंडियों में किसान खुले में पड़ी गेहूं को बारिश के बीच तिरपाल से ढ़क कर अपना पीला सोना बचाने का प्रयास करते रहे। लेकिन बारिश के साथ चली तेज हवाओं ने कई ढेरियों से तिरपाल उड़ा दी, जिससे बारिश का पानी गेहूं में चला गया।
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लॉकडाउन के चलते इस बार मंडियों में मजदूरों की कमी भारी कमी खल रही है। इस कमी का सीधा असर गेहूं के उठान पर दिखाई दे रहा है। खरीद एजेंसियों द्वारा मंडियों से अभी तक खरीदी गई गेहूं का 25 प्रतिशत उठान ही हो पाया है। इसके अलावा खेतों में पकी खड़ी गेेहूं की व काट कर घर के आंगन में रखी हुई गेहूं को लेकर किसानों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। क्योंकि मंडी में सिर्फ वही किसान अपनी फसल बेचने के लिए ला सकते हैं, जिनका पोर्टल पर पंजीकरण हुआ है और पंजीकरण के बाद जिन्हें गेहूं बेचने के लिए मैसेज भेजकर मंडी बुलाया जा रहा है। इसके अलावा कई किसानों का पोर्टल पर डाटा गलत भरे जाने से उन्हें अभी तक खरीद का कोई संदेश प्राप्त नहीं हुआ है। किसान गुरप्रीत सिंह, निर्मल संधू, नरेंद्र सिंह, कुलवंत सिंह, निशान सिंह, बलबीर, राहुल व पवन कुमार ने कहा कि फसल पकने के दौरान बारिश के कारण गेहूं में लस्टर लॉस आने की संभावना बढ़ गई है। ऐसे में किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य न मिल पाने का भय भी सता रहा है। उन्होंने कहा लॉकडाउन के चलते किसानों को फसल लगाने, काटने व मंडी तक लाने के लिए पहले ही भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसके बाद बारिश होने से परेशानी और ज्यादा बढ़ गई है।
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लस्टर लॉस में छूट की जाये प्रदान: मंडी प्रधान
मंडी प्रधान अजमेर सिंह व दयाल चंद ने कहा कि 24 अप्रैल को उन्हें हैफेड द्वारा एक पत्र प्राप्त हुआ, जिसमें लिखा था कि लस्टर लॉस वाली गेहूं की खरीद नहीं कि जाएगी। इस बात को लेकर उन्होंने सोमवार लस्टर लॉस पर छूट देने को लेकर उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि इस बार मार्च व अप्रैल में बेमौसमी बारिश काफी ज्यादा हुई है यह समय बारिश की पकाई का होता है, जिससे गेहूं में चमक आती है। लेकिन इस बारिश के कारण गेहूं में लस्टर लॉस (चमक रहित) हो गया है। इसलिए किसानों की मजबूरी को देखते हुए लस्टर लॉस पर छूट प्रदान की जाए। सरकारी एजेंसियां गेहूं आढ़ती के माध्यम से खरीदती हैं इसमे आढ़ती को भी किसी प्रकार का दोष नहीं है।
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